
बंद कमरे में मिली तीन लाशों का रहस्य सुलझा, जहर पीकर गला काटने का चौंकाने वाला मामला
उत्तर प्रदेश के Fatehpur जिले में सामने आए तीन लोगों की मौत के मामले ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। शुरुआत में इसे ट्रिपल मर्डर यानी तीन हत्याओं का मामला माना जा रहा था, लेकिन पुलिस जांच आगे बढ़ने के साथ कहानी ने ऐसा मोड़ लिया जिसने सभी को हैरान कर दिया। जांच में अब यह मामला सामूहिक आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसने इस पूरे घटनाक्रम की दिशा बदल दी है।

यह घटना Kotwali Police Station Area Fatehpur क्षेत्र की है, जहां एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतकों की पहचान 55 वर्षीय सुशीला, उनके 28 वर्षीय बेटे अमर और 53 वर्षीय देवर सुनील के रूप में हुई है। तीनों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से पहले पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। जब पुलिस को घटना की सूचना मिली तो शुरुआती हालात देखकर यह मामला हत्या का लग रहा था।
जानकारी के मुताबिक, जिस घर में यह घटना हुई वह अंदर से बंद था। मृतका सुशीला के पति जब घर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद है और काफी देर तक आवाज देने के बावजूद अंदर से कोई जवाब नहीं आ रहा है। इस पर उन्होंने पड़ोसियों को बुलाया और सभी ने मिलकर दरवाजा खुलवाने की कोशिश की।
जब दरवाजा खुला तो अंदर का दृश्य बेहद भयावह था। कमरे के अंदर मां और बेटे की लाशें पड़ी हुई थीं। दोनों के शरीर पर गंभीर चोट के निशान थे और खून भी फैला हुआ था। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए। इस दौरान परिवार के तीसरे सदस्य सुनील को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी गई। शुरुआत में मामला बेहद उलझा हुआ लग रहा था, क्योंकि तीन लोगों की मौत और कमरे का अंदर से बंद होना कई सवाल खड़े कर रहा था। लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने सबूत जुटाने शुरू किए, मामले की तस्वीर धीरे-धीरे साफ होने लगी।
जांच के दौरान पुलिस को कमरे से सल्फास की गोलियां और एक ब्लेड बरामद हुआ। फॉरेंसिक जांच में यह बात सामने आई कि तीनों ने पहले पानी में सल्फास घोलकर पिया था। इसके बाद उन्होंने ब्लेड से अपने हाथों और गले पर वार किया। कमरे में किसी तरह की हाथापाई या संघर्ष के निशान नहीं मिले, जिससे यह संभावना मजबूत हुई कि यह घटना किसी बाहरी हमले की नहीं बल्कि आत्महत्या की है।
इस मामले में सबसे बड़ा खुलासा उस समय हुआ जब पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट मिला। यह सुसाइड नोट काफी लंबा और विस्तार से लिखा गया था। इसमें परिवार की परेशानियों और मानसिक तनाव का जिक्र किया गया है।
सुसाइड नोट में एक स्थानीय वकील का नाम भी सामने आया है। नोट के मुताबिक कुछ लोग लंबे समय से परिवार को मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे और उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा था। नोट में लिखा गया है कि उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी जा रही थी।
परिवार ने सुसाइड नोट में यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें SC-ST Act के तहत झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही थी। इस वजह से परिवार बेहद तनाव में था और उन्हें डर था कि यदि उनके खिलाफ ऐसा मामला दर्ज हो गया तो उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
नोट में यह भी लिखा गया है कि लगातार मिल रही धमकियों और सामाजिक बदनामी के डर ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया था। आखिरकार उन्होंने इस परेशानी से छुटकारा पाने के लिए यह खौफनाक कदम उठा लिया।
इस मामले को लेकर Jyoti Narayan ने बताया कि शुरुआती जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर यह मामला सामूहिक आत्महत्या का लग रहा है। उन्होंने कहा कि कमरे से सल्फास और ब्लेड बरामद हुए हैं, जो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि तीनों ने खुद ही अपनी जान ली।
एडीजी के अनुसार सुसाइड नोट में कुछ लोगों के नाम लिखे गए हैं, जिन पर परिवार को परेशान करने और ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस उन सभी लोगों की पहचान कर रही है और उनसे पूछताछ की जा रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद से इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और फॉरेंसिक टीम भी मौके से सबूत जुटाने में लगी हुई है। पुलिस सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की भी जांच करवा रही है ताकि यह पुष्टि हो सके कि वह नोट वास्तव में मृतकों में से किसी ने ही लिखा था।
इसके अलावा पुलिस परिवार के अन्य रिश्तेदारों, पड़ोसियों और जान-पहचान के लोगों से भी पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि आखिर वह कौन लोग थे जिनकी वजह से पूरा परिवार इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर हो गया।
फिलहाल यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ही परिवार के तीन लोगों की इस तरह दर्दनाक मौत ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। लोग यह सोचने पर मजबूर हैं कि आखिर किस तरह का मानसिक दबाव रहा होगा जिसने पूरे परिवार को एक साथ मौत को गले लगाने पर मजबूर कर दिया।
पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और जल्द ही इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं का खुलासा किया जाएगा। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस दुखद घटना के पीछे असली जिम्मेदार कौन है।



