
तीन बहनों की मौत में परिवार की उलझी परतें, पिता की चौथी शादी और पुराने विवाद फिर चर्चा में
तीन सगी नाबालिग बहनों की सामूहिक आत्महत्या के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं। मोबाइल फोन की लत और कोरियन कंटेंट न देख पाने की निराशा से जुड़ा शुरुआती कारण अब पारिवारिक पृष्ठभूमि और पिता के निजी जीवन से जुड़ी जटिलताओं के साथ और गहराता नजर आ रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है, बल्कि कई अनुत्तरित सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

मृतक बहनों—निशिका, प्राची और पाखी—की मौत के बाद पुलिस ने जब जांच शुरू की तो सामने आया कि उनके पिता चेतन का वैवाहिक जीवन काफी उलझा हुआ रहा है। जानकारी के अनुसार, चेतन ने चार शादियां की हैं। वर्तमान में उनकी तीन पत्नियां—सुजाता, हिना और टीना—हैं, जो आपस में सगी बहनें बताई जा रही हैं। बताया गया कि पहली पत्नी सुजाता से संतान नहीं होने पर चेतन ने दूसरी बहन हिना से विवाह किया। बाद में दोनों से चार बच्चे हुए। करीब पांच वर्ष पहले चेतन ने तीसरी बहन टीना से भी शादी की, जिससे उन्हें एक तीन वर्षीय बेटी है।
जांच के दौरान वर्ष 2015 की एक पुरानी घटना भी चर्चा में आ गई है। उस समय चेतन साहिबाबाद के राजेंद्र नगर सेक्टर-2 स्थित शुभधाम अपार्टमेंट में किराये पर रहते थे। वहीं उनकी एक पत्नी की छत से गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उस वक्त पुलिस ने मामले को आत्महत्या मानते हुए फाइल बंद कर दी थी। हालांकि अब तीनों बेटियों की मौत के बाद उस घटना को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अपार्टमेंट के कुछ निवासियों का कहना है कि चेतन का परिवार किसी से घुलता-मिलता नहीं था और सामाजिक रूप से पूरी तरह अलग-थलग रहता था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, चेतन करीब पांच साल तक उस अपार्टमेंट में रहे। उनके साथ तीन महिलाएं, एक दिव्यांग बेटा और दो बेटियां रहती थीं। लेकिन परिवार का किसी से कोई विशेष संपर्क नहीं था। पड़ोसियों का कहना है कि वे लोग अपने में ही सीमित रहते थे और किसी के घर आना-जाना नहीं था। 2019 में वे फ्लैट खाली कर चले गए। यह भी जानकारी सामने आई है कि उस दौरान कई महीनों का किराया बकाया था।
वर्तमान मामले में पुलिस जांच से पता चला है कि चेतन ने अपनी दो बड़ी बेटियों को छह माह पहले दो मोबाइल फोन खरीदकर दिए थे। लेकिन तीन माह पूर्व एक मोबाइल फोन उन्होंने उनसे छीनकर बेच दिया। दूसरा फोन घटना वाले दिन, तीन फरवरी की सुबह, उनसे लेकर बेच दिया गया। बताया जा रहा है कि मोबाइल फोन छीनने के बाद तीनों बहनें बेहद आहत हो गई थीं। वे कोरियन कल्चर और उससे जुड़े कार्यक्रमों की शौकीन थीं और दिनभर गुमसुम रहीं।
घटना से पहले उन्होंने कुछ समय के लिए अपनी बड़ी मां सुजाता का मोबाइल फोन लिया, लेकिन उसमें वे अपनी पसंद का कंटेंट नहीं देख पाईं। पुलिस की साइबर जांच में भी उस फोन से कोई संदिग्ध सामग्री या सुराग नहीं मिला। बताया गया कि मोबाइल फोन बेचकर मिले पैसों से चेतन ने उसी दिन अपने फ्लैट के बिजली मीटर का रिचार्ज कराया था।
मामले में एक और पहलू सामने आया है कि चेतन के पास भारत सिटी सोसायटी में एक दूसरा फ्लैट भी है। सोसायटी के कुछ लोगों का कहना है कि दो माह पहले उन्होंने एक और फ्लैट किराये पर लिया था। जब वे वहां के बिजली मीटर का रिचार्ज कराने पहुंचे तो रिचार्ज करने वाले व्यक्ति ने उन्हें पहचान लिया और पूछा कि उनका फ्लैट तो दूसरा है। इस पर चेतन ने पहले इस फ्लैट से संबंध से इनकार किया, लेकिन बाद में पता चला कि वह फ्लैट भी उनके ही उपयोग में है। यह भी चर्चा है कि उस फ्लैट में उनकी एक महिला मित्र रहती है।
शुभधाम अपार्टमेंट के निवासियों ने यह भी बताया कि चेतन दीवाली पर भारी मात्रा में पटाखे जलाते थे। आरोप है कि वे रातभर आतिशबाजी करते थे, जिससे अन्य लोग परेशान होते थे। कई बार पुलिस में शिकायत की गई और पुलिस को हस्तक्षेप कर आतिशबाजी रुकवानी पड़ी। इस व्यवहार को लेकर भी अब लोग उनके व्यक्तित्व पर सवाल उठा रहे हैं।
तीनों बहनों की मौत के बाद से चेतन लगातार चेहरे पर मास्क लगाए नजर आ रहे हैं। वे मीडिया और पुलिस के सामने भी बिना मास्क के नहीं दिखे। इसे लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे सामान्य सावधानी मान रहे हैं, तो कुछ इसे शक की नजर से देख रहे हैं।
घटना के बाद भारत सिटी सोसायटी स्थित उनके फ्लैट पर ताला लगा मिला। बताया गया कि चेतन परिवार सहित अस्थायी रूप से दिल्ली चले गए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि वे मीडिया की भीड़ से बचने के लिए गए हैं, जबकि अन्य का दावा है कि वे बेटियों की अस्थियां विसर्जित करने हरिद्वार गए हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि वे दिल्ली में हैं।
फिलहाल पुलिस इस सामूहिक आत्महत्या के मामले में कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। बेचे गए दोनों मोबाइल फोन को बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम को स्पष्ट किया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
इस दर्दनाक घटना ने समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि पारिवारिक माहौल, संवाद की कमी और डिजिटल दुनिया पर बढ़ती निर्भरता बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर कितना गहरा असर डाल सकती है। वहीं पिता के अतीत और पारिवारिक संरचना से जुड़े खुलासों ने मामले को और भी जटिल बना दिया है। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है, जो इन सभी पहलुओं को जोड़कर सच्चाई सामने लाने का प्रयास कर रही है।



