
अमृतसर में धार्मिक भावनाओं को ठेस: हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरों का अपमान, वायरल वीडियो से बढ़ा तनाव
पंजाब के अमृतसर शहर में हिंदू देवी-देवताओं से जुड़ा एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में एक व्यक्ति को हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरों के साथ आपत्तिजनक व्यवहार करते देखा गया, जिसके बाद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।

इस घटना से जुड़े दो अलग-अलग वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। पहला वीडियो लगभग 52 सेकेंड का बताया जा रहा है, जिसमें एक पगड़ी और जैकेट पहने व्यक्ति को घर के पिछले हिस्से में पड़े बैनरों पर लगी देवी-देवताओं की तस्वीरों का खुलेआम अपमान करते देखा जा सकता है। वीडियो में आरोपी जूते पहनकर तस्वीरों पर खड़ा होता है, उन्हें जूते मारता है और उन पर थूकता हुआ नजर आता है। इतना ही नहीं, वह कैमरे की दिशा में देखकर बेखौफ अंदाज़ में अपनी हरकतें करता दिखाई देता है।
वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर नाराजगी की लहर दौड़ गई। लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर आहत करने की कोशिश बताया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।
पहले वीडियो के वायरल होने के बाद एक दूसरा वीडियो भी सामने आया, जिसने मामले को और तूल दे दिया। इस वीडियो में खुद को जिला कांग्रेस कमेटी का जनरल सेक्रेटरी बताने वाले नमन कपूर आरोपी को उसके घर तक ले जाते दिखाई देते हैं। वीडियो में नमन कपूर आरोपी की हरकतों पर नाराजगी जताते हुए उसे थप्पड़ मारते हैं और सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाते नजर आते हैं। आरोपी कान पकड़कर और हाथ जोड़कर माफी मांगता दिखाई देता है। मौके पर मौजूद अन्य लोग भी उसकी कड़ी निंदा करते हुए तीखी प्रतिक्रिया देते हैं।
घटना के बाद हिंदू संगठनों में जबरदस्त रोष देखने को मिला। ऑल इंडिया हिंदू संघर्ष कमेटी के अध्यक्ष सचिन महिरा ने अमृतसर पुलिस को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने साफ कहा कि इस मामले को किसी भी हालत में हल्के में न लिया जाए और न ही मानसिक बीमारी जैसे बहानों से कमजोर करने की कोशिश की जाए।
संगठनों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में वैमनस्य फैलाने का काम करती हैं और धार्मिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 298 के तहत धार्मिक भावनाएं आहत करने का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो की तकनीकी और तथ्यात्मक जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा न हो। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि सोशल मीडिया के दौर में इस तरह की आपत्तिजनक हरकतें किस तरह समाज में तनाव और अशांति का कारण बन रही हैं।



