
100 रुपये के विवाद में बेटे ने मां की बेरहमी से हत्या
बिहार के गोपालगंज जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के उसरी बिनटोली गांव में महज 100 रुपये के विवाद में एक युवक ने अपनी ही मां का गला रेतकर हत्या कर दी। इस जघन्य वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना के बाद ग्रामीणों ने आरोपी बेटे को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहन जांच जारी है।

घर में अकेली थीं सुमित्रा देवी
मृतका की पहचान 55 वर्षीय सुमित्रा देवी के रूप में हुई है, जो गणेश रावत की पत्नी थीं। बताया जा रहा है कि घटना के समय घर में सुमित्रा देवी अकेली थीं। उनके पति गणेश रावत मछली पकड़ने के लिए बाहर गए हुए थे। इसी दौरान उनका बड़ा बेटा रामभरोस रावत घर पहुंचा।
परिवार और ग्रामीणों के अनुसार, आरोपी बेटा लंबे समय से नशे का आदी है और अक्सर घर में विवाद करता रहता था। उसकी पारिवारिक स्थिति भी ठीक नहीं बताई जा रही है—उसकी दो शादियां हो चुकी थीं, लेकिन दोनों पत्नियां उसे छोड़कर चली गईं।
100 रुपये को लेकर शुरू हुआ विवाद
घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि रामभरोस रावत ने अपनी मां से 100 रुपये मांगे थे। उस समय सुमित्रा देवी के पास पैसे नहीं थे, इसलिए उन्होंने बेटे को देने से असमर्थता जताई। बस इसी बात पर बेटा बुरी तरह भड़क उठा।
आरोप है कि वह नशे की हालत में था और गुस्से में आपा खो बैठा। बात इतनी बढ़ गई कि उसने घर में रखे धारदार हथियार को उठा लिया और अपनी ही मां पर हमला कर दिया।
गला रेतकर की हत्या
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, आरोपी ने सुमित्रा देवी के गले पर धारदार हथियार से वार किया। गंभीर चोट लगने के कारण वह वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़ीं। मदद मिलने से पहले ही उनकी तड़प-तड़प कर मौके पर मौत हो गई।
घर से उठी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे। जब ग्रामीणों ने खून से सनी सुमित्रा देवी का शव और पास में मौजूद आरोपी बेटे को देखा तो उनका गुस्सा फूट पड़ा।
ग्रामीणों ने पकड़कर की पिटाई
बताया जा रहा है कि वारदात के बाद आरोपी भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन ग्रामीणों ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। आक्रोशित लोगों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। बाद में किसी ने पुलिस को सूचना दे दी।
पुलिस ने लिया हिरासत में
सूचना मिलते ही बैकुंठपुर थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने भीड़ के चंगुल से आरोपी को छुड़ाकर हिरासत में लिया और इलाज के लिए अस्पताल भेजा। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मॉडल अस्पताल गोपालगंज भेज दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) टीम को भी बुलाया। टीम ने मौके से खून के नमूने और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए, ताकि जांच को मजबूत बनाया जा सके।
पति ने बताई पूरी घटना
मृतका के पति गणेश रावत ने पुलिस को बताया कि वह मछली पकड़ने गए हुए थे। उसी दौरान उनका बेटा घर पहुंचा और 100 रुपये की मांग करने लगा। पैसे नहीं मिलने पर उसने गुस्से में आकर अपनी मां की हत्या कर दी।
उन्होंने यह भी बताया कि उनका बेटा शराब और नशे का आदी है और पहले भी घर में झगड़ा करता रहा है। उसकी दोनों पत्नियां भी उसके व्यवहार से परेशान होकर उसे छोड़ चुकी हैं।
पुलिस का आधिकारिक बयान
इस मामले में सदर एसडीपीओ-2 राजेश कुमार ने बताया कि बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के उसरी बिनटोली में मां की हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम को बुलाया गया।
उन्होंने बताया कि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही आरोपी रामभरोस रावत को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है।
हत्या के कारणों की जांच
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या की मुख्य वजह 100 रुपये को लेकर हुआ विवाद है। हालांकि पुलिस अन्य पहलुओं की भी गहराई से जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं इसके पीछे कोई और कारण तो नहीं।
जांच अधिकारी आरोपी की मानसिक स्थिति, नशे की आदत और पारिवारिक विवादों के इतिहास को भी खंगाल रहे हैं। साथ ही आसपास के लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
गांव में शोक और आक्रोश
इस निर्मम घटना के बाद उसरी बिनटोली गांव में शोक और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि महज 100 रुपये के लिए मां की हत्या कर देना मानवता को झकझोर देने वाला अपराध है। लोगों ने आरोपी के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने बैकुंठपुर थाना में मामला दर्ज कर लिया है और विधिसम्मत कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में है और जल्द ही उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
इस दर्दनाक वारदात ने एक बार फिर पारिवारिक रिश्तों में बढ़ती हिंसा और नशे की समस्या पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरे इलाके की नजर अब इस बात पर है कि आरोपी को कब और कैसी सजा मिलती है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
