
कांशीराम की 91वी जयंती पर विशेष: अपार गरीबी,बेरोजगारी, शोषण अत्याचार साम्प्रदायिक हिंसा को दूर करने के लिए सत्ता की मास्टर चाबी जरूरी, कांशीराम
कांशीराम की 91वी जयंती पर विशेष: अपार गरीबी,बेरोजगारी, शोषण अत्याचार साम्प्रदायिक हिंसा को दूर करने के लिए सत्ता की मास्टर चाबी जरूरी, कांशीराम
कांशीराम की 91वी जयंती पर विशेष:
अपार गरीबी,बेरोजगारी, शोषण अत्याचार साम्प्रदायिक हिंसा को दूर करने के लिए सत्ता की मास्टर चाबी जरूरी, कांशीराम
ओमप्रकाश डाबला कोसली
बसपा संस्थापक मान्यवर कांशीराम की जयंती 15 मार्च को देश के कोने कोने में उनके समर्थकों द्वारा श्रद्धापूर्वक मनाई जाती है
मान्यवर कांशीराम अक्सर कहा करते थे बहुजनों को अपार गरीबी, बेरोजगारी, शोषण, अत्याचार, पिछड़ेपन, जातिवाद, साम्प्रदायिक हिंसा और तनाव आदि के त्रस्त जीवन से मुक्ति के लिए सत्ता की मास्टर चाबी हासिल करना जरूरी है। वे जीवन भर गरीबी, बेरोजगारी, शोषण, अत्याचार, जातिवाद और सांप्रदायिक हिंसा को समाप्त करने के पक्षधर रहे। ‘बहुजन समाज पार्टी के जन्मदाता व संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी को आज उनके जन्मदिन पर बहुजन समाज उन्हें देश भर में शत-शत नमन, माल्यार्पण, श्रद्धा-सुमन अर्पित कर रहे है।
उन्होंने कहा था बहुजन समाज’ को अपार गरीबी, बेरोजगारी, शोषण, अत्याचार, पिछड़ेपन, जातिवाद, साम्प्रदायिक हिंसा व तनाव आदि के त्रस्त जीवन से मुक्ति के लिए अपने कीमती वोट की ताकत को समझकर अपना उद्धार स्वंय करने योग्य बनने एवं सत्ता की मास्टर चाबी प्राप्त करना जरूरी, यही आज के दिन का उच्च संदेश।’
कांशीराम की जयंती पर बहुजन समाज के अलावा, भाजपा, सपा, कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
‘महान समाज सुधारक, मान्यवर कांशीराम जी ने दलितों, वंचितों और शोषितों के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष, सामाजिक न्याय की इस लड़ाई में हमारा हर कदम पर मार्गदर्शन करता रहेगा।’


