
शक की आग में झुलसा रिश्ता, पिता ने बेटे की बेरहमी से की हत्या
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने रिश्तों की बुनियाद को हिला कर रख दिया है। यहां एक पिता ने अपने ही जवान बेटे की निर्मम हत्या कर दी। हैरानी की बात यह है कि इस खौफनाक वारदात के पीछे कोई ठोस कारण नहीं, बल्कि महज शक बताया जा रहा है। आरोपी को यह संदेह था कि उसके बेटे और उसकी पत्नी के बीच अवैध संबंध हैं, और इसी शक ने उसे इतना अंधा बना दिया कि उसने अपने ही खून का कत्ल कर दिया।

यह मामला करेली थाना क्षेत्र का है, जहां शुक्रवार देर रात परिवार के भीतर चल रहा विवाद एक भयानक मोड़ पर पहुंच गया। जानकारी के अनुसार, आरोपी अपने परिवार के साथ रहता था, जिसमें उसकी पत्नी और तीन बेटे शामिल थे। परिवार आर्थिक रूप से साधारण था और रोजमर्रा के कामकाज से जीवन यापन करता था। आरोपी नशे का आदी बताया जा रहा है और इसी कारण घर में अक्सर तनाव का माहौल बना रहता था।
बताया जा रहा है कि आरोपी का अपने बड़े बेटे के साथ पहले भी कई बार झगड़ा हो चुका था। वह अपने बेटे पर शक करता था और इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी होती रहती थी। शुक्रवार की रात भी दोनों के बीच विवाद हुआ, जो धीरे-धीरे बढ़ता गया। झगड़े के दौरान स्थिति इतनी बिगड़ गई कि बेटे के कहने पर उसकी मां घर छोड़कर अतरसुइया स्थित अपने मायके चली गई।
मां के घर से जाने के बाद ऐसा लगा कि मामला शांत हो गया है। तीनों बेटे खाना खाकर घर की छत पर सोने चले गए। लेकिन आरोपी के मन में बैठा शक खत्म नहीं हुआ। देर रात उसने अपने बड़े बेटे को नीचे बुलाया और उस पर हमला कर दिया। उसने जूसर के हैंडल से बेटे के सिर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपी ने बेहद चालाकी से घटना को छिपाने की कोशिश की। उसने बेटे के शव को कमरे में ही छोड़ दिया और दरवाजे पर ताला जड़ दिया। इसके बाद उसने घर के मुख्य गेट को भी बाहर से बंद कर दिया, ताकि किसी को तुरंत घटना का पता न चल सके। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया।
अगली सुबह जब बाकी दोनों बेटे छत से नीचे आए, तो उन्होंने देखा कि घर का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद है और पिता घर में नहीं है। उन्हें कुछ अनहोनी का अंदेशा हुआ। उन्होंने अपनी मां को फोन कर सारी बात बताई। मां के आने के बाद जब दरवाजा खोला गया और कमरे का ताला तोड़ा गया, तो अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। उनका बड़ा बेटा जमीन पर खून से लथपथ पड़ा था और उसकी मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। निकिता श्रीवास्तव और आशीष सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौके की वीडियोग्राफी कर साक्ष्य जुटाए गए और परिजनों के बयान दर्ज किए गए।
जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि परिवार में लंबे समय से तनाव चल रहा था और आरोपी अपने बेटे पर शक करता था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी की तलाश शुरू की। मोबाइल लोकेशन और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपी को पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपना अपराध कबूल कर लिया और बताया कि शक के चलते उसने अपने बेटे की हत्या की।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले अपने छोटे भाई पर भी इसी तरह का शक करता था। इसी कारण परिवार में कई बार विवाद हो चुका था और उसका भाई अलग रहने लगा था। इससे साफ होता है कि आरोपी की मानसिक स्थिति और उसका संदेहपूर्ण स्वभाव इस घटना के पीछे बड़ा कारण रहा।
इस घटना के बाद परिवार पूरी तरह बिखर गया है। मृतक के भाई अपने बड़े भाई की मौत से गहरे सदमे में हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं मां का दुख और भी गहरा है। वह बार-बार यही कहती रही कि अगर वह उस रात घर छोड़कर न जाती, तो शायद उसका बेटा आज जिंदा होता। उसका यह दर्द हर किसी को भावुक कर रहा है।
मोहल्ले के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं। किसी को यकीन नहीं हो रहा कि एक पिता अपने ही बेटे के साथ इतनी क्रूरता कर सकता है। यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि शक और नशा किस तरह इंसान को अंदर से खोखला कर देते हैं।
फिलहाल, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे अदालत में पेश करने की प्रक्रिया चल रही है। मामले की जांच जारी है और पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई कर रही है।
कुल मिलाकर, प्रयागराज की यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि समाज को भी सोचने पर मजबूर करती है। यह मामला दिखाता है कि जब विश्वास टूटता है और शक हावी हो जाता है, तो उसके परिणाम कितने भयावह हो सकते हैं।



