
तिलक समारोह से 4 साल की बच्ची का अपहरण, 3 घंटे में पुलिस ने आरोपी को दबोचकर बचाई मासूम
उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक तिलक समारोह के दौरान चार साल की मासूम बच्ची का अपहरण कर लिया गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई और लोगों की सतर्कता की वजह से बच्ची को महज तीन घंटे के भीतर सुरक्षित बरामद कर लिया गया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी युवक को भी गिरफ्तार कर लिया है।

यह घटना शहर के Umang Lawn में आयोजित एक तिलक समारोह के दौरान हुई। जानकारी के अनुसार, एक कारोबारी अपने परिवार के साथ इस समारोह में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। उनके साथ उनकी चार साल की बेटी भी थी, जो समारोह के दौरान लॉन में इधर-उधर खेल रही थी।
समारोह में बड़ी संख्या में मेहमान मौजूद थे और सभी लोग कार्यक्रम में व्यस्त थे। इसी दौरान बच्ची के माता-पिता भी अन्य रिश्तेदारों और मेहमानों के साथ बातचीत में व्यस्त हो गए। इसी मौके का फायदा उठाकर एक युवक बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया।
बताया जा रहा है कि आरोपी युवक का नाम सर्वेश रावत है, जिसकी उम्र करीब 36 साल है। वह शराब के नशे में था और समारोह के आसपास ही घूम रहा था। मौका मिलते ही उसने मासूम बच्ची से दोस्ती करने का नाटक किया और उसका हाथ पकड़कर धीरे-धीरे लॉन से बाहर निकल गया।
कुछ देर बाद जब बच्ची के माता-पिता ने उसे आसपास नहीं देखा तो वे चिंतित हो गए। उन्होंने तुरंत रिश्तेदारों और अन्य लोगों से पूछताछ शुरू की, लेकिन बच्ची कहीं नजर नहीं आई। इसके बाद पूरे समारोह में हड़कंप मच गया।
परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस सक्रिय हो गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई। इसी दौरान लॉन में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें एक युवक बच्ची का हाथ पकड़कर उसे बाहर ले जाता हुआ दिखाई दिया।
फुटेज देखने के बाद पुलिस को साफ हो गया कि बच्ची का अपहरण किया गया है। इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में तुरंत तलाशी अभियान शुरू कर दिया।
इधर आरोपी बच्ची को लेकर सड़क की ओर बढ़ रहा था। वह शराब के नशे में इतना ज्यादा धुत था कि ठीक से चल भी नहीं पा रहा था और लड़खड़ाते हुए आगे बढ़ रहा था। इस दौरान वहां से गुजर रहे कुछ राहगीरों को उसकी हरकतें संदिग्ध लगीं।
राहगीरों ने देखा कि एक अजनबी युवक एक छोटी बच्ची को लेकर जा रहा है और वह खुद भी नशे की हालत में है। इस पर लोगों को शक हुआ और उन्होंने युवक से बच्ची के बारे में पूछताछ शुरू कर दी। आरोपी ठीक से जवाब नहीं दे सका, जिससे लोगों का शक और बढ़ गया।
इसके बाद लोगों ने तुरंत उसे पकड़ लिया और पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही Chinhat Police Station की पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया और बच्ची को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया।
पुलिस ने बच्ची की पहचान की पुष्टि करने के बाद उसे तुरंत उसके माता-पिता के पास पहुंचाया। अपनी बेटी को सकुशल देखकर परिवार ने राहत की सांस ली। समारोह में मौजूद सभी लोग भी पुलिस और राहगीरों की तत्परता की सराहना कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार, यह पूरी घटना करीब तीन घंटे के भीतर सुलझा ली गई। आरोपी को मौके से ही गिरफ्तार कर थाने ले जाया गया, जहां उससे पूछताछ की गई।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह Zaidpur इलाके का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक वह घटना के समय शराब के नशे में था और उसने बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने की कोशिश की थी।
हालांकि पुलिस अभी यह भी जांच कर रही है कि आरोपी की मंशा क्या थी और वह बच्ची को कहां ले जाने की योजना बना रहा था। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने भी लोगों से अपील की है कि ऐसे समारोहों में बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाए। कई बार भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में बच्चे आसानी से नजरों से ओझल हो जाते हैं और अपराधी इसी मौके का फायदा उठा लेते हैं।
पुलिस का कहना है कि अगर लोगों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई नहीं होती तो घटना गंभीर रूप ले सकती थी। इस मामले में राहगीरों की जागरूकता ने एक बड़ी अनहोनी होने से बचा लिया।
यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि भीड़भाड़ वाले आयोजनों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। हालांकि इस मामले में पुलिस और आम लोगों की सतर्कता की वजह से एक मासूम बच्ची की जान सुरक्षित बच गई और आरोपी को समय रहते पकड़ लिया गया।



