
हरियाणा एसटीएफ ने रोहित गोदारा-गोल्डी बराड़ गैंग के 4 अपराधियों को दबोचा, विदेशी हथियारों के साथ पकड़ा गया सक्रिय सदस्य
हरियाणा में अपराध और अंतरराष्ट्रीय अपराधियों के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक बड़ी कार्रवाई अंजाम दी है। एसटीएफ ने सूचना के आधार पर रोहित गोदारा-गोल्डी बराड़ गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को हथियार के साथ पकड़ने में सफलता हासिल की। शुरुआती पूछताछ में आरोपी की पहचान रमन के रूप में हुई।

एसटीएफ की कार्रवाई के दौरान रमन के तीन अन्य साथी भी दबोच लिए गए, जिनके नाम हैं लोकेश, बलराज (उर्फ बलराम) और रविंद्र सिंह (उर्फ रवि)। आरोपियों के कब्जे से चार विदेशी हथियार, आठ कारतूस और एक वाहन बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ के आईजी सतीश बालन ने इस कार्रवाई के बारे में बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को निसिंग, करनाल थाना क्षेत्र में अवैध हथियारों के साथ काबू किया गया। रमन और लोकेश को निसिंग से तथा बलराज और रवि को पुंडरी, कैथल से गिरफ्तार किया गया। इन आरोपियों पर निसिंग थाने में अवैध हथियारों का मामला दर्ज किया गया है।
अमेरिका में संगठित अपराध की पृष्ठभूमि
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रमन, बलराज और रवि अक्टूबर और नवंबर 2025 में अमेरिका से भारत लौटे थे। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी अमेरिका में रहते हुए कई गंभीर संगठित अपराधों में शामिल थे।
विशेष रूप से आरोपियों ने 23 दिसंबर 2024 को स्टॉकटन, कैलिफोर्निया में गैंगस्टर सुनील यादव @ गोलिया की हत्या में भूमिका निभाई थी। इस हत्या की जिम्मेदारी सोशल मीडिया के जरिए लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने ली थी।
इसके अलावा, 18 अक्टूबर 2025 को आरोपियों ने अमेरिका में कुख्यात गैंगस्टर हैरी बॉक्सर पर जानलेवा हमला किया था। यह हमला फ्रेज़नो, कैलिफोर्निया के AKS ट्रक ट्रेलर रिपेयर शॉप पर किया गया। इस घटना में हैरी बॉक्सर तो बच गया, लेकिन उनके सहयोगी बनवारी गोदारा मौके पर ही गोली लगने से मारे गए, जबकि एक अन्य सहयोगी गंभीर रूप से घायल हुआ।
एसटीएफ की जांच में यह भी पता चला कि यह हमला लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के अंदर बढ़ते आंतरिक संघर्ष का हिस्सा था। आरोपियों ने अमेरिका में दो स्थानीय शूटरों को हथियार उपलब्ध कराए थे और घटना के दौरान स्वयं मौके पर मौजूद रहे थे, ताकि हैरी बॉक्सर की हत्या को सुनिश्चित किया जा सके।
भारत में जबरन वसूली और फायरिंग के मामले
एसटीएफ ने यह भी बताया कि आरोपी विदेश से लौटकर रोहित गोदारा–गोल्डी बराड़ गिरोह के लिए जबरन वसूली रैकेट चला रहे थे। इनके निशाने पर हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के व्यवसायी और आम लोग थे। आरोपी व्यवसायियों और आम लोगों के घरों, कार्यालयों पर फायरिंग की घटनाओं में शामिल थे, खासकर उन मामलों में जहाँ वसूली की रकम का भुगतान नहीं किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच जारी है और एसटीएफ इस बात की पुष्टि कर रही है कि गिरोह द्वारा अभी किन-किन क्षेत्रों में अपराध की योजना बनाई जा रही थी।
एसटीएफ की कार्रवाई की अहमियत
यह गिरफ्तारी न केवल हरियाणा के लिए बल्कि पूरे देश में संगठित अपराध और अंतरराष्ट्रीय गिरोह के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से भविष्य में अपराधियों की हरकतों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

