
वेब सीरीज से सीखी साजिश, बेटे ने पिता की हत्या कर रची खौफनाक कहानी
राजधानी के आशियाना इलाके में सामने आए दिल दहला देने वाले हत्याकांड ने हर किसी को सन्न कर दिया है। इस मामले में आरोपी अक्षत सिंह ने पुलिस रिमांड के दौरान जो खुलासे किए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने अपने ही पिता की हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए पूरी योजना बनाकर कदम उठाए थे। उसने ऑनलाइन चाकू मंगवाने से लेकर बाजार से आरी खरीदने तक की तैयारी की और अपनी छोटी बहन को धमकाकर कई दिनों तक सच छिपाए रखा।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना 20 फरवरी की सुबह की है। आरोपी अक्षत ने अपने पिता की लाइसेंसी राइफल से उनके सिर में गोली मार दी। हैरानी की बात यह रही कि वारदात के बाद वह घबराया नहीं, बल्कि बेहद ठंडे दिमाग से शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाने लगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी का व्यवहार पूरी घटना के दौरान असामान्य रूप से शांत और योजनाबद्ध था।
पूछताछ में अक्षत ने कबूल किया कि हत्या के तुरंत बाद उसने इंटरनेट के जरिए एक चाकू ऑर्डर किया था। उसका इरादा था कि वह शव के टुकड़े कर अलग-अलग जगह फेंक देगा ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। लेकिन जब चाकू से हड्डियां नहीं कट पाईं, तो उसने दूसरा रास्ता अपनाया। वह बाजार गया और वहां से एक आरी खरीद लाया।
आरोप है कि आरी से उसने अपने पिता के हाथ और पैर अलग कर दिए। इसके बाद शरीर के अलग-अलग हिस्सों को सुनसान इलाकों में फेंक दिया, ताकि किसी को शक न हो। वहीं धड़ और सिर को उसने एक नीले ड्रम में छिपाकर रखा और ऊपर से रजाई-गद्दे रख दिए, ताकि बदबू बाहर न आए और किसी को भनक न लगे।
जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। वारदात के समय अक्षत की छोटी बहन घर के दूसरे कमरे में मौजूद थी। गोली की आवाज सुनकर जब वह कमरे में पहुंची तो पिता की लाश देखकर स्तब्ध रह गई। पुलिस के अनुसार, इसी वक्त अक्षत ने उसे डराया और अंग्रेजी में कहा— “आई विल हैंडल दिस।” उसने बहन को जान से मारने की धमकी भी दी, जिसके डर से वह कई दिनों तक चुप रही।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बहन सदमे और डर के कारण सामान्य व्यवहार करती रही। वह रोज की तरह स्कूल भी जाती रही, ताकि किसी को घर में हुई घटना का शक न हो। जांचकर्ताओं के मुताबिक, आरोपी ने जानबूझकर उसे मानसिक दबाव में रखा ताकि मामला बाहर न जाए।
पूछताछ के दौरान अक्षत ने यह भी बताया कि उसने हाल ही में “वध” नाम की एक वेब सीरीज देखी थी। उसी से उसे यह विचार आया कि अगर शव के टुकड़े कर अलग-अलग जगह फेंक दिए जाएं तो पुलिस को जांच में भ्रमित किया जा सकता है। हालांकि पुलिस का कहना है कि वह इस दावे की भी जांच कर रही है और तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि पिता के किसी कथित अफेयर की बात फिलहाल सिर्फ अफवाह है। अब तक की जांच में ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है जो इस एंगल की पुष्टि करता हो। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है।
परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया कि अक्षत पढ़ाई में शुरू से तेज छात्र रहा है। वह 12वीं कक्षा तक अच्छे अंकों से पास होता रहा। लेकिन उसके बाद उसका मन पढ़ाई से हटने लगा। बताया जा रहा है कि पिता चाहते थे कि वह आगे चलकर डॉक्टर बने, जबकि अक्षत खुद बिजनेस करना चाहता था। इसी बात को लेकर घर में अक्सर तनाव और बहस होती रहती थी।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यही जिद और बढ़ता पारिवारिक तनाव इस खौफनाक वारदात की बड़ी वजह बन सकता है। हालांकि पुलिस अभी भी अन्य संभावित कारणों की भी पड़ताल कर रही है, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।
दिलचस्प बात यह भी है कि घटना के बाद अक्षत ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। शुरुआत में उसने दावा किया कि उसके पिता दिल्ली गए हुए हैं और उनका फोन स्विच ऑफ है। उसने मामले को आत्महत्या जैसा दिखाने की भी कोशिश की थी। लेकिन पुलिस को उसकी बातों पर शक हुआ।
जब जांच टीम ने मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और उसके बयानों का मिलान किया, तो कई विरोधाभास सामने आए। इसके बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, जिसमें अक्षत टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। फिलहाल पुलिस ने हत्या, सबूत मिटाने और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे इलाके में दहशत और हैरानी का माहौल बना दिया है। लोग यह सोचकर सिहर उठे हैं कि एक बेटा इतनी ठंडे दिमाग से अपने ही पिता की हत्या कर सकता है। पुलिस अब मामले से जुड़े हर पहलू की गहन जांच कर रही है, ताकि अदालत में पुख्ता साक्ष्य पेश किए जा सकें।
फिलहाल आरोपी पुलिस रिमांड में है और उससे आगे भी पूछताछ जारी रहने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस पूरे मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। वहीं, परिवार और स्थानीय लोग अभी भी इस घटना के सदमे से उबर नहीं पाए हैं।



