
Hisar News: हिसार जिले की 31 जनवरी की बड़ी खबरें, पढ़िए एक क्लिक में
प्रशासन में सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं समाधान शिविर
हिसार, 31 जनवरी।
हरियाणा सरकार द्वारा शुरू की गई समाधान शिविर की पहल एक जनोपयोगी प्रयास है, जो प्रशासन में सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है।
इस पहल का उद्देश्य जनता की शिकायतों का त्वरित और प्रभावी समाधान करना है, जो सरकार और नागरिकों के बीच विश्वास को पुनर्जीवित करता है। इन शिविरों के माध्यम से लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान व उन्हें सरकारी सेवाओं का लाभ सहजता से उपलब्ध कराया जाता हैं। प्रत्येक जिला मुख्यालय, उप-मंडल मुख्यालय और नगर निगम मुख्यालय पर सुबह 10 से 12 बजे तक आयोजित होने वाले इन शिविरों में जिला उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, डीडीपीओ, डीआरओ, तहसीलदार और नगर निगम आयुक्त जैसे वरिष्ठ अधिकारी स्वयं उपस्थित रहते हैं। जनता अपनी समस्याओं को आवेदन पत्र के माध्यम से प्रस्तुत करती है, और अधिकांश समस्याओं का तुरंत समाधान कर दिया जाता है। वे शिकायतें, जिनका समाधान स्थानीय स्तर पर संभव नहीं है, मुख्यालय भेजी जाती हैं। इन शिकायतों को एक केंद्रीकृत पोर्टल पर दर्ज किया जाता है, जिसकी निगरानी मुख्य सचिव स्तर पर होती है। यदि किसी शिकायत का समाधान तीन दिनों के भीतर नहीं हो पाता तो संबंधित विभागों को रिमाइंडर और निर्देश दिए जाते हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दूसरी बार हरियाणा के मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद प्रशासनिक सुधारों को प्राथमिकता दी। उनकी नीतियों ने जनता के साथ सीधे संवाद और समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर दिया।
समाधान शिविर विभिन्न प्रकार की समस्याओं के समाधान में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। फैमिली आईडी या परिवार पहचान पत्र में त्रुटियों को ठीक करने से लेकर सामाजिक पेंशन और अन्य सरकारी लाभों में आने वाली समस्याओं का समाधान त्वरित गति से किया जा रहा है। ऐसे शिविर न केवल जनता के लिए एक राहत की उम्मीद बनते हैं, बल्कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता भी सुनिश्चित करते हैं।
हरियाणा सरकार ने समाधान शिविरों की प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए शिकायतों की निगरानी प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ बनाया है। साथ ही तकनीकी और मानव संसाधनों का सही उपयोग कर लंबित शिकायतों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया हैं। मुख्यमंत्री ने सरकारी अस्पतालों में मुफ्त डायलिसिस सेवाओं की घोषणा की। इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिली है। कानून और व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने अपराधियों को चेतावनी दी कि या तो वे राज्य छोड़ दें या सुधर जाएं। समाधान शिविरों और स्वास्थ्य सेवाओं ने आम जनता के जीवन को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित किया हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का नेतृत्व हरियाणा को एक प्रगतिशील राज्य बनाने की दिशा में अग्रसर है। इन सुधारों से हरियाणा में विकास और स्थिरता के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं।
हरियाणा सरकार की समाधान शिविर पहल जनता और प्रशासन के बीच की दूरी को पाटने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इस पहल ने न केवल जनता को राहत प्रदान की है, बल्कि सरकारी योजनाओं और नीतियों के प्रति उनका विश्वास भी बढ़ाया है। यह पहल एक अंधेरे में सूरज की पहली किरण की तरह है, जो जनहित और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। हरियाणा का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणा है। यह दिखाता है कि सही दृष्टिकोण और जनता से संवाद स्थापित कर प्रशासनिक बाधाओं को पार किया जा सकता है। यदि इस पहल को अन्य राज्यों में दीर्घकालिक और व्यापक दृष्टिकोण से लागू किया जाए, तो यह भारत में सुशासन का एक आदर्श बन सकता है।
समाधान शिविर में उपायुक्त अनीश यादव ने सुनी नागरिकों की समस्याएं
हिसार, 31 जनवरी।
उपायुक्त अनीश यादव ने शुक्रवार को स्थानीय लघु सचिवालय स्थित जिला सभागार में आयोजित समाधान शिविर में जनसमस्याएं सुनकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
समाधान शिविर के दौरान हिसार निवासी दयाकिशन की राजकीय प्राथमिक पाठशाला से नौकरी से हटाने की शिकायत पर उपायुक्त अनीश यादव ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार सातरोड़ कलां निवासी सावित्री के बिजली का ट्यूबवेल का कनेक्शन न मिलने की शिकायत पर उपायुक्त अनीश यादव ने बिजली विभाग के अधिकारियों को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। ग्रीन स्केयर मार्केट एसोसिएशन की मार्केट से कूड़े के डंप प्वाइंट को हटवाने की शिकायत पर उपायुक्त अनीश यादव ने नगर निगम के अधिकारियों को मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त अनीश यादव ने निर्देश देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आदेशानुसार जिला स्तर और उपमंडल स्तर पर समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन समाधान शिविरों का आयोजन करने का मकसद नागरिकों की समस्याओं का समाधान करना है। ऐसे में अधिकारी नागरिकों की समस्याओं के प्रति गंभीर हों और जो भी समस्याएं समाधान शिविर में आती हैं, उनका समयबद्ध ढंग से समाधान करें।उन्होंने कहा कि यदि किसी के पहचान पत्र में कोई त्रुटि रहती है तो परिवार पहचान पत्र की त्रुटियों को जल्द से जल्द दूर किया जाए ताकि कोई भी नागरिक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में वंचित न रहे और नागरिकों को समय पर योजना का लाभ मिल सके।
इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त सी. जयाश्रद्धा, एसडीएम ज्योति मित्तल, डीएसपी कमलजीत सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जिले में 11 से 18 फरवरी तक राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत चलेगा विशेष अभियान : अतिरिक्त उपायुक्त सी. जयाश्रद्धा
हिसार, 31 जनवरी।
जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के तहत 11 से 18 फरवरी तक विशेष अभियान चलाकर एक वर्ष से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोलियां आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूलों तथा स्लम एरिया में जाकर खिलाई जाएगी।
अतिरिक्त उपायुक्त सी. जयाश्रद्धा ने स्थानीय लघु सचिवालय के वीसी सभागार में शुक्रवार को जिला टास्क फोर्स की बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिए।
अतिरिक्त उपायुक्त सी. जयाश्रद्धा ने कहा कि बच्चों को कुपोषण से बचाने तथा उन्हें स्वास्थ्य के बारे में जागरूक करने के लिए सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम में कार्य करें। कार्यक्रम के माध्यम से 11 से 18 फरवरी तक विशेष अभियान के तहत एक से 19 वर्ष के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों तथा स्लम एरिया में जाकर एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएंगी। इस अभियान को सफल बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें और 100 प्रतिशत बच्चों को दवा खिलाना सुनिश्चित किया जाए। आपात स्थिति से निपटने के लिए 11 मोबाइल वैन की ड्यूटी भी लगाई गई हैं, जिसमें चिकित्सकों की तैनाती रहेगी।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि कृमि मुक्ति दिवस मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य बच्चों में पेट के कीड़ों की बीमारी से मुक्त करना है। यह बीमारी बच्चों में शारीरिक कमजोरी उत्पन्न करती है, जिससे बच्चा कुपोषण का शिकार हो जाता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को कुपोषण से बचाने में शिक्षक अहम भूमिका निभा सकते हैं। शिक्षक स्कूल में विद्यार्थियों को स्वास्थ्य, स्वच्छता व हैंड वॉश के बाद खाना खाने के फायदे जरूर बताएं। उन्होंने कहा कि जिला में लक्ष्य अनुसार शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर ही बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाएं। इसके अलावा एएनएम व आंगनबाड़ी वर्कर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा दवा से वंचित न रहे।
सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के तहत 11 से 18 फरवरी को जिला में 5 लाख 80 हजार 171 बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली दी जाएगी। उन्होंने बताया कि एक से दो साल तक के बच्चों को आधी गोली, दो से 19 साल तक तथा 20 से 24 साल की प्रजनन वर्ग की महिलाओं को पूरी गोली खिलाई जाएगी। इसके अलावा जो बच्चा इस अभियान के तहत छूट जाते हैं तो उन्हें 18 फरवरी को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। सिविल सर्जन ने बताया कि एल्बेंडाजोल टेबलेट का कोई दुष्प्रभाव नहीं है। उन्होंने सप्ताह के दौरान विभाग द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों व कृमि संक्रमण के लक्षण, बचाव तथा इलाज के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को पेट के कीड़े मारने की गोली खिलाने के लिए अपने नजदीकी आशा वर्कर, एएनएम आंगनबाड़ी वर्कर को सहयोग करें।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ मंजु राणा, उप- नगर निगम आयुक्त विरेन्द्र सहारण, सीआरएम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ कृष्ण कुमार, उकलाना राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एसएस सांगा, डॉ योगेश, डॉ सज्जन, डॉ. अर्चना, डॉ रेणुका गुप्ता, फार्मेसी अधिकारी राजन वर्मा सहित संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
खनन विभाग की सख्त कार्रवाई : जनवरी माह में 1491 वाहनों की चेकिंग, 10 लाख से अधिक का जुर्माना
हिसार, 31 जनवरी।
जिले में अवैध खनन एवं बिना ई-रवाना पास के खनिज परिवहन पर सख्त कार्रवाई करते हुए खनन विभाग ने जनवरी माह में 1491 वाहनों की जांच की। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 10 लाख 70 हजार 900 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसे सरकारी खजाने में जमा करवाया गया है।
उपायुक्त अनीश यादव ने दिसंबर माह में जिला स्तरीय खनन कमेटी की मासिक बैठक के दौरान सख्त निर्देश दिए थे कि जिले में खनन गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और टोल प्लाजा सहित प्रमुख मार्गों पर वाहनों की जांच बढ़ाई जाए। इसी के तहत जनवरी माह में टोल प्लाजा लांधड़ी, साउथ बाईपास, तोशाम रोड, मंगाली रोड व आसपास के क्षेत्रों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। जिला खनन अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि चेकिंग के दौरान 4 वाहन बिना ई-रवाना पास के पकड़े गए, जिन्हें पुलिस की मदद से संबंधित थानों में सीज करवाया गया है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ प्रतिदिन विभागीय टीम निगरानी कर रही है और भविष्य में भी यह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जिला खनन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन करना व खनिजों का अनधिकृत परिवहन कानूनी अपराध है, जिसमें दोषी पाए जाने पर भारी जुर्माना और सजा का प्रावधान है। उन्होंने जिले के खनन कारोबारियों एवं वाहन चालकों से अपील करते हुए कहा कि वे नियमों का पालन करें और वैध ई-रवाना पास के बिना खनिज परिवहन न करें। उन्होंने कहा कि उपायुक्त अनीश यादव के मार्गदर्शन में खनन विभाग द्वारा भविष्य में भी अवैध खनन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे सरकारी राजस्व की चोरी को रोका जा सके और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

