
सिंगरौली बैंक डकैती में बड़ा खुलासा, बिहार से पकड़ा गया मास्टरमाइंड; नकदी और सोना बरामद
मध्य प्रदेश के सिंगरौली में स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हुई सनसनीखेज डकैती के मामले में पुलिस को अहम सफलता मिली है। इस वारदात के मुख्य आरोपी को बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से भारी मात्रा में नकदी और सोने के जेवर बरामद किए गए हैं, जिससे इस पूरे मामले में कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं।

घटना शुक्रवार की है, जब दिनदहाड़े पांच बदमाशों ने बैंक में घुसकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने पहले बैंक में मौजूद कर्मचारियों और ग्राहकों को डराया-धमकाया और फिर वहां से लाखों रुपये नकद और भारी मात्रा में सोने के आभूषण लेकर फरार हो गए। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई और बैंक की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
डकैती की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गईं। इसी दौरान पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को एक अहम सफलता मिली। बिहार के डेहरी क्षेत्र में नबीनगर रेलवे स्टेशन के पास संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर एक युवक को पकड़ा गया। पूछताछ में उसकी पहचान कमलेश कुमार के रूप में हुई, जो बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला है।
जब आरपीएफ टीम ने कमलेश के बैग की तलाशी ली, तो उसमें से 15 लाख 22 हजार रुपये नकद और करीब 61.77 ग्राम सोने के गहने बरामद हुए। यह बरामदगी पुलिस के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे यह साबित होता है कि आरोपी सीधे तौर पर डकैती में शामिल था। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की गई।
पूछताछ के दौरान कमलेश ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि इस पूरी डकैती की योजना पहले से ही तैयार की गई थी और इसमें कुल पांच लोग शामिल थे। सभी आरोपियों ने मिलकर बैंक को निशाना बनाया और वारदात को अंजाम देने के बाद लूट के माल को आपस में बांट लिया। इसके बाद सभी अलग-अलग दिशाओं में भाग निकले, ताकि पुलिस के लिए उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाए।
कमलेश के पास से जो नकदी और जेवर मिले हैं, वह उसी बंटवारे का हिस्सा बताए जा रहे हैं। पुलिस अब बाकी चार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कमलेश कुमार का आपराधिक इतिहास रहा है। वह पहले भी कई मामलों में जेल जा चुका है। हिलसा और नालंदा क्षेत्र में वह मोटरसाइकिल चोरी और अन्य अपराधों में शामिल रहा है। उसकी इस पृष्ठभूमि को देखते हुए पुलिस अब उसके पुराने साथियों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
इस घटना ने एक बार फिर बैंक सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। दिनदहाड़े इस तरह की बड़ी डकैती होना यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक हुई है। स्थानीय लोग भी इस घटना के बाद खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर जांचा जा रहा है। बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। साथ ही, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस वारदात में किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।
रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर तालमेल के चलते ही मुख्य आरोपी को इतनी जल्दी पकड़ लिया गया। यह इस बात का संकेत है कि अगर एजेंसियां मिलकर काम करें, तो बड़े से बड़े अपराध का भी जल्दी खुलासा किया जा सकता है।
फिलहाल कमलेश कुमार को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है। उससे लगातार पूछताछ की जा रही है, ताकि इस गिरोह के बाकी सदस्यों के बारे में अधिक जानकारी मिल सके। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होंगी और लूट का पूरा माल बरामद कर लिया जाएगा।
इस घटना ने यह भी साफ कर दिया है कि अपराधी कितनी तेजी से योजनाएं बनाकर बड़ी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। हालांकि, पुलिस की तत्परता और सतर्कता के कारण इस मामले में जल्दी कार्रवाई संभव हो पाई है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि बाकी आरोपी कब तक कानून के शिकंजे में आते हैं और इस पूरे मामले का पूरा सच कब सामने आता है।



