
रेवाड़ी-धारूहेड़ा निकाय चुनाव को लेकर भाजपा की तेज़ी, प्रत्याशी चयन के लिए तैयार हो रहा तीन नामों का पैनल
रेवाड़ी और धारूहेड़ा में प्रस्तावित नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां काफी हद तक बढ़ा दी हैं और संगठन स्तर पर लगातार बैठकें कर रणनीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है। पार्टी का लक्ष्य इस चुनाव में मजबूत स्थिति बनाना है, जिसके लिए प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।

इसी क्रम में शुक्रवार को रेवाड़ी में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें चुनाव प्रभारी और खेल मंत्री गौरव गौतम तथा सह प्रभारी और प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पुनिया ने जिले के वरिष्ठ नेताओं के साथ विस्तृत चर्चा की। बैठक करीब दो घंटे से अधिक समय तक चली, जिसमें चेयरमैन और वार्ड स्तर के संभावित प्रत्याशियों के नामों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, भाजपा इस बार प्रत्याशियों के चयन में विशेष सावधानी बरत रही है। हर वार्ड और चेयरमैन पद के लिए तीन-तीन नामों का पैनल तैयार किया जाएगा। यह पैनल प्रदेश चुनाव समिति को भेजा जाएगा, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि रविवार तक यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
बैठक में संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई। भाजपा इस चुनाव को केवल स्थानीय स्तर का चुनाव नहीं मान रही, बल्कि इसे बड़े राजनीतिक मुकाबले के रूप में देख रही है। यही कारण है कि पार्टी इसे विधानसभा चुनाव की तर्ज पर लड़ने की योजना बना रही है।
बैठक की शुरुआत पार्टी के कोर ग्रुप के साथ हुई, जिसमें कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इनमें रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण सिंह यादव, बावल के विधायक डॉ. कृष्ण कुमार, जिला अध्यक्ष डॉ. वंदना पोपली, राज्य समन्वयक डॉ. सतीश खोला और अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
इस बैठक में सबसे पहले चुनावी व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। इसके बाद रेवाड़ी और धारूहेड़ा दोनों क्षेत्रों के लिए अलग-अलग चुनाव समितियों का गठन किया गया, ताकि चुनावी गतिविधियों को व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा सके। साथ ही, सेक्टर-5 में चुनावी कार्यालय खोलने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया, जिससे कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए एक केंद्रीकृत स्थान उपलब्ध हो सके।
बैठक के दौरान वरिष्ठ नेताओं से चेयरमैन और वार्ड पार्षद पदों के लिए संभावित उम्मीदवारों के नामों पर सुझाव लिए गए। इस प्रक्रिया में स्थानीय स्तर पर सक्रिय और लोकप्रिय नेताओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। पार्टी का मानना है कि सही उम्मीदवार का चयन ही चुनाव जीतने की कुंजी होता है।
भाजपा ने जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए भी विशेष योजना बनाई है। निर्णय लिया गया कि 18 और 19 अप्रैल को शहर के सभी 32 वार्डों में संगठनात्मक बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों के लिए अलग-अलग आयोजकों और वक्ताओं की नियुक्ति की गई है, जो कार्यकर्ताओं को सक्रिय करेंगे और चुनावी रणनीति को नीचे तक पहुंचाएंगे।
इन बैठकों के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनावी मुद्दों से अवगत कराया जाएगा और जनता की समस्याओं को समझने का प्रयास किया जाएगा। इससे उम्मीदवार चयन में भी मदद मिलेगी, क्योंकि स्थानीय जनता की राय को भी ध्यान में रखा जाएगा।
रविवार तक सभी बैठकों के पूरा होने के बाद तीन-तीन नामों का पैनल तैयार कर प्रदेश चुनाव समिति को भेजा जाएगा। इसके बाद नई दिल्ली में होने वाली बैठक में इन नामों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा और उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी। संभावना है कि 19 अप्रैल की देर रात या 20 अप्रैल तक उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक कर दिए जाएंगे।
दूसरी ओर, प्रशासन भी चुनाव को लेकर पूरी तरह सतर्क हो गया है। राज्य चुनाव आयुक्त देवेंद्र सिंह कल्याण ने सोनीपत में अधिकारियों के साथ बैठक कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जाए।
विशेष रूप से राजस्थान से लगती सीमा पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सीमा पर नाके लगाकर 24 घंटे जांच करने को कहा गया है, ताकि चुनाव के दौरान किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों को रोका जा सके। चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट किया कि किसी भी कीमत पर आचार संहिता का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसके अलावा, अवैध शराब, नकदी और अन्य प्रलोभनों के वितरण को रोकने के लिए भी सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस और प्रशासन को मिलकर इस दिशा में काम करने को कहा गया है।
इस बैठक में उपायुक्त अभिषेक मीणा और अतिरिक्त उपायुक्त राहुल मोदी सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, रेवाड़ी और धारूहेड़ा निकाय चुनाव को लेकर तैयारियां अपने चरम पर पहुंच चुकी हैं। भाजपा जहां संगठनात्मक मजबूती और सही उम्मीदवारों के चयन पर जोर दे रही है, वहीं प्रशासन भी निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सक्रिय है। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही चुनावी माहौल और भी गरमा जाएगा और राजनीतिक गतिविधियां तेज हो जाएंगी।



