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सरसोद गांव की बेटी प्रिया चौधरी ने एक मिसाल कायम की है जो समाज के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने बिना दहेज के शादी की और इसके बजाय दान के रूप में एक रुपया और एक पौधा दिया।

सरसोद गांव की बेटी प्रिया चौधरी ने एक मिसाल कायम की है जो समाज के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने बिना दहेज के शादी की और इसके बजाय दान के रूप में एक रुपया और एक पौधा दिया।

सरसोद गांव की बेटी प्रिया चौधरी ने एक मिसाल कायम की है जो समाज के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने बिना दहेज के शादी की और इसके बजाय दान के रूप में एक रुपया और एक पौधा दिया।

यह शादी 9 फरवरी, 2025 को मुजफ्फरनगर के श्री प्रशांत देशवाल जी के बेटे श्री निखिल देशवाल के साथ हुई। इस शादी में एक अनोखी बात यह थी कि दान के रूप में एक रुपया और एक पौधा दिया गया, जो कि एक सामाजिक संदेश है कि दहेज की प्रथा को समाप्त करने की आवश्यकता है।

प्रिया चौधरी की माता श्रीमती संतोष मेहड़ा एक जानीमानी पर्यावरणविद, शिक्षाविद और समाज कार्यकर्ता हैं। उनकी बेटी प्रिया चौधरी ने भी अपनी माता की तरह एक सामाजिक संदेश दिया है जो कि समाज के लिए एक प्रेरणा है।

यह शादी एक उदाहरण है कि कैसे हम अपनी पारंपरिक प्रथाओं को बदल सकते हैं और एक बेहतर समाज की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं। प्रिया चौधरी और उनके परिवार को इस अनोखी शादी के लिए बधाई।

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