
उचाना में सांमाजिक और किसान संगठनों ने निकाला कैंडल मार्च
आज उचाना तहसील परिसर धरनास्थल से मैन बाजार मार्केट कमेटी तक कैंडल मार्च निकलकर पहलगाम कश्मीर में घटी अमानवीय एवं बर्बर आतंकवादी घटना में शहीद हुए 28 पर्यटकों की याद में उचाना धरना की ओर से श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। धरना संयोजक आजाद पालवां।
आज उचाना तहसील परिसर धरनास्थल से मैन बाजार मार्केट कमेटी तक कैंडल मार्च निकलकर पहलगाम कश्मीर में घटी अमानवीय एवं बर्बर आतंकवादी घटना में शहीद हुए 28 पर्यटकों की याद में उचाना धरना की ओर से श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। धरना संयोजक आजाद पालवां।
जिसमें दर्जनों जनसंगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं एवं शहरी नागरिकों ने शामिल होकर इस घटना की कड़ी निंदा की और मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि आतंकवादियों का उद्देश्य केवल और केवल दहशतगर्दी फैलाना होता है ताकि समाज में अफरातफरी एवं नफरत का माहौल बन जाए। इस घटना में आतंकवादी अपने घृणित उद्देश्य में सफल हुए और 28 बेकसूर सैलानियों की जघन्य एवं निर्मम हत्या करके आसानी से निकल गये। उस मौके पर लगभग दो हजार पर्यटकों की सुरक्षा के लिए कोई भी सुरक्षा बल तैनात नहीं था।
बेशक वहां के स्थानीय कश्मीरियों ने लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर भी बचाया और सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जिसमें आतंकियों का मुकाबला करते हुए आदिल हुसैन शाह भी शहीद हो गया।
वक्ताओं ने सत्ता पक्ष पर भी सवाल उठाए और करनाल से शहीद हुए नेवी के कैप्टन नवीन नारवाल की बहन के हवाले से कहा कि उसने सरकार से पूछा है कि वहां सुरक्षा के प्रबंध क्यों नहीं थे? उसने कहा है कि मेरा भाई डेढ़ घंटे तक तड़पता रहा, उसे सुरक्षा एवं सहायता मिल जाती तो वो बच सकता था।
तमाम लोगों ने सरकार एवं प्रशासन से अपील की कि जो लोग अल्पसंख्यक लोगों को टारगेट करके हिन्दू मुस्लिम भाईचारे को बिगाड़ना चाहते हैं और तुच्छ साम्प्रदायिक राजनीति करना चाहते हैं उन पर रोक लगाई जाए। आज सारा देश एकमत है कि आतंकियों को पकड़ा जाए और कड़ी से कड़ी सजा दी जाए
आज कैंडल मार्च में व श्रद्धांजलि सभा में मुख्य रूप से उचाना धरना से सभी किसान यूनियन. रिटायर्ड कर्मचारी संघ,सर्व कर्मचारी संघ,सामाजिक सद्भावना मंच, मुस्लिम कल्याण समिति, मंच का संचालन रामफल दहिया ने किया।
सभा के बाद कैंडल मार्च निकाला गया जिसमें “हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई – आपस में सब भाई भाई, जात धर्म पर नहीं बंटेंगे-एक रहे हैं एक रहेंगे, आतंकवादियों को फांसी दो, सुरक्षा में हुई चूक की जिम्मेदारी तय हो, आदि नारे लगाए गये।
इस मौके पर इमाम साहिब. शकील. फिरोज खान .राममेहर बुडायन. मिया सिह दरौली.रामशरण. जोधाराम कामरेड सहित सैकडों ज्यादा नागरिकों ने भाग लिया।



