
तीन दिनों तक नहीं मिलेगी राहत: उत्तर-पश्चिम भारत लू की चपेट में, पूर्वोत्तर में भारी बारिश का अलर्ट
देश का मौसम इस समय दो बिल्कुल अलग तस्वीरें पेश कर रहा है। एक तरफ उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत भीषण गर्मी और लू से जूझ रहा है, तो दूसरी ओर पूर्वोत्तर राज्यों में मूसलाधार बारिश और तेज आंधी-तूफान ने हालात बदल दिए हैं। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार, आने वाले तीन दिनों तक उत्तर भारत में गर्मी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

उत्तर भारत के कई राज्यों में तापमान लगातार 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में लू के थपेड़ों ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। दिन के समय सड़कें सुनसान नजर आ रही हैं और लोग जरूरी कामों के अलावा घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं।
गर्मी का असर सिर्फ दिन तक सीमित नहीं है, बल्कि रात में भी लोगों को राहत नहीं मिल रही। उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में ‘गरम रात’ की स्थिति बनी हुई है, जहां न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया जा रहा है। इससे लोगों की नींद और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
मौसम विभाग ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि अगले तीन दिनों तक लू का प्रकोप जारी रहेगा। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को ढककर रखें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें और नियमित रूप से पानी पीते रहें। डॉक्टरों का कहना है कि शरीर में पानी की कमी होने से हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।
मध्य भारत के पश्चिमी मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में भी गर्मी ने कहर बरपा रखा है। यहां गर्म हवाएं लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। खेतों में काम करने वाले किसान और मजदूर इस तपिश से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। कई इलाकों में दोपहर के समय काम लगभग ठप हो गया है।
हालांकि, इस तपती गर्मी के बीच राहत की एक उम्मीद भी नजर आ रही है। मौसम विभाग के अनुसार, 28 अप्रैल के बाद उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में तापमान में 3 से 5 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। इसके साथ ही 29 अप्रैल से हल्की बारिश और आंधी की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है।
जहां उत्तर भारत गर्मी से बेहाल है, वहीं पूर्वोत्तर भारत में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 अप्रैल से 2 मई के बीच भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कई स्थानों पर तेज हवाओं और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है।
पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी मौसम बदलने के संकेत मिल रहे हैं। इन राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे पेड़ गिरने और बिजली बाधित होने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
देश के सबसे गर्म शहरों की बात करें तो उत्तर प्रदेश का बांदा इस समय सबसे ऊपर है, जहां तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा राजस्थान के बाड़मेर और जैसलमेर में भी तापमान 46 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। प्रयागराज में 45.7 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो इस मौसम के लिए काफी ज्यादा है।
राजस्थान के कोटा और चित्तौड़गढ़ में भी तापमान 45 डिग्री से ऊपर बना हुआ है। इन इलाकों में दिन के समय सड़कें खाली दिखाई दे रही हैं, क्योंकि लोग तेज धूप और गर्म हवाओं से बचने के लिए घरों में ही रहना पसंद कर रहे हैं।
पंजाब और हरियाणा भी गर्मी से अछूते नहीं हैं। हरियाणा के नारनौल में तापमान 44.2 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि रोहतक, भिवानी और सिरसा में भी तापमान 43 डिग्री के आसपास रहा। हिसार और करनाल में पारा 42 डिग्री के पार पहुंच गया है।
पंजाब में बठिंडा सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 43.7 डिग्री दर्ज किया गया। लुधियाना और पटियाला में भी तापमान 42 डिग्री से ऊपर बना रहा, जबकि अमृतसर में तापमान थोड़ा कम होकर 39.3 डिग्री के आसपास रहा। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल इन राज्यों में तापमान में कोई खास गिरावट के आसार नहीं हैं।
हिमाचल प्रदेश में मौसम थोड़ा राहत भरा हो सकता है। 28 से 30 अप्रैल के बीच कांगड़ा, कुल्लू, चंबा, शिमला और किन्नौर में बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। इससे तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है, लेकिन तेज हवाएं परेशानी भी खड़ी कर सकती हैं।
मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। लू से बचने के लिए शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। नियमित रूप से पानी पीना, नारियल पानी या नींबू पानी का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा धूप में निकलते समय छाता या टोपी का इस्तेमाल करना चाहिए।
आंधी-तूफान के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
कुल मिलाकर, देश इस समय मौसम के दो चरम रूपों का सामना कर रहा है। उत्तर भारत में भीषण गर्मी और लू लोगों की परीक्षा ले रही है, जबकि पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में बारिश और तूफान नई चुनौतियां लेकर आए हैं। आने वाले कुछ दिन मुश्किल जरूर रहेंगे, लेकिन उसके बाद राहत मिलने की उम्मीद भी बनी हुई है।
