
Hisar News: हिसार जिले की 3 फरवरी की बड़ी खबरें, पढ़िए एक क्लिक में
पीएनडीटी एक्ट के तहत जिला सलाहकार समिति की बैठक आयोजित, भ्रूण लिंग जांच करने वालों की सूचना देने पर मिलेगा एक लाख रुपये तक का इनाम
हिसार, 03 फरवरी।
महाराजा अग्रसेन नागरिक अस्पताल, हिसार में पीएनडीटी एक्ट के तहत जिला सलाहकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक सिविल सर्जन कार्यालय में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत ने की।
बैठक में जिले के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई और कुल 29 महत्वपूर्ण एजेंडे प्रस्तुत किए गए। बैठक में विशेष रूप से नए अल्ट्रासाउंड सेंटर के पंजीकरण, डॉक्टरों के पंजीकरण तथा विभिन्न चिकित्सा प्रक्रियाओं के नियमन से जुड़े मामलों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में उप-सिविल सर्जन डॉ. सुभाष खतरेजा, पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. प्रभुदयाल, डॉ. पूनम, डॉ. अनिल आहूजा, डॉ. अजय, समाजसेवी सुनीता रहेजा और रंजना चुघ भी उपस्थित रहे।
सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला सलाहकार समिति का कार्य जिले में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता को बनाए रखना तथा पीएनडीटी अधिनियम के अनुपालन को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यह समिति जिले में नए अल्ट्रासाउंड सेंटर के पंजीकरण की सिफारिश करने, डॉक्टरों की नियुक्ति और कार्य प्रणाली की निगरानी करने तथा किसी भी उल्लंघन की स्थिति में सक्षम समिति को नियमानुसार कार्रवाई करने की सलाह देने का कार्य करती है।
सिविल सर्जन ने निर्देश दिए कि यदि जिला सलाहकार समिति की बैठक में किसी अल्ट्रासाउंड मशीन के संचालन हेतु आवश्यक अनुमति दी जाती है, तो उस मशीन की निरीक्षण रिपोर्ट अगली बैठक में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए। इसी क्रम में समिति द्वारा तीन नए अल्ट्रासाउंड सेंटर के पंजीकरण के आवेदन को मंजूरी प्रदान की गई।
भ्रूण लिंग जांच करने वालों की सूचना देने पर मिलेगा एक लाख रुपये तक का इनाम :
उपायुक्त अनीश यादव ने हाल ही में आयोजित पीएनडीटी बैठक में निर्देश दिए थे कि जिले में लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने भ्रूण हत्या जैसी जघन्य सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए जिलेवासियों से जागरूकता और सतर्कता बरतने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि समाज में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए ऐसे अपराधों के खिलाफ प्रशासन को सूचना देनी चाहिए।
उपायुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि भ्रूण लिंग जांच और गर्भपात को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे मामलों में गोपनीय रूप से सूचना देने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित करने हेतु सरकार द्वारा एक लाख रुपये तक का नकद इनाम देने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि लिंग परीक्षण एवं भ्रूण हत्या करने वालों की सूचना देने वालों की पहचान पूर्णत: गोपनीय रखी जाएगी और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
जिले में लिंगानुपात सुधार की दिशा में कड़े प्रयास :
पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. प्रभुदयाल ने बैठक में जानकारी दी कि वर्तमान में हिसार जिले का लिंगानुपात 916 है। उन्होंने बताया कि भ्रूण लिंग जांच करने वाले और इसके लिए दलालों का सहयोग करने वाले लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि उन्हें कहीं भी अवैध रूप से लिंग जांच करने की सूचना प्राप्त होती है, तो वे तत्काल प्रशासन को सूचित करें। इसके लिए सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत के मोबाइल नंबर 9729155993 और नोडल अधिकारी डॉ. प्रभुदयाल के मोबाइल नंबर 8950184481 पर गोपनीय रूप से सूचना दी जा सकती है। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से भ्रूण लिंग जांच रोकने के लिए सतत निगरानी रखते हुए सख्त कार्रवाई करेंगे।
जिला सलाहकार समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिससे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन की ओर से भ्रूण हत्या को रोकने और बेटियों के संरक्षण हेतु किए जा रहे प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प लिया गया। समिति ने आम जनता से अपील की कि वे इस सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करने में सहयोग करें और जिले में लिंगानुपात को संतुलित बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाएं।
समाधान शिविर में अतिरिक्त उपायुक्त सी. जयाश्रद्धा ने शिकायतों के निपटारे के दिए निर्देश
हिसार, 03 फरवरी।
प्रदेश सरकार की नागरिक हितैषी नीति के तहत नागरिकों की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से जिला सभागार में सोमवार को समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त सी. जयाश्रद्धा ने नागरिकों की शिकायतें सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। समाधान शिविर में एसडीएम ज्योति मित्तल, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेन्द्र सिंह, डीएसपी रविंद्र, डीएसपी कमलजीत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
अतिरिक्त उपायुक्त सी. जयाश्रद्धा ने बताया कि प्रदेश सरकार की पहल के तहत नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए हर कार्य दिवस को जिला मुख्यालय, उपमंडल मुख्यालय एवं नगर निगम कार्यालय में समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों का उद्देश्य नागरिकों को उनके घर के नजदीक ही प्रशासनिक समाधान उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने बताया कि समाधान शिविरों में एक ही छत के नीचे विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समस्याओं का समाधान समयबद्ध, पारदर्शी एवं संतोषजनक ढंग से करें। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी शिकायत का अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। सभी विभाग अपने स्तर पर त्वरित कार्रवाई करें तथा समाधान शिविरों में प्राप्त होने वाली शिकायतों की नियमित समीक्षा करें।अतिरिक्त उपायुक्त सी. जयाश्रद्धा ने बताया कि समाधान शिविरों का उद्देश्य केवल शिकायतों का समाधान करना ही नहीं, बल्कि सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंचाना भी है।
उन्होंने उपस्थित नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्हें इनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि सरकार की अंत्योदय परिवार योजना, वृद्धावस्था पेंशन योजना, निशक्तजन पेंशन योजना, मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, उज्ज्वला योजना जैसी योजनाओं के तहत पात्र व्यक्तियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि समाधान शिविर केवल शिकायतों के निपटान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इन शिविरों से नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रखने का अवसर मिलता है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ रही है।उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे समाधान शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और अपनी शिकायतों का त्वरित समाधान प्राप्त करें।समाधान शिविर के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने नागरिकों की शिकायतें सुनीं और उनके समाधान हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अतिरिक्त उपायुक्त सी. जयाश्रद्धा ने कहा कि समाधान शिविरों के माध्यम से सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है और नागरिकों को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित समाधान उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे समाधान शिविरों के माध्यम से नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लें और उनका निवारण तय समय सीमा में करें।
हिसार, 03 फरवरी।
राजगढ रोड स्थित राजकीय महाविद्यालय में 5 दिवसीय जिला स्तरीय यूथ रेडक्रॉस प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ आज से हो गया है। शिविर के पहले दिन जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेन्द्र कुमार द्वारा दीप प्रज्वलित करके इसका शुभारंभ किया गया। उपायुक्त एवं जिला रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष अनीश यादव के मार्गदर्शन एवं हरियाणा राज्य शाखा चण्डीगढ के महासचिव डॉ मुकेश अग्रवाल के दिशा-निर्देश में युवाओं को नशे एवं अन्य कुरीतियों के प्रति सजग करने के लिए 7 फरवरी तक शिविर का आयोजन किया जाएगा।
अपने संबोधन के दौरान जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेन्द्र कुमार ने यूथ रेडक्रॉस कार्यकर्ताओं को कहा कि किसी भी कार्य की कुशलता के लिए प्रशिक्षण अति महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण शिविर में विषयगत सूक्ष्म जानकारियों से अवगत कराया जाएगा। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी ने कहा कि आज के समय में युवाओं को नशा व अन्य कुरीतियों से हो रही स्वास्थ्य हानि व आर्थिक हानि से बचना चाहिए और इसके साथ-साथ समाज के अन्य वर्गों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना चाहिए। यूथ रेडक्रॉस प्रशिक्षण शिविर कार्यक्रम में जिले के 20 महाविद्यालयों से लगभग 120 यूथ कार्यकर्ता व कांऊसलर भाग ले रहे हैं।
प्रशिक्षण शिविर में रेडक्रास सोसायटी सचिव रविन्द्र कुमार, महाविद्यालय प्रधानाचार्य डॉ विवेक सैनी, जिला प्रशिक्षण अधिकारी विनोद कुमारी, पूर्व सचिव सुरेंद्र श्योराण, डीपीई सुनीता, सहायक नरेश कुमार, नरेश बिस्सु, सतीश, कुलदीप सोनी, संदीप, कृष्ण व रेडक्रास स्टाफ उपस्थित रहा।
मुफ्त ड्रोन पायलट प्रशिक्षण के लिए 10 फरवरी तक करें आवेदन
हिसार, 03 फरवरी।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा युवा किसानों और बेरोजगार युवाओं को मुफ्त ड्रोन पायलट प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे न केवल कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का उपयोग बढ़ेगा, बल्कि युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
यह जानकारी देते हुए उपायुक्त अनीश यादव ने बताया कि 27 जनवरी से आवेदन शुरू हो चुके हैं व 10 फरवरी तक ऑनलाइन पंजीकरण करवाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक से किसानों को कीटनाशकों के छिडक़ाव, फसल निगरानी और अन्य कृषि कार्यों में काफी सुविधा होगी। यह पहल सटीक खेती को बढ़ावा देगी और कृषि उत्पादकता में सुधार करेगी। हरियाणा सरकार का यह कदम किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि क्षेत्र में टेक्नोलॉजी के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए कृषि विभाग के उपनिदेशक राजबीर सिंह ने बताया कि इच्छुक युवा विभागीय पोर्टल एग्रीहरियाणा डॉट जीओवी डॉट इन पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उसके पास कम से कम दसवीं पास का प्रमाणपत्र एवं वैध पासपोर्ट होना अनिवार्य है। प्रशिक्षण के लिए योग्य अभ्यर्थियों का चयन उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कार्यकारी समिति द्वारा किया जाएगा। चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए किसान सहायक कृषि अभियंता या उप कृषि निदेशक कार्यालय से संपर्क स्थापित किया जा सकता है।

