
दिल्ली डबल मर्डर का खुलासा, पड़ोसी निकला कातिल—बेड बॉक्स में छिपाई थीं मां-बेटी की लाशें
राजधानी दिल्ली के सरिता विहार इलाके में सामने आए सनसनीखेज डबल मर्डर केस का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। आली विहार में एक घर के बेड बॉक्स से बरामद हुई मां और उसकी मासूम बेटी की लाशों ने पूरे इलाके को दहला दिया था। अब करीब चार-पांच दिन की जांच के बाद पुलिस ने इस जघन्य वारदात के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि हत्यारा कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि उसी बिल्डिंग में रहने वाला पड़ोसी निकला।

मृतका की पहचान 35 वर्षीय ज्योति और उसकी छह साल की बेटी के रूप में हुई थी। ज्योति अपने पति सुदर्शन के साथ आली विहार स्थित मकान की तीसरी मंजिल पर किराए से रहती थी। परिवार का जीवन सामान्य चल रहा था, लेकिन 20 फरवरी की शाम एक ऐसा खुलासा हुआ जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।
दरअसल, उस दिन जब सुदर्शन घर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि घर का दरवाजा खुला है और अंदर का सामान अस्त-व्यस्त पड़ा है। पत्नी और बेटी दोनों घर में नहीं दिखीं। पहले तो उन्हें लगा कि शायद दोनों कहीं बाहर गई होंगी, लेकिन कमरे की हालत देखकर उनका शक गहरा गया। उन्होंने इधर-उधर तलाश शुरू की और आखिरकार जब बेड बॉक्स खोला गया तो अंदर का नजारा देखकर सभी के होश उड़ गए। बेड के अंदर ज्योति और उसकी मासूम बेटी की लाशें पड़ी थीं।
सूचना मिलते ही सरिता विहार थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच शुरू कराई। शुरुआती जांच में गला दबाकर हत्या किए जाने की आशंका जताई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम टीम और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स को भी बुलाया गया, जिन्होंने घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाए। इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने बिल्डिंग में रहने वाले लोगों से पूछताछ शुरू की। इसी बीच पुलिस की नजर 35 वर्षीय दीनदयाल पर जाकर टिक गई, जो उसी बिल्डिंग में रहता था और रिश्ते में मृतका का भांजा बताया जा रहा था। सबसे बड़ा शक इस बात से हुआ कि वारदात के बाद से दीनदयाल अचानक गायब था और उसका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था।
पुलिस ने तुरंत उसकी तलाश शुरू की और कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी। तकनीकी सर्विलांस और कॉल डिटेल्स के जरिए पुलिस को उसके भागने के रूट की जानकारी मिलनी शुरू हुई। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, इस डबल मर्डर की परतें खुलती चली गईं।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी दीनदयाल पेशे से अकाउंटेंट है और ज्योति के साथ उसके करीबी संबंध थे। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच रिश्तों को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था। पुलिस को शुरुआती पूछताछ में यह भी संकेत मिले कि ज्योति के कथित ‘पजेसिव’ व्यवहार से आरोपी परेशान रहने लगा था। माना जा रहा है कि इसी तनाव ने इस खौफनाक अपराध की नींव रखी।
पुलिस के अनुसार, वारदात वाले दिन दीनदयाल ज्योति के घर पहुंचा था। किसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। गुस्से में आरोपी ने पहले ज्योति का गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने मासूम बच्ची को भी नहीं छोड़ा और उसकी भी जान ले ली, ताकि घटना का कोई चश्मदीद गवाह न बचे।
हत्या करने के बाद आरोपी ने सबूत छिपाने की कोशिश की। उसने दोनों शवों को बेड बॉक्स में ठूंस दिया और कमरे को अस्त-व्यस्त कर दिया, ताकि मामला किसी और दिशा में भटक जाए। इसके बाद वह चुपचाप वहां से फरार हो गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात के तुरंत बाद आरोपी दिल्ली से निकलकर हरिद्वार पहुंच गया, जहां वह करीब दो दिन तक रुका रहा। इसके बाद उसने अपना ठिकाना बदलते हुए बिहार के दरभंगा स्थित अपने पैतृक गांव में शरण ली, ताकि पुलिस की पकड़ से दूर रह सके। हालांकि उसकी यह चाल ज्यादा दिन नहीं चली।
दिल्ली पुलिस ने तकनीकी निगरानी, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और मुखबिर तंत्र की मदद से आखिरकार उसकी लोकेशन पता कर ली। इसके बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अब उसे दिल्ली लाया जा रहा है, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। यह भी जांच की जा रही है कि हत्या की साजिश पहले से रची गई थी या फिर यह अचानक गुस्से में उठाया गया कदम था। साथ ही पुलिस आरोपी और मृतका के रिश्तों की भी गहराई से पड़ताल कर रही है।
इस सनसनीखेज वारदात ने सरिता विहार इलाके के लोगों को दहशत में डाल दिया है। पड़ोसियों का कहना है कि उन्हें कभी अंदाजा नहीं था कि उनके बीच रहने वाला व्यक्ति इतना खौफनाक कदम उठा सकता है। फिलहाल पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।



