
बंद कमरे में अंगीठी बनी जानलेवा, मुरादाबाद में दो बच्चों की मौत
यूपी के मुरादाबाद जिले के छजलैट क्षेत्र में ठंड से बचाव के लिए अपनाया गया एक गलत तरीका पूरे परिवार पर भारी पड़ गया। बंद कमरे में जलाई गई कोयले की अंगीठी से उठे जहरीले धुएं के कारण दो मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य परिजन गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं।

घटना गुरुवार रात की है, जब जावेद अपने परिवार के साथ कमरे में सो रहे थे। भीषण ठंड के चलते उन्होंने कोयले की अंगीठी जलाकर कमरे के अंदर रख दी। रातभर कमरे में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस फैलती रही, जिसने धीरे-धीरे सभी को अपनी चपेट में ले लिया।
सुबह तक नहीं खुला दरवाजा
शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे तक जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को चिंता हुई। जावेद के भतीजे आमिर खान और साले सलाउद्दीन ने दरवाजा खटखटाया। कुछ देर बाद जावेद ने दरवाजा खोला, लेकिन वह ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे।
कमरे के अंदर घुसते ही धुएं की गंध ने साफ कर दिया कि मामला गंभीर है। बेड पर जावेद की पत्नी शाहिस्ता और तीनों बच्चे बेहोशी की हालत में पड़े थे। तत्काल सभी को निजी अस्पताल पहुंचाया गया।
डॉक्टरों ने आहिल (4) और आयरा (3) को मृत घोषित कर दिया, जबकि पिता जावेद, मां शाहिस्ता और बेटा शिफान का इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, यह मौतें दम घुटने यानी कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के प्रभाव से हुई हैं।
हर साल ठंड में सामने आते हैं ऐसे मामले
विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में अंगीठी, कोयला या हीटर का गलत इस्तेमाल जानलेवा साबित हो सकता है। बंद कमरे में जल रही अंगीठी से निकलने वाली गैस रंगहीन और गंधहीन होती है, जिससे व्यक्ति को खतरे का पता नहीं चलता और नींद में ही दम घुट सकता है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ठंड से बचने के लिए सुरक्षित उपाय अपनाएं, बंद कमरों में अंगीठी या कोयला न जलाएं और वेंटिलेशन का विशेष ध्यान रखें, ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाओं से बचा जा सके।



