
सिहोरा में भड़की पत्थरबाजी, मंदिर-मस्जिद विवाद के बाद हालात हुए तनावपूर्ण
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिला में गुरुवार रात एक मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। सिहोरा तहसील के आजाद चौक इलाके में मंदिर और मस्जिद के आसपास दो गुट आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते जमकर पथराव शुरू हो गया। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को भीड़ को काबू करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। फिलहाल प्रशासन ने स्थिति नियंत्रण में होने का दावा किया है, लेकिन इलाके में तनाव बना हुआ है।

कैसे शुरू हुआ विवाद
घटना सिहोरा के वार्ड नंबर 5 स्थित आजाद चौक की बताई जा रही है। यहां दुर्गा मंदिर और एक मस्जिद आमने-सामने स्थित हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार गुरुवार रात करीब 9 बजे मंदिर में आरती चल रही थी, जबकि उसी समय मस्जिद में नमाज के लिए लोग पहुंच रहे थे।
बताया जा रहा है कि इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों समुदायों के कुछ युवकों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। शुरुआत में मामला मामूली बहस तक सीमित था, लेकिन धीरे-धीरे माहौल गर्म होने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ युवकों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे तनाव और बढ़ गया।
रेलिंग तोड़ने की कोशिश से भड़की भीड़
स्थिति तब और बिगड़ गई जब कथित तौर पर एक युवक ने दुर्गा मंदिर की ग्रिल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। इस घटना से वहां मौजूद हिंदू पक्ष के युवक भड़क उठे और दोनों तरफ से धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते हाथापाई ने हिंसक रूप ले लिया।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, थोड़ी ही देर में दूसरे पक्ष के कई युवक भी मौके पर पहुंच गए और माहौल और तनावपूर्ण हो गया। दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास की दुकानों के शटर गिरने लगे और लोग अपने घरों में दुबक गए।
कई लोग घायल, पुलिस ने किया बल प्रयोग
पथराव के दौरान कुछ लोगों के मामूली रूप से घायल होने की खबर है। हालांकि प्रशासन ने गंभीर घायल की पुष्टि नहीं की है। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला।
भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। काफी मशक्कत के बाद उपद्रवियों को पीछे हटाया जा सका। इसके बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
अधिकारी मौके पर पहुंचे
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी तुरंत मौके पर पहुंचे। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया।
अधिकारियों ने पुलिस को इलाके में गश्त बढ़ाने और संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त बल तैनात करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने दोनों समुदायों के जिम्मेदार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की है।
पुलिस का दावा—हालात नियंत्रण में
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और किसी को भी कानून हाथ में लेने नहीं दिया जाएगा। प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहा है और वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा।
इलाके में बना हुआ है तनाव
हालांकि प्रशासन स्थिति सामान्य होने की बात कह रहा है, लेकिन स्थानीय स्तर पर अभी भी तनाव महसूस किया जा रहा है। एहतियात के तौर पर संवेदनशील इलाकों में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है और रात में गश्त तेज कर दी गई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि छोटी सी कहासुनी ने अचानक बड़ा रूप ले लिया, जिससे इलाके का माहौल खराब हो गया। कई लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील स्थानों पर स्थायी निगरानी और बेहतर व्यवस्था की जाए।
अफवाहों से बचने की अपील
प्रशासन ने लोगों से सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह या भड़काऊ संदेश न फैलाने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि अफवाह फैलाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या?
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तहकीकात में जुटी है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर ली जाएगी।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि संवेदनशील इलाकों में छोटी सी चिंगारी भी बड़ा रूप ले सकती है। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और इलाके में शांति बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।



