
NIT कुरुक्षेत्र में छात्रा की संदिग्ध मौत से हड़कंप, तीन महीने में चौथी घटना ने बढ़ाई चिंता
हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कुरुक्षेत्र में एक बार फिर एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे शैक्षणिक माहौल को झकझोर कर रख दिया है। प्रतिष्ठित संस्थान के गर्ल्स हॉस्टल में बीटेक की एक छात्रा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पंखे से लटका मिला। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।

मृतक छात्रा की पहचान दीक्षा दुबे के रूप में हुई है, जो बिहार के बक्सर जिले के बसौली गांव की निवासी थी। दीक्षा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कुरुक्षेत्र में बीटेक द्वितीय वर्ष की छात्रा थी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस जैसे उभरते क्षेत्र में पढ़ाई कर रही थी। वह कावेरी गर्ल्स हॉस्टल के कमरे नंबर 441 में रह रही थी।
घटना वाले दिन दीक्षा अपनी नियमित कक्षाएं अटेंड करने के बाद हॉस्टल लौट आई थी। उसके बाद वह अपने कमरे में ही थी। दोपहर के समय जब उसकी सहेलियां उससे मिलने पहुंचीं, तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। उन्होंने कई बार दरवाजा खटखटाया और आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। पहले तो उन्हें लगा कि वह आराम कर रही होगी, लेकिन जब काफी देर तक कोई जवाब नहीं आया, तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई।
स्थिति को गंभीर देखते हुए सहेलियों ने तुरंत हॉस्टल प्रशासन को सूचना दी। प्रशासन के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद खिड़की से अंदर झांककर देखा गया, तो जो दृश्य सामने आया उसने सभी को स्तब्ध कर दिया। कमरे के अंदर दीक्षा का शव पंखे से लटका हुआ था।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेर लिया। कमरे को सील कर दिया गया और फोरेंसिक विशेषज्ञों को बुलाकर जांच शुरू कर दी गई। पुलिस ने घटनास्थल से सबूत जुटाए, लेकिन अब तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में आत्महत्या के पीछे के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है। छात्रा के मोबाइल फोन, लैपटॉप और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच की जा रही है, ताकि किसी प्रकार का सुराग मिल सके। इसके अलावा हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राओं और दीक्षा के करीबी दोस्तों से भी पूछताछ की जा रही है, जिससे उसकी मानसिक स्थिति और हालिया गतिविधियों के बारे में जानकारी मिल सके।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने दीक्षा के परिवार को भी अवगत करा दिया। परिवार के सदस्य कुरुक्षेत्र के लिए रवाना हो चुके हैं और उनके पहुंचने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
इस घटना ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कुरुक्षेत्र में पढ़ रहे छात्रों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। खास बात यह है कि पिछले तीन महीनों में यह चौथी ऐसी घटना है, जिसने संस्थान की व्यवस्था और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छात्रों का कहना है कि पढ़ाई का दबाव, भविष्य की चिंता और व्यक्तिगत समस्याएं अक्सर उन्हें मानसिक रूप से कमजोर कर देती हैं। ऐसे में समय पर उचित मार्गदर्शन और काउंसलिंग बेहद जरूरी होती है। हालांकि संस्थान में काउंसलिंग सेवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन लगातार हो रही घटनाएं यह संकेत देती हैं कि कहीं न कहीं यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं है।
वहीं, संस्थान प्रशासन ने इस घटना के बाद आंतरिक जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की बात कही है। हॉस्टल में निगरानी बढ़ाने और छात्रों के लिए बेहतर काउंसलिंग व्यवस्था लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है।
थर्ड गेट चौकी प्रभारी विनोद कुमार के अनुसार, फिलहाल सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं और हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की पुष्टि जरूरी है।
यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करती है कि शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की जरूरत है। केवल पढ़ाई और करियर ही नहीं, बल्कि छात्रों के भावनात्मक और मानसिक संतुलन पर भी ध्यान देना बेहद आवश्यक है।
समाज, परिवार और संस्थान को मिलकर एक ऐसा माहौल तैयार करना होगा, जहां छात्र अपनी समस्याओं को खुलकर साझा कर सकें और उन्हें समय पर सहायता मिल सके। फिलहाल, सभी की नजरें जांच के परिणाम पर टिकी हैं, जो इस दुखद घटना के पीछे की सच्चाई को सामने लाएगा।



