Vrindavan News: आस्था के बीच खतरे की दस्तक—प्रेमानंद महाराज के आश्रम के बाहर बेकाबू कार घुसी फुटपाथ पर, महिला श्रद्धालु घायल
वृंदावन जैसे पवित्र तीर्थस्थल में एक बार फिर श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। रमणरेती क्षेत्र स्थित संत प्रेमानंद महाराज के श्रीहित राधा केलि कुंज आश्रम के बाहर शुक्रवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सीधे फुटपाथ पर चढ़ गई। हादसे में गाजियाबाद की एक महिला श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि दूसरी महिला श्रद्धालु सदमे के कारण बेहोश होकर गिर पड़ी। गनीमत यह रही कि समय रहते लोगों की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना के समय आश्रम के बाहर परिक्रमा मार्ग के किनारे फुटपाथ पर सैकड़ों श्रद्धालु संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन के इंतजार में बैठे और लेटे हुए थे। देर रात होने के बावजूद इलाके में श्रद्धालुओं की भीड़ थी और माहौल पूरी तरह धार्मिक बना हुआ था। इसी बीच रमणरेती चौराहे की ओर से एक कार तेज रफ्तार में आती दिखाई दी, जिसने अचानक नियंत्रण खो दिया।
रेलिंग तोड़ते हुए श्रद्धालुओं तक पहुंची कार
तेज गति से आ रही कार पहले सड़क किनारे लगी लोहे की रेलिंग से टकराई और उसे तोड़ते हुए सीधे फुटपाथ पर जा चढ़ी। अचानक हुए इस हादसे से वहां बैठे श्रद्धालुओं में चीख-पुकार मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे, कुछ तो जान बचाने के लिए जमीन से उठकर दूर हट गए।
इसी दौरान गाजियाबाद के मुरादनगर थाना क्षेत्र के गांव बोहापुर निवासी करीब 40 वर्षीय महिला श्रद्धालु नीलम कार की चपेट में आ गईं और गंभीर रूप से घायल हो गईं। वहीं फिरोजपुर की रहने वाली महिला श्रद्धालु कंचन हादसे का दृश्य देखकर घबरा गईं और मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ीं। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत दोनों महिलाओं की मदद की।
कुछ सेकेंड में बदल गया माहौल
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसा इतनी तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। कुछ सेकेंड पहले जहां भजन और जयकारों की आवाज गूंज रही थी, वहीं अचानक अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया। लोग आश्रम के गेट और सड़क की ओर दौड़ने लगे। अगर कार की रफ्तार और ज्यादा होती या वह कुछ फीट और आगे बढ़ जाती, तो कई श्रद्धालु इसकी चपेट में आ सकते थे।
श्रद्धालुओं की सतर्कता से पकड़े गए कार सवार
हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं ने साहस दिखाते हुए कार को घेर लिया। कार में सवार तीन युवक घबराए हुए थे और निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन लोगों ने उन्हें पकड़ लिया। नाराज श्रद्धालुओं ने मौके पर ही पुलिस को सूचना दी और तीनों युवकों को वहीं रोककर रखा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में पहले भी तेज रफ्तार वाहनों को लेकर चिंता जताई जाती रही है। बावजूद इसके परिक्रमा मार्ग पर रात के समय भी वाहनों की रफ्तार पर कोई ठोस नियंत्रण नहीं है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभाला। पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया और उसमें सवार तीनों युवकों को हिरासत में लेकर थाने ले गई। घायल महिला श्रद्धालु को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। पुलिस के अनुसार महिला की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि कार की गति इतनी तेज क्यों थी और चालक ने वाहन से नियंत्रण कैसे खोया। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि हादसे के समय चालक नशे में तो नहीं था। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं में रोष, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों में गहरी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम के बाहर दिन-रात श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। देशभर से आने वाले भक्त यहां दर्शन के लिए घंटों इंतजार करते हैं, लेकिन इसके बावजूद परिक्रमा मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों का आवागमन जारी है।
श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि आश्रम और आसपास के क्षेत्र को नो-व्हीकल जोन घोषित किया जाए या कम से कम वाहनों की गति पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए। साथ ही स्पीड ब्रेकर, अतिरिक्त रेलिंग और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की भी मांग की जा रही है।
पहले भी जताई जा चुकी है आशंका
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इस इलाके में इस तरह का हादसा हुआ हो। पहले भी कई बार तेज रफ्तार वाहनों के कारण छोटे-मोटे हादसे होते रहे हैं, लेकिन कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया। श्रद्धालुओं का मानना है कि अगर समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
आस्था के स्थान पर सुरक्षा की जरूरत
वृंदावन जैसे धार्मिक और आस्था के केंद्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। देर रात हुए इस हादसे ने एक बार फिर प्रशासन और यातायात व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन श्रद्धालु यह उम्मीद कर रहे हैं कि इस घटना से सबक लेकर प्रशासन ठोस कदम उठाएगा, ताकि भविष्य में आस्था के इस पावन स्थल पर कोई और हादसा न हो।



