
रहस्यमयी हालात में इंजीनियर की मौत ने पकड़ा तूल: दो महीने बाद पिता ने उठाए हत्या के सवाल
हरियाणा के अंबाला शहर में एक युवा इंजीनियर की संदिग्ध मौत का मामला अब फिर से चर्चा में आ गया है। करीब दो महीने पहले हुई इस घटना को शुरुआत में एक हादसा माना जा रहा था, लेकिन अब मृतक के पिता ने इसे हत्या करार देते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इस नए घटनाक्रम के बाद पुलिस ने मामले की जांच दोबारा शुरू कर दी है और हर पहलू को गहराई से खंगालने की तैयारी में है।

यह मामला 6 फरवरी का है, जब महेश नगर इलाके में स्थित लेखी कॉम्प्लेक्स की पार्किंग में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के डिप्टी इंजीनियर राहुल मिश्रा का शव मिला था। उस समय यह कहा गया था कि राहुल की मौत छत से गिरने के कारण हुई है। मकान मालिक ने भी पुलिस को यही जानकारी दी थी, जिसके आधार पर मामले को एक दुर्घटना मान लिया गया।
हालांकि, अब इस केस में बड़ा मोड़ तब आया जब मृतक के पिता विनोद कुमार मिश्रा ने पुलिस के सामने नई शिकायत दर्ज कराई। लखनऊ निवासी विनोद कुमार, जो भारतीय वायु सेना में जूनियर वारंट ऑफिसर (जेडब्ल्यूओ) के पद पर कार्यरत हैं, ने अपने बेटे की मौत को लेकर गहरी शंका जताई है। उनका कहना है कि यह कोई साधारण हादसा नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश हो सकती है।
पिता का आरोप है कि उनके बेटे की मौत को छत से गिरने की कहानी बताकर असल सच्चाई को छिपाने की कोशिश की गई है। उन्होंने बताया कि राहुल के शरीर पर कई ऐसे चोटों के निशान थे, जो सामान्य गिरने से नहीं हो सकते। यही कारण है कि उन्हें इस घटना में हत्या की आशंका लगती है।
विनोद कुमार मिश्रा ने अपनी शिकायत में मकान मालिक और उसके बेटे पर सीधे तौर पर संदेह जताया है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि इन दोनों लोगों से सख्ती से पूछताछ की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
पिता की शिकायत के बाद महेश नगर थाना पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की धारा 103(1) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। इसके साथ ही मामले की दोबारा जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब पुराने सबूतों की समीक्षा करने के साथ-साथ नए सिरे से जांच कर रही है।
राहुल मिश्रा पिछले करीब डेढ़ साल से अंबाला के लेखी कॉम्प्लेक्स में किराए पर रह रहे थे। वह भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के माध्यम से एयरफोर्स स्टेशन के अंदर आकाश मिसाइल यूनिट में डिप्टी इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे। अपने काम में दक्ष और शांत स्वभाव के राहुल की अचानक हुई मौत ने उनके परिवार और जानने वालों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
घटना के दिन, 6 फरवरी को, जब राहुल का शव पार्किंग में मिला, तब किसी को भी यह अंदाजा नहीं था कि यह मामला आगे चलकर इतना गंभीर रूप ले लेगा। शुरुआती जांच में इसे दुर्घटना मान लिया गया था, लेकिन अब जब परिवार ने सवाल उठाए हैं, तो पुलिस भी सतर्क हो गई है।
इस मामले को लेकर एक दिन पहले मृतक के पिता ने हरियाणा के ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज से भी मुलाकात की थी। उन्होंने मंत्री को पूरी घटना की जानकारी दी और निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई और पुलिस को मामले में तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
अब पुलिस इस मामले में हर संभव पहलू की जांच कर रही है। घटनास्थल से जुड़े सबूत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तकनीकी जानकारियों को दोबारा खंगाला जा रहा है। साथ ही, मकान मालिक और अन्य संदिग्धों से पूछताछ की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
इस घटना ने स्थानीय लोगों के बीच भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर यह वास्तव में हत्या का मामला है, तो यह कानून-व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल होगा। वहीं, अगर जांच में कुछ और सच्चाई सामने आती है, तो वह भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी।
राहुल मिश्रा की मौत केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे सिस्टम की भी परीक्षा है, जहां हर व्यक्ति को न्याय मिलने की उम्मीद होती है। उनके पिता का कहना है कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक उनका परिवार चैन से नहीं बैठ सकता।
फिलहाल, पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में जांच के निष्कर्ष ही यह तय करेंगे कि राहुल मिश्रा की मौत एक हादसा थी या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी हुई है।

