
मेरठ सराफा बाजार में ऊर्जा क्रांति, एलपीजी से पीएनजी की ओर बढ़ेगा सोने का कारोबार
मेरठ। देश के प्रमुख स्वर्ण व्यापार केंद्रों में शामिल मेरठ के सराफा बाजार में अब ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सोने की कारीगरी, जो अब तक महंगे और असुरक्षित एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भर थी, जल्द ही सुरक्षित और किफायती पीएनजी गैस से संचालित होगी। गेल गैस लिमिटेड इंडिया द्वारा सराफा बाजार में पाइपलाइन गैस आपूर्ति की योजना को अंतिम रूप दे दिया गया है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत पुराने शहर के नील गली, कागजी बाजार, सराफा बाजार और आसपास के ज्वैलरी निर्माण क्षेत्रों में पीएनजी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। परियोजना के पूरा होते ही करीब 2500 सराफा कारोबारी सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। यह बदलाव न केवल उत्पादन लागत को कम करेगा, बल्कि आग और दुर्घटनाओं की आशंका को भी लगभग समाप्त कर देगा।
बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के महामंत्री डॉ. संजीव अग्रवाल ने बताया कि पीएनजी गैस के इस्तेमाल से आभूषण निर्माण में ईंधन की खपत डेढ़ गुना तक कम हो जाएगी। इससे व्यापारियों की लागत घटेगी और बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता बढ़ेगी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर दूसरे कनेक्शन पर चेक वाल्व लगाया जाएगा, जिससे किसी भी आपात स्थिति में गैस आपूर्ति स्वतः बंद हो सकेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि गेल गैस द्वारा 15 मीटर तक फैक्ट्री के अंदर डाउनस्ट्रीम पाइपिंग निःशुल्क की जाएगी। इसके साथ ही उपकरण सुरक्षा जमा राशि और तृतीय पक्ष निरीक्षण शुल्क जैसे खर्चों से भी व्यापारियों को राहत मिलेगी। अनुमान है कि प्रति कनेक्शन लगभग 50 हजार रुपये तक की सीधी बचत होगी।
व्यापार संगठनों का मानना है कि आगरा की तर्ज पर मेरठ में भी सराफा उद्योग को निःशुल्क पीएनजी कनेक्शन और आधुनिक बुनियादी ढांचे की सुविधा मिलने से कारोबार को नई दिशा मिलेगी। सुरक्षित ऊर्जा, कम लागत और आधुनिक सुविधाओं के साथ मेरठ का सराफा बाजार आने वाले समय में न सिर्फ देश बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी चमक और बढ़ाएगा।



