
लूडो के खेल में शुरू हुआ झगड़ा बना हत्या की वजह, दोस्त ने ही मार दी गोली
बिहार के Bhagalpur जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मामूली खेल के दौरान हुआ विवाद एक युवक की मौत का कारण बन गया। लूडो खेलते समय हुई कहासुनी इतनी बढ़ गई कि गुस्से में एक युवक ने अपने ही जिगरी दोस्त पर गोली चला दी। इस घटना में पूर्व सैनिक के बेटे ऋषभ झा की मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए 24 घंटे के भीतर पूरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया और मुख्य आरोपी समेत कई युवकों को गिरफ्तार कर लिया।

यह घटना Pirpainti क्षेत्र में नौ मार्च की शाम हुई थी। मृतक की पहचान ऋषभ झा के रूप में हुई है, जो एक पूर्व सैनिक का बेटा था। बताया जा रहा है कि उसकी हत्या उसके करीबी दोस्त सौरभ कुमार उर्फ अंकित गुप्ता ने अपने अन्य दोस्तों की मदद से की थी।
घटना के बाद आरोपी और उसके साथियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश भी की। उन्होंने यह कहानी गढ़ी कि दो अज्ञात बाइक सवार अपराधियों ने आकर गोली चलाई और मौके से फरार हो गए। लेकिन पुलिस की जांच में यह कहानी ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी और सच्चाई सामने आ गई।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए Pramod Kumar Yadav ने दस मार्च 2026 को विशेष जांच टीम का गठन किया। यह टीम Pankaj Kumar के नेतृत्व में बनाई गई थी। टीम में स्थानीय पुलिस अधिकारियों को भी शामिल किया गया, जिनमें पीरपैंती थानाध्यक्ष भी शामिल थे।
पुलिस ने तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर घटना की परतें खोलनी शुरू कीं। जांच के दौरान पुलिस को यह जानकारी मिली कि जिस समय गोली चली, उस समय ऋषभ और उसके पांच दोस्त एक ही जगह मौजूद थे। इसके बावजूद मुख्य आरोपी सौरभ ने पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी और लगातार झूठी कहानी सुनाता रहा।
जानकारी के अनुसार, गोली लगने के बाद ऋषभ जमीन पर तड़प रहा था। उस समय उसके साथ मौजूद दोस्तों ने घबराकर पुलिस को सूचना देने के बजाय उसे छिपाने की कोशिश की। बाद में सभी दोस्त मिलकर उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए, लेकिन वहां भी उन्होंने सच्चाई छिपाने की कोशिश की।
पहले उसे स्थानीय रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां भी घटना के बारे में सही जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद उसे इलाज के लिए Jawaharlal Nehru Medical College and Hospital Mayaganj ले जाया गया। लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस को इस मामले की जानकारी बाद में मिली। जब पुलिस ने जांच शुरू की तो कई बातें संदिग्ध लगीं। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बयान के आधार पर सौरभ से सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान वह ज्यादा देर तक सच छिपा नहीं सका और आखिरकार टूट गया।
उसने पुलिस के सामने कबूल कर लिया कि गोली उसी से चली थी। इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर उसके अन्य दोस्तों भानु कुमार, प्रीतम कुमार, राहुल कुमार और दीपक कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस और एक खाली खोखा भी बरामद कर लिया।
जांच में सामने आया कि घटना के दिन सभी दोस्त एक जगह बैठकर लूडो खेल रहे थे। इसी दौरान खेल में किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि खेल के दौरान ऋषभ की गोटी कट गई थी, जिसके बाद दोनों के बीच मजाक और तकरार शुरू हो गई।
धीरे-धीरे यह तकरार बढ़कर झगड़े में बदल गई। इसी दौरान सौरभ गुस्से में आ गया और उसने अपने पास मौजूद पिस्टल निकाल लिया। बताया जा रहा है कि कुछ महीने पहले यही पिस्टल ऋषभ ने ही सौरभ को दिलाने में मदद की थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब सौरभ ने पिस्टल निकाली तो ऋषभ ने उसे मजाकिया अंदाज में कहा, “हमरे बिल्ली हमीं से म्याऊं।” यह बात सुनकर सौरभ और भड़क गया। इसी दौरान उसके हाथ से पिस्टल का ट्रिगर दब गया और गोली सीधे ऋषभ के पेट में जा लगी।
गोली लगते ही ऋषभ जमीन पर गिर पड़ा और दर्द से तड़पने लगा। यह देखकर वहां मौजूद बाकी दोस्त घबरा गए। उन्होंने पुलिस को सूचना देने के बजाय पहले खुद ही मामले को संभालने की कोशिश की।
इसके बाद सभी ने मिलकर एक कहानी बना ली कि दो नकाबपोश अपराधियों ने बाइक से आकर गोली चलाई और फरार हो गए। इसी कहानी के आधार पर उन्होंने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।
लेकिन पुलिस ने जब घटना की गहराई से जांच की तो यह कहानी झूठी साबित हो गई। मोबाइल लोकेशन, घटनास्थल की परिस्थितियों और आरोपियों के बयान में विरोधाभास मिलने के बाद पुलिस को शक हो गया।
आखिरकार सख्त पूछताछ में सौरभ ने अपना अपराध कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने मामले में शामिल अन्य युवकों को भी गिरफ्तार कर लिया।
एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि यह हत्या दोस्तों के बीच हुए विवाद का नतीजा है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने 24 घंटे के अंदर मामले का खुलासा कर दिया है और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। एक मामूली खेल के दौरान हुई बहस किस तरह एक युवक की जान ले सकती है, यह घटना उसी का दर्दनाक उदाहरण बन गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऋषभ और सौरभ दोनों बचपन के दोस्त थे और अक्सर साथ ही समय बिताते थे। लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि एक दिन उनका यही दोस्ताना रिश्ता इतनी भयानक घटना में बदल जाएगा।
