
हरदा में भीषण सड़क हादसा—शादी से पहले छाया मातम, खड़े ट्राले से टकराई बाइक; मां-बेटे की मौत
मध्य प्रदेश के हरदा जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने खुशियों से भरे एक घर को गहरे शोक में डुबो दिया। हंडिया-मांगरूल मुख्य मार्ग पर मंगलवार रात हुए इस हादसे में एक मां और उसके बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवार का एक अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गया। जिस घर में कुछ ही दिनों बाद शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है।

यह दुर्घटना मंगलवार रात करीब 8 बजे वन विभाग की नर्सरी के पास हुई। बताया जा रहा है कि सड़क किनारे खड़े एक ट्राले से बाइक टकरा गई, जिससे यह हादसा हुआ। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
मृतकों की पहचान उचान गांव निवासी 55 वर्षीय नर्मदा बाई और उनके 21 वर्षीय बेटे अभिषेक के रूप में हुई है। हादसे में 12 वर्षीय शुभम, जो अभिषेक का भांजा है, घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, अभिषेक की शादी 19 अप्रैल को तय थी और घर में इन दिनों शादी की तैयारियां चल रही थीं। परिवार के लोग खुशी के माहौल में डूबे हुए थे। रिश्तेदारों का आना-जाना लगा हुआ था और घर में रोजाना गीत-संगीत का कार्यक्रम चल रहा था। लेकिन इस हादसे ने सारी खुशियों को पलभर में खत्म कर दिया।
बताया जा रहा है कि अभिषेक अपनी मां के साथ शादी की खरीदारी करने हरदा गया हुआ था। दोनों शाम को खरीदारी के बाद बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। रास्ते में हंडिया-मांगरूल मार्ग पर वन विभाग की नर्सरी के पास एक ट्राला सड़क किनारे खड़ा था। रात का समय होने के कारण ट्राला स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहा था और बाइक सीधे उससे जा टकराई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जोरदार थी कि मां और बेटे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, साथ में बैठा शुभम गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
हादसे की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी आरपी कवरेती पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और घायलों को अस्पताल भिजवाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद नर्मदा बाई और अभिषेक को मृत घोषित कर दिया।
मृतक अभिषेक के बड़े भाई पर्वत ने बताया कि घर में शादी की तैयारियां पूरे जोरों पर थीं। रिश्तेदारों का जमावड़ा लगा हुआ था और हर दिन नाच-गाना हो रहा था। उन्होंने बताया कि परिवार में दो भाई और तीन बहनें हैं और वे मजदूरी व खेती के जरिए अपना गुजारा करते हैं। अभिषेक की शादी को लेकर पूरे परिवार में उत्साह था, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ बदल दिया।
स्थानीय ग्रामीणों ने इस हादसे को लेकर गहरी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जिस ट्राले से दुर्घटना हुई, वह सुबह से ही सड़क किनारे खड़ा था। मांगरूल क्षेत्र में सिंचाई परियोजना के तहत पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है, जिसके कारण ट्राला वहां खड़ा किया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार चालक को ट्राला हटाने के लिए कहा, लेकिन उसने उनकी बात नहीं मानी।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि ट्राले को समय पर हटा लिया जाता या वहां कोई चेतावनी संकेत लगा दिया जाता, तो यह हादसा टाला जा सकता था। इस लापरवाही ने एक परिवार की खुशियों को उजाड़ दिया और दो जिंदगियां छीन लीं।
पुलिस ने हादसे के बाद ट्राले को जब्त कर लिया है और चालक को हिरासत में ले लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दोनों मृतकों के शवों को जिला अस्पताल भेज दिया गया है, जहां पोस्टमार्टम के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। बिना संकेत के सड़क किनारे खड़े भारी वाहन, खासकर रात के समय, जानलेवा साबित हो सकते हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन को सख्त कदम उठाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल, उचान गांव में मातम का माहौल है। जिस घर में कुछ दिनों बाद बारात निकलने वाली थी, वहां अब शोक की लहर दौड़ गई है। यह घटना न केवल उस परिवार के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीरता बरतना बेहद जरूरी है।



