
अंधविश्वास की बलि: जादू-टोने के शक ने छीनी महिला की जान, दोस्त के बेटे ने कुल्हाड़ी से उतारा मौत के घाट
मध्य प्रदेश के मंडला जिले से सामने आई एक रूह कंपा देने वाली घटना ने पूरे इलाके को दहशत और सदमे में डाल दिया है। सहजपुरी गांव में अंधविश्वास इस कदर हावी हुआ कि एक 18 वर्षीय युवक ने अपने ही दोस्त की मां की बेरहमी से हत्या कर दी। जादू-टोने के शक में की गई यह वारदात न सिर्फ क्रूरता की सारी हदें पार करती है, बल्कि समाज में आज भी जड़ें जमाए अंधविश्वास की भयावह सच्चाई को उजागर करती है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है।

यह दर्दनाक घटना रविवार सुबह की बताई जा रही है। 45 वर्षीय फूलकली बैगा अपने घर में अकेली थीं। परिवार के अन्य सदस्य रोज़ी-रोटी के सिलसिले में मजदूरी पर गए हुए थे। गांव में आम दिनों की तरह शांति थी, तभी अचानक यह खौफनाक वारदात हो गई। मृतका के बेटे का दोस्त दीपक यादव, जो महज 18 साल का है, कुल्हाड़ी लेकर फूलकली के घर पहुंचा। किसी को कुछ समझने का मौका मिलता, उससे पहले ही उसने महिला पर जानलेवा हमला कर दिया।
आरोपी ने फूलकली बैगा के सिर और गर्दन पर एक के बाद एक कई वार किए। हमला इतना निर्दयी था कि महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। आरोपी की हैवानियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह कुल्हाड़ी महिला की गर्दन में फंसी छोड़कर मौके से भाग निकला। जब पड़ोसियों को घटना की भनक लगी और वे घर पहुंचे, तो वहां का मंजर देख सभी सन्न रह गए। खून से सना शव और फंसी हुई कुल्हाड़ी ने पूरे गांव को दहला दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही डायल 112 की टीम और स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। एडिशनल एसपी शिव कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपी वारदात के बाद फरार होने की कोशिश में था, लेकिन पड़ोस की एक महिला ने उसे भागते हुए देख लिया था। इसी अहम सुराग के आधार पर पुलिस ने उसकी तलाश तेज की।
मुखबिर से मिली सूचना पर पुलिस ने घुघरी क्षेत्र के पास से दीपक यादव को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने जो वजह बताई, उसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। दीपक का कहना था कि उसे शक था कि फूलकली बैगा जादू-टोना करती है और उसी कारण उसके घर में परेशानियां आ रही थीं।
अंधविश्वास बना हत्या की वजह
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से इस भ्रम में जी रहा था कि महिला तंत्र-मंत्र और जादू-टोने के जरिए उसके परिवार को नुकसान पहुंचा रही है। इसी अंधविश्वास ने उसके मन में नफरत और डर भर दिया, जो अंततः हिंसा में बदल गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने यह कदम किसी तात्कालिक विवाद में नहीं, बल्कि अपने मन में पाले गए इसी झूठे विश्वास के चलते उठाया।
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी को न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं किसी अन्य व्यक्ति ने तो आरोपी को इस अंधविश्वास के लिए उकसाया नहीं था। जरूरत पड़ने पर आरोपी की मानसिक स्थिति की भी जांच कराई जा सकती है।
गांव में मातम और आक्रोश
फूलकली बैगा की हत्या के बाद पूरे सहजपुरी गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस युवक को वे बेटे का दोस्त समझते थे, उसी के हाथों इस तरह की क्रूर मौत ने परिवार को तोड़कर रख दिया है। ग्रामीणों में घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और लोग इस तरह की सोच के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि फूलकली बैगा एक साधारण और मेहनती महिला थीं। उनके खिलाफ जादू-टोने जैसी कोई बात पहले कभी सामने नहीं आई थी। इसके बावजूद एक झूठे शक ने उनकी जान ले ली। यह घटना दिखाती है कि कैसे अफवाहें और अंधविश्वास निर्दोष लोगों को निशाना बना लेते हैं।
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। आज भी कई ग्रामीण इलाकों में अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र और जादू-टोने जैसी कुरीतियां लोगों के सोचने-समझने की शक्ति पर हावी हैं। जानकारों का मानना है कि जब तक शिक्षा, जागरूकता और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा, तब तक ऐसी घटनाएं रुकना मुश्किल है।
पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के अंधविश्वास या अफवाहों पर भरोसा न करें। यदि किसी को इस तरह की मानसिकता या हिंसा की आशंका दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचित करें। कानून अपने हाथ में लेना किसी भी हाल में सही नहीं है।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और आरोपी को सख्त सजा दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। फूलकली बैगा की निर्मम हत्या ने यह साफ कर दिया है कि अंधविश्वास आज भी समाज के लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है और एक झूठा शक किस तरह किसी की पूरी जिंदगी छीन सकता है।



