
अप्रैल में ही तपने लगा अंबाला: 39.3 डिग्री तापमान ने बढ़ाई गर्मी, मौसम में हल्के बदलाव के आसार
हरियाणा के Ambala में गर्मी ने इस बार समय से पहले ही अपना तीखा रूप दिखाना शुरू कर दिया है। अप्रैल के महीने में ही तापमान का 39 डिग्री के पार पहुंचना लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। वीरवार को दर्ज किए गए तापमान ने न केवल इस सीजन का रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि आने वाले दिनों में और अधिक गर्मी पड़ने के संकेत भी दे दिए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, शहर में अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब चार डिग्री ज्यादा है। वहीं न्यूनतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस रहा। यह इस मौसम का अब तक का सबसे अधिक तापमान है, जिसने साफ कर दिया है कि गर्मी अब पूरी तरह से सक्रिय हो चुकी है।
दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ। दोपहर के समय बाजारों में भीड़ कम देखने को मिली और लोग जरूरी काम के अलावा घरों से बाहर निकलने से बचते नजर आए। सड़कों पर भी आवाजाही सामान्य दिनों के मुकाबले कम रही। गर्मी का असर खासकर उन लोगों पर ज्यादा पड़ा, जो खुले में काम करते हैं, जैसे मजदूर, रिक्शा चालक और डिलीवरी कर्मी।
विशेषज्ञों का मानना है कि अप्रैल में इस तरह का तापमान असामान्य नहीं तो कम से कम सामान्य से अधिक जरूर है। इससे यह संकेत मिलता है कि इस साल गर्मी का प्रकोप ज्यादा हो सकता है। यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा, तो मई और जून में हालात और कठिन हो सकते हैं।
India Meteorological Department (आईएमडी) के अनुसार, हालांकि आने वाले कुछ दिनों में मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विशेषज्ञों ने बताया है कि 20 अप्रैल तक राज्य में मौसम परिवर्तनशील बना रह सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, 17 और 18 अप्रैल को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में हल्का बदलाव संभव है। इस दौरान आसमान में आंशिक बादल छा सकते हैं और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है। हालांकि यह बारिश बहुत अधिक नहीं होगी, लेकिन इससे तापमान में थोड़ी राहत मिल सकती है।
इसके अलावा, राजस्थान के ऊपर बन रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन का भी असर हरियाणा के मौसम पर पड़ सकता है। इसके कारण हवा की दिशा में बदलाव आएगा और कुछ समय के लिए मौसम थोड़ा सुहावना हो सकता है। 17 और 18 अप्रैल को हल्की से मध्यम गति की हवाएं चलने की संभावना है, जिससे गर्मी की तीव्रता थोड़ी कम हो सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन दो दिनों के बाद 19 और 20 अप्रैल को मौसम फिर से साफ और शुष्क हो जाएगा। इसके साथ ही दिन के तापमान में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। इस प्रकार दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ेगा, जो स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
गर्मी के इस बढ़ते प्रभाव को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में शरीर में पानी की कमी होने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। इसके अलावा धूप में निकलते समय सिर को ढकना और हल्के कपड़े पहनना भी जरूरी है।
खासकर बच्चों और बुजुर्गों को इस मौसम में विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए और यदि बाहर जाना जरूरी हो, तो पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। लू से बचाव के लिए छांव में रहना और समय-समय पर तरल पदार्थों का सेवन करना जरूरी है।
किसानों के लिए भी यह मौसम महत्वपूर्ण है। मौसम में संभावित बदलाव और हल्की बारिश का असर फसलों पर पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार अपनी गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए, ताकि उन्हें किसी प्रकार का नुकसान न हो।
इस बार अप्रैल में ही तापमान का इतना अधिक होना यह संकेत देता है कि आने वाले महीनों में गर्मी का प्रभाव और अधिक बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन को भी सतर्क रहने की जरूरत है। पानी की आपूर्ति, बिजली की व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना जरूरी होगा, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
अंततः, अंबाला में बढ़ती गर्मी यह दर्शाती है कि मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। हालांकि बीच-बीच में हल्के बदलाव के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन कुल मिलाकर गर्मी का प्रभाव बढ़ने की संभावना अधिक है।
लोगों को इस समय सावधानी बरतने और अपनी सेहत का ध्यान रखने की जरूरत है। यदि समय रहते उचित कदम उठाए जाएं, तो गर्मी के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आने वाले दिनों में मौसम का रुख कैसा रहेगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।



