
वेलेंटाइन डे के शक ने ली जान
हरियाणा के हिसार जिले में हुई 27 वर्षीय बैंकर महक की हत्या का मामला पुलिस जांच में एक चौंकाने वाले मोड़ पर आकर थम गया। जिस पति ने खुद को लूट की वारदात का शिकार बताया था, वही अपनी गर्भवती पत्नी का कातिल निकला। पुलिस ने जब मामले की तह तक पहुंचने के लिए सख्ती दिखाई तो आरोपी पति अंशुल धवन ने हत्या की साजिश और उसे अंजाम देने की बात कबूल कर ली।

यह सनसनीखेज वारदात हिसार में सामने आई, जहां एचडीएफसी बैंक में कार्यरत महक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शुरुआत में मामला लूट और हत्या का बताया गया था, लेकिन पुलिस को शुरुआत से ही कुछ बातें खटक रही थीं। घटनास्थल और आरोपी के बयान में कई विरोधाभास मिले, जिसके बाद जांच की दिशा बदल दी गई।
पुलिस के अनुसार, अंशुल धवन पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट है और गुरुग्राम में कार्यरत है। वह अपनी पत्नी के साथ वेलेंटाइन डे मनाने के बहाने हिसार आया था। 14 फरवरी को दोनों ने साथ समय बिताया और अगले दिन 15 फरवरी को वे हांसी स्थित महक के घर गए। वहां कुछ समय रुकने के बाद शाम को दोनों गुरुग्राम के लिए रवाना हुए। इसी सफर के दौरान यह खौफनाक वारदात हुई।
जांच में सामने आया कि अंशुल को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। उसे महक का अपने सहकर्मियों से मिलनसार व्यवहार पसंद नहीं था। वेलेंटाइन डे पर महक के मोबाइल फोन पर आए कुछ अनजान कॉल और मैसेज ने उसके शक को और गहरा कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस हुई। पुलिस मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर किस कॉल या संदेश ने विवाद को इतना बढ़ा दिया कि बात हत्या तक पहुंच गई।
आरोप है कि कार में सफर के दौरान बहस इतनी बढ़ गई कि अंशुल ने पहले महक का गला दबाया। जब वह बेहोश हो गई या कमजोर पड़ गई, तब उसने कैंची से उसके गले पर एक के बाद एक कई वार किए। पुलिस के मुताबिक, कम से कम छह बार गले पर वार किए गए। हत्या के बाद अंशुल ने खुद को बचाने के लिए लूट की झूठी कहानी गढ़ी। उसने अपने माथे पर खुद ही चोट मारी, ताकि वारदात को असली लूट जैसा दिखाया जा सके।
इतना ही नहीं, पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि हत्या से पहले अंशुल ने अपने हाथों में दस्ताने पहन रखे थे, ताकि उसके फिंगरप्रिंट न मिलें। वारदात के बाद उसने दस्ताने घटनास्थल के पास फेंक दिए। पुलिस को कुछ दूरी पर दस्ताने मिले, जिससे शक और गहरा गया। कैंची की बरामदगी के लिए पुलिस ने मेटल डिटेक्टर की मदद से इलाके में तलाशी अभियान भी चलाया।
हत्या के बाद अंशुल ने पुलिस को फोन कर बताया कि उनके साथ लूटपाट हुई है और बदमाशों ने उसकी पत्नी की हत्या कर दी। उसने वारदात की लोकेशन बादली क्षेत्र के गांव पाहसौर के पास बताई। लेकिन जब पुलिस ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की और अंशुल से अलग-अलग समय पर पूछताछ की, तो उसके बयान बदलने लगे। यही पुलिस के शक का आधार बना।
महक की उम्र महज 27 साल थी और वह गर्भवती भी थी। इस बात ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया। परिवार के लोग इस घटना से गहरे सदमे में हैं। उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि महक की जान उसके अपने ही पति के हाथों चली जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ की जाएगी। मोबाइल डेटा, लोकेशन ट्रैकिंग और फॉरेंसिक रिपोर्ट के जरिए हर पहलू की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या आरोपी ने पहले से हत्या की पूरी योजना बना रखी थी या यह अचानक हुए विवाद का नतीजा था।
इस हत्याकांड ने एक बार फिर रिश्तों में बढ़ते अविश्वास और शक की भयावह तस्वीर सामने रख दी है। वेलेंटाइन डे जैसे प्रेम के प्रतीक दिन पर शुरू हुआ विवाद एक निर्दोष महिला की जान ले बैठा। पुलिस का कहना है कि मामले में ठोस सबूत जुटाए जा रहे हैं, ताकि अदालत में आरोपी को कड़ी सजा दिलाई जा सके।
फिलहाल आरोपी पति सलाखों के पीछे है और पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। महक की मौत ने न सिर्फ उसके परिवार, बल्कि पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक खुशहाल दिखने वाला रिश्ता शक और गुस्से की आग में जलकर राख हो गया।

