
हरियाणा में मतदाता सूची की सफाई: 29 लाख संदिग्ध मतदाताओं की जांच शुरू, घर-घर जाकर बीएलओ करेंगे दस्तावेज सत्यापन
हरियाणा में मतदाता सूची में गहन समीक्षा के लिए निर्वाचन विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। प्रदेश में लगभग 29 लाख मतदाता ऐसे पाए गए हैं, जिनके नाम और उनके पिता के नाम एक जैसे हैं। इसे देखते हुए खंड स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) को जिम्मेदारी दी गई है कि वे घर-घर जाकर इन मतदाताओं के दस्तावेज़ों की जांच करें।

बीएलओ द्वारा की जाने वाली इस जांच का उद्देश्य स्पष्ट है: जो मतदाता सही पाए जाएंगे, उनका वोटिंग अधिकार बरकरार रहेगा, जबकि जिनकी पहचान संदिग्ध या फर्जी पाई जाएगी, उन्हें मतदाता सूची से हटाया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान में लगभग दो करोड़ सात लाख से अधिक मतदाता हरियाणा में पंजीकृत हैं। इनमें से अब तक एक करोड़ 21 लाख मतदाताओं का मैपिंग कार्य पूरा हो चुका है। बीएलओ वर्ष 2002 की मतदाता सूची के साथ वर्तमान सूची का मिलान कर रहे हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं का नाम 2002 की सूची में नहीं है, लेकिन उनके माता-पिता या दादा-दादी का नाम उस सूची में दर्ज है, उन्हें कोई अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। बाकी सभी मतदाताओं को अपनी पहचान के प्रमाण देना होगा, तभी वे मतदान के पात्र होंगे।
इस जांच की पृष्ठभूमि में पिछले साल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप भी सामने आए थे। उन्होंने कहा था कि हरियाणा में लगभग 25 लाख फर्जी मतदाता पंजीकृत हैं और भाजपा इस पर भरोसा करके सरकार बनाने में लगी है। इस दौरान उन्होंने ब्राजील के एक मॉडल की तस्वीर दिखाते हुए दावा किया था कि उसका नाम सोनीपत के राई विधानसभा क्षेत्र के 10 बूथों की वोटर लिस्ट में 22 बार दर्ज है।
राहुल गांधी ने एक महिला की तस्वीर भी पेश की और कहा कि उसका नाम हरियाणा के विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग मतदाता नामों में दर्ज है। हालांकि, निर्वाचन विभाग ने आरोपों की जांच कराई, जिसमें यह साबित हुआ कि यह दावे पूरी तरह सही नहीं थे।
फिर भी, मतदाता सूची में 29 लाख ऐसे लोग पाए गए जिनके नाम और उनके पिता के नाम समान हैं। इसे देखते हुए इन मतदाताओं की सत्यता की पुष्टि के लिए बीएलओ को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अप्रैल महीने में होने वाला है। इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूचियों की त्रुटियों और संभावित फर्जी मतदाताओं की पहचान की जाएगी। मतदाताओं से अपील की गई है कि वे बीएलओ को सही और सटीक जानकारी दें ताकि मतदाता सूची संपूर्ण और त्रुटिरहित तैयार हो सके।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी बताया कि मतदाता अपनी जानकारी ऑनलाइन भी जांच सकते हैं। इसके लिए वे निर्वाचन आयोग की वेबसाइट www.eci.gov.in पर जाकर “Search your name in last SIR” सेक्शन का उपयोग कर सकते हैं। इससे उन्हें पता चलेगा कि उनका नाम या उनके परिवार का नाम किस विधानसभा क्षेत्र और भाग में पंजीकृत है।
इस व्यापक प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना है। बीएलओ की मेहनत और मतदाताओं की सही जानकारी से हरियाणा में वोटिंग प्रक्रिया को और अधिक मजबूत और निष्पक्ष बनाने में मदद मिलेगी।

