
इंस्टाग्राम प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत: झांसी में युवक की आत्महत्या और पड़ोस की बुजुर्ग महिला की सदमे में मौत
झांसी। सोशल मीडिया के माध्यम से शुरू हुई एक प्रेम कहानी ने पिछले कुछ समय में दो परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया। झांसी के कोतवाली थाना क्षेत्र के सागर गेट बाहरी इलाके में 19 वर्षीय ध्रुवराज कुशवाहा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना की जानकारी मिलते ही पड़ोस की 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला बेनीबाई की भी अचानक मौत हो गई, जिसे उन्होंने सदमे के कारण सहन नहीं किया।

इंस्टाग्राम से शुरू हुई दोस्ती और शादी की जिद
ध्रुवराज कुशवाहा की पहचान इंस्टाग्राम के जरिए राजस्थान की युवती प्रीति से हुई थी। दोनों की बातचीत धीरे-धीरे प्रेम में बदल गई, लेकिन परिवार की ओर से विरोध किया गया। ध्रुवराज ने लगातार शादी पर जोर दिया और आत्महत्या की धमकी देकर अपने परिवार को मजबूर कर दिया। अंततः मई 2025 में परिवार ने मंदिर में दोनों की शादी कराई।
शादी के बाद बढ़ती आर्थिक और वैवाहिक समस्याएँ
ध्रुवराज के परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद प्रीति की आर्थिक मांगें लगातार बढ़ती गईं। महंगे कपड़े, शॉपिंग, घूमना-फिरना और बाहर खाने की आदतों ने दंपति के बीच विवाद को जन्म दिया। ध्रुवराज की बहन विशाखा कुशवाहा ने बताया कि पत्नी अक्सर ध्रुवराज को ज्यादा पैसे कमाने का दबाव डालती थी और धमकी देती थी कि पैसे नहीं दिए तो दूसरी शादी कर लेगी।
मायके चली गई पत्नी और आखिरी झगड़ा
13–14 दिसंबर को प्रीति अपने मायके चली गई और वापस नहीं लौटी। सोमवार को दोनों के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें गुस्से में ध्रुवराज ने धमकी दी कि अगर उसकी बात नहीं मानी गई तो वह फांसी लगा लेगा। इस पर पत्नी ने जवाब में कहा, “तो लगा लो फांसी…”। इसी मानसिक प्रताड़ना ने ध्रुवराज को आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
परिवार दर्शन पर गया था, घर पर अकेला मिला युवक
ध्रुवराज के माता-पिता और बहनें 7 जनवरी को कामाख्या देवी के दर्शन के लिए गई थीं। परिवार ने ध्रुवराज को भी साथ चलने के लिए कहा, लेकिन पत्नी के फोन पर मना करने के कारण वह नहीं गया। परिवार के दो दिन बाद लौटने पर घर का ताला खोला गया और ध्रुवराज को कमरे में फांसी के फंदे पर लटका पाया गया।
नाम की गलतफहमी से हुई दूसरी मौत
ध्रुवराज की आत्महत्या की खबर ने मोहल्ले में सनसनी फैला दी। इसी बीच पड़ोस की 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला बेनीबाई को यह जानकारी मिली कि “रामबाबू के लड़के ने फांसी लगाई।” चूंकि मृतक के पिता का नाम भी रामबाबू था, उन्होंने इसे अपने बेटे से जोड़ लिया। इस गलतफहमी और सदमे को सहन न कर पाने के कारण उनकी अचानक मौत हो गई।
इलाके में शोक की लहर और पुलिस जांच
ध्रुवराज की आत्महत्या और बेनीबाई की दुखद मौत ने पूरे इलाके में शोक और स्तब्धता पैदा कर दी। मोहल्ले के लोग गहरे सदमे में हैं। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और परिजनों के आरोपों को गंभीरता से देख रही है।
यह घटना सोशल मीडिया के प्रभाव, पारिवारिक दबाव, आर्थिक तनाव और मानसिक स्वास्थ्य की नाजुकता को उजागर करती है, जो कभी-कभी छोटी सी झगड़े की स्थिति में भी जानलेवा परिणाम दे सकती है।



