
सौतेली मां बनी दरिंदा—3 साल की बच्ची की कुल्हाड़ी से हत्या, तंत्र-मंत्र एंगल से जांच
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों और इंसानियत दोनों को झकझोर कर रख दिया है। पिपराइच थाना क्षेत्र के एक गांव में एक नवविवाहित महिला पर अपनी ही तीन साल की सौतेली बेटी की बेरहमी से हत्या करने का आरोप है। मासूम बच्ची का शव घर के कमरे में पूजा स्थल के पास खून से लथपथ हालत में मिला, जबकि उसका सिर धड़ से अलग था। घटना की भयावहता को देखते हुए पुलिस तंत्र-मंत्र और मानसिक विकृति—दोनों एंगल से जांच कर रही है।

यह सनसनीखेज वारदात पिपराइच क्षेत्र के इमलिया उर्फ विजहरा गांव की बताई जा रही है। मृत बच्ची की पहचान आदित्या उर्फ लाडो (3) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी महिला पूजा मौर्य को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है। पूरे इलाके में इस घटना के बाद गहरा सदमा और आक्रोश का माहौल है।
मां का प्यार दिलाने के लिए की थी दूसरी शादी
जानकारी के मुताबिक, गांव निवासी त्रिवेणी मौर्य की पहली पत्नी का कुछ समय पहले निधन हो गया था। पत्नी की मौत के बाद उनकी छोटी बेटी लाडो मां के स्नेह से वंचित हो गई थी। बच्ची की देखभाल और बेहतर परवरिश के लिए त्रिवेणी ने इसी साल जनवरी में पूजा मौर्य से दूसरी शादी की थी। परिवार और ग्रामीणों को उम्मीद थी कि नई मां बच्ची को अपनाएगी और घर फिर से सामान्य हो जाएगा।
लेकिन शादी के महज दो महीने बाद ही हालात ने खौफनाक मोड़ ले लिया। जिस महिला को बच्ची की मां बनने के लिए घर लाया गया था, उसी पर उसकी हत्या का आरोप लगा है।
आधी रात की संदिग्ध हरकत से खुला मामला
त्रिवेणी मौर्य के मुताबिक, मंगलवार देर रात करीब 11 से 12 बजे के बीच उनकी नींद खुली तो उन्होंने देखा कि उनकी पत्नी पूजा घर से बाहर निकल रही है। यह बात उन्हें इसलिए संदिग्ध लगी क्योंकि पूजा आमतौर पर रात में कमरे से बाहर नहीं निकलती थी। जब उन्होंने उसे रोकने की कोशिश की, तो वह तेज कदमों से भागने लगी।
त्रिवेणी को शक हुआ और उन्होंने शोर मचा दिया। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों की मदद से पूजा को पकड़ लिया गया। इसके बाद जब त्रिवेणी वापस कमरे के अंदर पहुंचे तो वहां का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए।
कमरे में मिला दिल दहला देने वाला दृश्य
कमरे के अंदर बिस्तर के पास तीन साल की मासूम लाडो की लाश पड़ी थी। बच्ची का सिर धड़ से अलग था और पूरा कमरा खून से सना हुआ था। यह दृश्य इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सील कर दिया गया। फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पूजा स्थल के पास हत्या से बढ़ा शक
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि जिस कमरे में हत्या हुई, वहां डबल बेड के ठीक बगल में भगवान की तस्वीरें लगी थीं और एक छोटा पूजा स्थल बना हुआ था। हत्या की जगह और तरीके को देखकर पुलिस को शक है कि मामला किसी तरह के तंत्र-मंत्र या अंधविश्वास से जुड़ा हो सकता है।
हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और हर पहलू से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी महिला की मानसिक स्थिति और उसके पिछले व्यवहार की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
सूचना मिलते ही पिपराइच थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी पूजा मौर्य को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
चौरीचौरा के सीओ रत्नेश्वर सिंह ने बताया कि तीन साल की बच्ची की धारदार हथियार से हत्या की गई है। मौके से हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी बरामद कर ली गई है। आरोपी महिला के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और घटना की असली वजह पता लगाने के लिए गहन जांच जारी है।
गांव में दहशत और गुस्से का माहौल
इस जघन्य वारदात के बाद पूरे गांव में दहशत और आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि घर के अंदर इतनी भयावह घटना हो सकती है। लोग मासूम बच्ची की मौत से बेहद दुखी हैं और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल है। जिस पिता ने बेटी को मां का प्यार दिलाने के लिए दूसरी शादी की थी, वही अब अपनी बच्ची को हमेशा के लिए खो चुका है।
कई एंगल से चल रही जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल मामले की जांच कई बिंदुओं पर की जा रही है। इसमें तंत्र-मंत्र की आशंका, पारिवारिक तनाव, मानसिक स्थिति और अन्य संभावित कारण शामिल हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आरोपी से विस्तृत पूछताछ के बाद ही हत्या के पीछे की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। इस दिल दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अंधविश्वास, मानसिक असंतुलन या घरेलू तनाव जब खतरनाक रूप ले लेते हैं, तो उनके परिणाम कितने भयावह हो सकते हैं।



