
दक्षिण दिल्ली में खून से सना विवाद: पैसों की तनातनी ने ली पिता-पुत्र की जान, पड़ोसी फरार
दिल्ली के दक्षिणी इलाके अलकनंदा में स्थित तारा अपार्टमेंट से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने शहर की शांति को झकझोर दिया है। यहां एक मामूली दिखने वाला पैसों और पार्किंग का विवाद इतना बढ़ गया कि उसने दो लोगों की जान ले ली। एक ही परिवार के पिता और बेटे की बेरहमी से चाकू मारकर हत्या कर दी गई, जबकि उनका एक रिश्तेदार गंभीर रूप से घायल हो गया। इस वारदात ने न सिर्फ इलाके में दहशत फैला दी, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर कर दिया कि छोटे-छोटे विवाद किस तरह भयावह रूप ले सकते हैं।

पुलिस के अनुसार, घटना शुक्रवार शाम करीब 6:15 बजे की है। आरोपी, जो उसी अपार्टमेंट का निवासी बताया जा रहा है, ने पीड़ित परिवार के सदस्यों को किसी बहाने से उनके फ्लैट से बाहर बुलाया। उस समय घर में 60 वर्षीय व्यक्ति, उनका 30 वर्षीय बेटा और एक भतीजा मौजूद थे। जैसे ही वे बाहर आए, पहले से तनाव में चल रहे संबंधों के चलते दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई।
बताया जा रहा है कि आरोपी और पीड़ित परिवार के बीच पिछले एक साल से पैसों के लेन-देन और पार्किंग को लेकर विवाद चल रहा था। कई बार दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक भी हो चुकी थी। लेकिन इस बार मामला नियंत्रण से बाहर हो गया और आरोपी ने गुस्से में आकर हिंसक कदम उठा लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बहस के दौरान आरोपी ने अचानक एक तेज धार वाला हथियार निकाला और तीनों पर हमला कर दिया। उसने पिता और पुत्र पर लगातार कई वार किए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। भतीजे को भी निशाना बनाया गया, लेकिन उसे अपेक्षाकृत कम चोटें आईं और वह किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहा।
हमले के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायलों को अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई। लेकिन तब तक पिता और बेटे की हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घायल भतीजे का इलाज जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि उसका बयान मामले की जांच में अहम भूमिका निभाएगा।
दक्षिणी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस को पीसीआर कॉल के जरिए सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची टीम ने पाया कि तीन लोगों पर धारदार हथियार से हमला किया गया है, जिसमें दो की मौत हो चुकी है। आरोपी की पहचान कर ली गई है, लेकिन वह घटना के बाद से फरार है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी तारा अपार्टमेंट के ही एक अन्य ब्लॉक में रहता है और घटना के तुरंत बाद मौके से भाग निकला। उसकी तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं और आसपास के इलाकों में छापेमारी की जा रही है। साथ ही, सीसीटीवी फुटेज को खंगालकर आरोपी की गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
मृतकों में 30 वर्षीय युवक की पहचान करण सूद के रूप में हुई है, जबकि उसके पिता की उम्र करीब 60 वर्ष बताई गई है। परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटियां हैं, जो इस घटना के बाद गहरे सदमे में हैं। यह परिवार पिछले करीब 15 वर्षों से इस अपार्टमेंट में रह रहा था और संपत्ति के कारोबार से जुड़ा हुआ था।
जांच में सामने आया है कि आरोपी और पीड़ितों के बीच आर्थिक लेन-देन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। इसके अलावा पार्किंग को लेकर भी दोनों पक्षों में कई बार झगड़ा हो चुका था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस हमले की पहले से कोई योजना बनाई गई थी या यह अचानक गुस्से में लिया गया फैसला था।
घटनास्थल से पुलिस ने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। फॉरेंसिक टीम ने मौके का निरीक्षण कर खून के नमूने और अन्य सुराग एकत्र किए हैं। हथियार की तलाश भी की जा रही है, जिसे आरोपी अपने साथ ले गया हो सकता है।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि शहरी जीवन में बढ़ते तनाव और आपसी मतभेद किस तरह हिंसा में बदल सकते हैं। खासकर जब विवाद लंबे समय तक सुलझाए नहीं जाते, तो वे धीरे-धीरे गंभीर रूप ले लेते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते दोनों पक्षों के बीच समझौता हो जाता या पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाती, तो शायद यह घटना टल सकती थी। लेकिन आपसी गुस्से और अहंकार ने स्थिति को इतना बिगाड़ दिया कि उसका अंत दो लोगों की मौत के रूप में हुआ।
फिलहाल पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा। इस घटना ने पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है और लोग अब अपने आसपास के माहौल को लेकर अधिक सतर्क हो गए हैं।
अंत में, यह दोहरा हत्याकांड एक कड़वी सच्चाई को उजागर करता है—छोटे-छोटे विवादों को नजरअंदाज करना या उन्हें बढ़ने देना कभी-कभी बेहद घातक साबित हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि हम संवाद और समझदारी के जरिए समस्याओं का समाधान करें, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।



