
NIT कुरुक्षेत्र में आत्महत्या का सिलसिला जारी, मेस कर्मचारी की मौत से फिर उठा सवाल
हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) में आत्महत्या की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। सोमवार सुबह एक और दुखद मामला सामने आया, जब संस्थान के हॉस्टल परिसर में काम करने वाले एक मेस कर्मचारी ने फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद पूरे परिसर में शोक और चिंता का माहौल बन गया है।

मृतक की पहचान कौशल के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का निवासी था। वह एनआईटी कुरुक्षेत्र के हॉस्टल नंबर-4 की मेस में रोटी बनाने का काम करता था और पिछले कुछ समय से यहीं कार्यरत था। सोमवार सुबह करीब 6 बजे जब अन्य कर्मचारी अपने काम के लिए पहुंचे, तो उन्होंने मेस के पीछे बने हिस्से में कौशल का शव फंदे से लटका देखा। यह दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए और तुरंत इस बारे में प्रशासन को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही संस्थान के अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में किसी तरह के संघर्ष के संकेत नहीं मिले हैं, जिससे यह मामला आत्महत्या का ही प्रतीत हो रहा है। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि कौशल ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया।
पुलिस आसपास के कर्मचारियों और छात्रों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे की वजह का पता लगाया जा सके। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि क्या मृतक किसी मानसिक तनाव या निजी परेशानी से गुजर रहा था। मौके से कोई सुसाइड नोट मिला है या नहीं, इस बारे में भी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
इस घटना ने इसलिए भी चिंता बढ़ा दी है क्योंकि पिछले दो महीनों के भीतर यह पांचवीं आत्महत्या का मामला है। इससे पहले चार छात्र भी इसी संस्थान में अपनी जान दे चुके हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं ने संस्थान की कार्यप्रणाली और माहौल को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छात्रों के बीच इस घटना को लेकर गहरी चर्चा हो रही है। कई छात्रों का कहना है कि पढ़ाई का दबाव, प्रतियोगिता और व्यक्तिगत समस्याएं उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित कर रही हैं। वहीं, कुछ छात्रों का मानना है कि संस्थान में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर पर्याप्त समर्थन प्रणाली नहीं है, जिसे मजबूत करने की जरूरत है।
हालांकि, इस बार आत्महत्या करने वाला व्यक्ति छात्र नहीं बल्कि एक कर्मचारी था, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो गया है। यह संकेत देता है कि समस्या केवल छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्थान के अन्य लोगों को भी प्रभावित कर सकती है।
पुलिस अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने और मृतक के परिजनों के बयान दर्ज होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल पुलिस सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है।
संस्थान प्रशासन की ओर से अभी तक इस घटना पर कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन लगातार बढ़ रही घटनाओं के कारण उन पर दबाव जरूर बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए संस्थानों को मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए और समय-समय पर काउंसलिंग की व्यवस्था करनी चाहिए।
यह घटना समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक हो सकता है। आज के समय में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और तनाव के बीच लोगों को भावनात्मक समर्थन की जरूरत पहले से ज्यादा है। ऐसे में परिवार, दोस्त और संस्थान सभी को मिलकर एक सहायक वातावरण तैयार करना होगा।
स्थानीय लोगों और छात्रों ने इस घटना के बाद प्रशासन से मांग की है कि वह इस मामले में गंभीरता से कदम उठाए और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस उपाय करे। उनका कहना है कि यदि समय रहते सही कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में और भी ऐसी घटनाएं सामने आ सकती हैं।
अंत में, NIT कुरुक्षेत्र में लगातार हो रही आत्महत्याएं एक गंभीर समस्या की ओर इशारा कर रही हैं। यह जरूरी है कि प्रशासन, पुलिस और समाज मिलकर इस दिशा में ठोस कदम उठाएं, ताकि ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके और लोगों को सुरक्षित व सकारात्मक वातावरण मिल सके।



