
बारात से लौटते वक्त खाई में गिरी कार, दंपति की दर्दनाक मौत
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो जिंदगियां छीन लीं। घाट क्षेत्र में टनकपुर–तवाघाट हाईवे पर बारात से लौट रही एक कार अचानक अनियंत्रित होकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में कार सवार सरकारी सेवा में कार्यरत पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी है, जबकि एसडीआरएफ ने कठिन परिस्थितियों में रेस्क्यू कर शवों को बाहर निकाला।

रविवार देर शाम हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार यह हादसा रविवार देर शाम सीमांत जिला पिथौरागढ़ के घाट क्षेत्र में हुआ। बताया जा रहा है कि दंपति किसी परिचित की शादी समारोह में शामिल होकर वापस लौट रहे थे। वे टनकपुर–तवाघाट हाईवे से होकर अपने घर की ओर जा रहे थे।
जब उनकी कार मटेला बैंड से करीब एक किलोमीटर आगे शहीद स्मारक के पास पहुंची, तभी अचानक वाहन चालक का नियंत्रण कार से हट गया। देखते ही देखते कार सड़क से फिसलकर गहरी खाई की ओर लुढ़क गई।
200 मीटर गहरी खाई में गिरी कार
प्रत्यक्ष परिस्थितियों के अनुसार, कार लगभग 200 मीटर नीचे खाई में जा गिरी। गिरते समय वाहन कई बार पलटा, जिससे कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसा इतना भीषण था कि अंदर बैठे पति-पत्नी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
ऊंचाई और दुर्गम इलाके के कारण दुर्घटना के बाद तुरंत राहत पहुंचाना भी मुश्किल हो गया। आसपास से गुजर रहे लोगों ने जब खाई में गिरी कार को देखा तो तुरंत पुलिस और आपदा राहत टीम को सूचना दी।
एसडीआरएफ ने चलाया रेस्क्यू अभियान
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची। इलाके की भौगोलिक स्थिति बेहद कठिन थी—गहरी खाई, ढलानदार पहाड़ी और अंधेरा—इन सबके बीच रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
एसडीआरएफ के जवान रस्सियों और विशेष उपकरणों की मदद से खाई में उतरे। काफी मशक्कत के बाद टीम कार तक पहुंच सकी। अंदर फंसे दोनों लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
सरकारी सेवा में थे दोनों
पुलिस के अनुसार, मृत दंपति सरकारी सेवा में कार्यरत थे। उनकी पहचान होने के बाद परिजनों को सूचना दे दी गई। जैसे ही हादसे की खबर परिवार तक पहुंची, घर में मातम छा गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि दोनों बेहद सरल स्वभाव के थे और सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय रहते थे। शादी समारोह से खुशी-खुशी लौट रहे दंपति के साथ ऐसा हादसा हो जाएगा, यह किसी ने नहीं सोचा था।
पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव
रेस्क्यू के बाद पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों की पुष्टि होगी, हालांकि प्राथमिक तौर पर दुर्घटना में गंभीर चोटें लगना ही वजह मानी जा रही है।
हादसे के कारणों की जांच
पुलिस फिलहाल यह पता लगाने में जुटी है कि कार अनियंत्रित कैसे हुई। शुरुआती आशंका है कि पहाड़ी सड़क पर तेज मोड़, अंधेरा या वाहन की रफ्तार हादसे की वजह हो सकती है। हालांकि तकनीकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
जांच अधिकारी वाहन की स्थिति, ब्रेक सिस्टम और सड़क की हालत का भी निरीक्षण कर रहे हैं। जरूरत पड़ने पर दुर्घटना स्थल का विस्तृत सर्वे कराया जाएगा।
खतरनाक माना जाता है हाईवे का यह हिस्सा
स्थानीय लोगों का कहना है कि टनकपुर–तवाघाट हाईवे का यह हिस्सा पहले भी हादसों के लिए कुख्यात रहा है। यहां कई तीखे मोड़ और गहरी खाइयां हैं, जहां जरा सी चूक भारी पड़ सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मार्ग पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।
इलाके में शोक की लहर
दंपति की दर्दनाक मौत की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिचितों और रिश्तेदारों का घर पर तांता लग गया। लोगों ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने पहाड़ी मार्गों पर वाहन चालकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि रात के समय और तीखे मोड़ों पर वाहन की गति नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। इस दुखद हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी सड़कों पर सतर्क ड्राइविंग की जरूरत को रेखांकित कर दिया है। वहीं, मृत दंपति के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे इलाके में मातम का माहौल बना हुआ है।



