
ऑनलाइन गेम की लत ने उजाड़ा परिवार, कर्ज में डूबे पिता ने दी जहर देकर दो की जान
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां ऑनलाइन गेम की लत ने एक परिवार को तबाह कर दिया। कर्ज और आर्थिक तंगी से टूट चुके एक व्यक्ति ने ऐसा खौफनाक कदम उठाया, जिसकी कल्पना भी मुश्किल है। उसने अपनी पत्नी और नाबालिग बेटी को जहर मिली कोल्डड्रिंक पिला दी और खुद भी जहर खा लिया। इस दिल दहला देने वाली घटना में पिता और बेटी की मौत हो गई, जबकि पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है।

यह मामला शहडोल कोतवाली थाना क्षेत्र की पुरानी बस्ती का बताया जा रहा है। मृतकों की पहचान शंकर गुप्ता (40) और उनकी बेटी स्वाति गुप्ता (16) के रूप में हुई है। घायल पत्नी का नाम राजकुमारी गुप्ता (36) है, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि परिवार सत्यम वीडियो के पास रहता था और बाहर से देखने पर सब कुछ सामान्य लगता था, लेकिन अंदर ही अंदर हालात बेहद खराब हो चुके थे।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शंकर गुप्ता को ऑनलाइन गेम खेलने की गंभीर लत लग गई थी। शुरुआत में वह शौकिया तौर पर खेलता था, लेकिन धीरे-धीरे यह आदत जुनून में बदल गई। वह लगातार गेम में पैसे लगाता गया और हारता चला गया। देखते ही देखते उसने अपनी जमा पूंजी गंवा दी। इतना ही नहीं, नुकसान की भरपाई की उम्मीद में उसने उधार लेना भी शुरू कर दिया। धीरे-धीरे उस पर लाखों रुपये का कर्ज चढ़ गया।
परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से शंकर बेहद तनाव में रहने लगा था। आर्थिक दबाव, कर्जदाताओं की मांग और घर की बिगड़ती हालत ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया था। वह अक्सर चुप-चुप रहने लगा था और परिवार से भी दूरी बनाने लगा था। माना जा रहा है कि इसी मानसिक तनाव ने उसे यह खतरनाक फैसला लेने की ओर धकेल दिया।
पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात शंकर ने अपनी योजना को अंजाम दिया। उसने पत्नी और बेटी को कोल्डड्रिंक में जहर मिलाकर पिला दिया। भरोसे में लेकर दोनों ने वह ड्रिंक पी ली। इसके बाद शंकर ने खुद भी जहर खा लिया। कुछ ही देर में तीनों की हालत बिगड़ने लगी। घर से चीख-पुकार की आवाजें सुनकर पड़ोसी दौड़कर पहुंचे तो अंदर का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए।
पड़ोसियों ने तुरंत तीनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। लेकिन हालत गंभीर होने के कारण पहले बेटी स्वाति ने दम तोड़ दिया। इसके बाद बुधवार शाम शंकर गुप्ता की भी मौत हो गई। पत्नी राजकुमारी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही हैं और उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
गनीमत यह रही कि घटना के समय परिवार का बेटा घर पर मौजूद नहीं था। बताया जा रहा है कि वह किसी काम से बाहर गया हुआ था, जिस कारण उसकी जान बच गई। अगर वह घर पर होता तो हादसा और भी भयावह हो सकता था।
मामले की जानकारी मिलते ही शहडोल कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। उप-निरीक्षक उपेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ऑनलाइन गेम में भारी आर्थिक नुकसान की बात सामने आई है। शंकर लगातार पैसे हार रहा था और उस पर कर्ज भी बढ़ता जा रहा था। इसी दबाव में आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया प्रतीत होता है।
पुलिस ने बताया कि घर से कुछ संदिग्ध सामग्री भी बरामद की गई है, जिसे जांच के लिए भेजा जा रहा है। साथ ही परिवार और पड़ोसियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं ताकि घटना के हर पहलू को समझा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल सभी संभावित एंगल से जांच जारी है और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन गेमिंग और उससे जुड़ी लत के खतरनाक पहलुओं को उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब गेमिंग में पैसे दांव पर लगते हैं तो यह धीरे-धीरे जुए जैसी लत का रूप ले सकती है, जिससे व्यक्ति आर्थिक ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी टूट सकता है। कई मामलों में लोग नुकसान की भरपाई के चक्कर में और ज्यादा पैसा लगाते जाते हैं और कर्ज के जाल में फंस जाते हैं।
शहडोल की यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। पड़ोसी और जानने वाले लोग अभी भी सदमे में हैं कि शांत स्वभाव का दिखने वाला व्यक्ति इतना बड़ा कदम उठा सकता है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि शंकर किन-किन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पैसा लगा रहा था और उस पर कुल कितना कर्ज हो चुका था।
फिलहाल पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है और घायल पत्नी के बयान का इंतजार किया जा रहा है। वहीं, इस दर्दनाक घटना ने समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या ऑनलाइन गेमिंग की लत पर समय रहते रोक न लगाई जाए तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे?



