
ढिकौली में नशा मुक्ति को लेकर महिलाओं का बिगुल, 18 जनवरी को होगा संकल्प महायज्ञ
रटौल। ढिकौली गांव में नशे के बढ़ते प्रभाव को लेकर महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। गांव में हुई पंचायत में महिलाओं ने नशे के खिलाफ अभियान चलाकर युवाओं को जागरूक करने और उन्हें नशा न करने की शपथ दिलाने का निर्णय लिया।

महिलाओं ने कहा कि नशा युवाओं को बर्बादी की ओर धकेल रहा है। पंचायत में वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि युवा ही देश की असली ताकत हैं और यदि वे नशे की गिरफ्त में आ गए तो समाज का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। सुमन ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जहां एक ओर नशा रोकने की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर गांवों और सड़कों के किनारे शराब की दुकानें खोली जा रही हैं।
महिलाओं ने मांग की कि गांवों में शराब की दुकानों को बंद किया जाए और हाईवे व संपर्क मार्गों पर खुली दुकानों को ढकने की व्यवस्था हो, ताकि नशे का खुलेआम प्रचार न हो सके।
पंचायत में यह भी घोषणा की गई कि 18 जनवरी को गांव के प्राचीन शिव मंदिर में नशा छोड़ो संकल्प महायज्ञ आयोजित किया जाएगा, जिसमें महिलाएं बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगी।
इस अवसर पर जाट महासभा के अध्यक्ष सोमेंद्र ढाका ने कहा कि नशे के खिलाफ महिलाओं द्वारा उठाया गया कदम सराहनीय है और संगठन उनके साथ खड़ा रहेगा। बैठक में वर्षा, राजवती, विमलेश, रजनी, हेमलता, सुमन, अंजलि, पुष्पा, विमला समेत कई महिलाएं उपस्थित रहीं।



