उत्तर प्रदेश

रिश्तों की मर्यादा टूटी—मामा-भांजी ने मंदिर में लिए सात फेरे, इलाके में चर्चा तेज

संगम नगरी प्रयागराज एक ऐसी घटना की गवाह बनी है, जिसने सामाजिक परंपराओं और पारिवारिक रिश्तों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर अंचल से जुड़े एक युवक और उसकी रिश्ते की भांजी ने तमाम सामाजिक बंदिशों की परवाह किए बिना शादी कर ली। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच पिछले करीब दो वर्षों से गुप्त प्रेम संबंध चल रहा था, जो आखिरकार विवाह तक पहुंच गया। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में जहां हैरानी का माहौल है, वहीं सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से चर्चा में है।

जानकारी के अनुसार, शिवपुरी जिले के रामनगर निवासी अवनीश कुशवाह और भितरवार क्षेत्र की रहने वाली उसकी रिश्ते की भांजी के बीच लंबे समय से नजदीकियां बढ़ रही थीं। पारिवारिक रिश्तेदारी के कारण दोनों का एक-दूसरे के घर आना-जाना पहले से था। इसी दौरान बातचीत और मुलाकातों का सिलसिला धीरे-धीरे भावनात्मक लगाव में बदल गया। परिवार को लंबे समय तक इस रिश्ते की भनक नहीं लगी।

बताया जाता है कि दोनों अपने रिश्ते की संवेदनशीलता को अच्छी तरह समझते थे। उन्हें मालूम था कि समाज में मामा-भांजी का रिश्ता बेहद पवित्र माना जाता है और इस तरह का प्रेम संबंध परिवार और समाज दोनों के लिए अस्वीकार्य हो सकता है। इसी वजह से उन्होंने अपने रिश्ते को पूरी तरह गुप्त रखा। सूत्रों के मुताबिक, पिछले करीब दो वर्षों तक दोनों चोरी-छिपे मिलते रहे। कई बार रात के समय भी उनकी मुलाकातें होती थीं, ताकि किसी को शक न हो।

समय के साथ दोनों ने साथ जीवन बिताने का फैसला कर लिया। 30 मार्च को उन्होंने एक बड़ा कदम उठाया और बिना किसी को बताए अपने-अपने घरों से निकल गए। जब युवती अचानक लापता हुई तो परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों ने तुरंत भितरवार थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए तलाश शुरू कर दी।

इधर, प्रेमी जोड़ा पहले से योजना बनाकर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज पहुंच चुका था। बताया जा रहा है कि दोनों ने वहां नई जिंदगी शुरू करने की तैयारी कर ली थी। कुछ दिनों तक उनकी लोकेशन का पता नहीं चल पाया, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई। हालांकि बाद में मामला तब पलटा जब दोनों खुद ही पुलिस के सामने पहुंच गए।

थाने में पेश होकर अवनीश और युवती ने साफ कहा कि वे दोनों बालिग हैं और अपनी मर्जी से साथ रहना चाहते हैं। उन्होंने अपने उम्र संबंधी दस्तावेज भी पुलिस को दिखाए। कानूनी रूप से दोनों के बालिग होने के कारण पुलिस के पास हस्तक्षेप की सीमित गुंजाइश रह गई। अधिकारियों ने उन्हें कानूनी स्थिति समझाई और परिवार को भी सूचना दी गई।

जब परिवारों को पूरे मामले की सच्चाई पता चली तो शुरुआत में कड़ा विरोध सामने आया। रिश्ते की प्रकृति को देखते हुए परिजन बेहद नाराज थे और इस विवाह के खिलाफ थे। परिवार के सदस्यों ने दोनों को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन अवनीश और उसकी भांजी अपने फैसले पर अडिग रहे। उनका कहना था कि वे लंबे समय से एक-दूसरे से प्रेम करते हैं और अब अलग नहीं रह सकते।

काफी दिनों तक चली मान-मनौव्वल और बातचीत के बाद आखिरकार परिवार का रुख नरम पड़ा। बताया जा रहा है कि सामाजिक दबाव और दोनों की जिद को देखते हुए परिजनों ने अनिच्छा के बावजूद उनकी शादी को मंजूरी दे दी। इसके बाद प्रयागराज के एक प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में पूरे रीति-रिवाज के साथ दोनों का विवाह संपन्न कराया गया। शादी के दौरान कुछ परिजन भी मौजूद रहे।

विवाह की खबर जैसे ही इलाके में फैली, लोगों के बीच चर्चा का दौर शुरू हो गया। एक वर्ग इस घटना को व्यक्तिगत स्वतंत्रता और कानूनी अधिकारों के नजरिए से देख रहा है, तो वहीं दूसरा वर्ग इसे पारिवारिक और सामाजिक परंपराओं के विपरीत बता रहा है। खासकर रिश्ते की प्रकृति को लेकर लोगों में ज्यादा हैरानी देखने को मिल रही है।

समाजशास्त्रियों का मानना है कि ऐसे मामले भारतीय समाज में भावनात्मक और सांस्कृतिक टकराव की स्थिति पैदा कर देते हैं। कानून भले ही बालिगों को अपनी पसंद से शादी करने की अनुमति देता हो, लेकिन पारंपरिक रिश्तों की मर्यादा को लेकर समाज में संवेदनशीलता बनी रहती है। यही वजह है कि यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया।

फिलहाल दोनों साथ रहने पर अडिग हैं और परिवार ने भी सार्वजनिक रूप से इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया है। पुलिस की ओर से कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है, क्योंकि दोनों बालिग हैं और उन्होंने अपनी मर्जी से शादी की है। हालांकि सामाजिक स्तर पर इस घटना को लेकर बहस अभी थमी नहीं है।

कुल मिलाकर, यह मामला एक बार फिर उस बहस को सामने ले आया है, जिसमें व्यक्तिगत पसंद, पारिवारिक परंपरा और सामाजिक मान्यताओं के बीच टकराव साफ दिखाई देता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि समाज ऐसे मामलों को किस नजर से देखता है और क्या इस तरह की घटनाएं पारंपरिक सोच में कोई बदलाव ला पाती हैं।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on X-twitter Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Back to top button