
चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, जीआरपी बनी देवदूत: जालंधर कैंट स्टेशन पर मां-बच्चे को मिला समय पर इलाज
जालंधर कैंट स्टेशन पर मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की एक सराहनीय मिसाल देखने को मिली, जब चलती ट्रेन में एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया और रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने तत्परता दिखाते हुए मां व नवजात की जान सुरक्षित की।

उत्तर प्रदेश के कप्तानगंज जा रही एक महिला पुनीता देवी श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा के बाद अपने परिवार के साथ ट्रेन से लौट रही थीं। जालंधर कैंट पहुंचने से पहले उन्हें अचानक तेज प्रसव पीड़ा हुई, जिससे ट्रेन में ही डिलीवरी हो गई। उस समय उनके साथ पति राज कुमार और दो छोटे बच्चे मौजूद थे, जो घबरा गए।
ट्रेन के स्टेशन पर रुकते ही जीआरपी और रेलवे स्टाफ ने तुरंत मोर्चा संभाला। मां और नवजात को सुरक्षित रूप से ट्रेन से उतारकर प्लेटफॉर्म पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। मौके पर मौजूद जीआरपी कर्मियों—एएसआई अशोक कुमार, एएसआई राजविंदर सिंह, एएसआई आस मोहम्मद और लेडी कांस्टेबल सुरेखा रानी—ने सूझबूझ दिखाते हुए एंबुलेंस की व्यवस्था की और दोनों को तुरंत सिविल अस्पताल जालंधर भिजवाया।
अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद बताया कि मां और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं और उनकी हालत स्थिर है। इस घटना के बाद यात्रियों और स्टेशन पर मौजूद लोगों ने जीआरपी व रेलवे स्टाफ की जमकर सराहना की। लोगों का कहना था कि समय पर मिली मदद और सतर्कता के कारण एक बड़ा खतरा टल गया और नई जिंदगी सुरक्षित दुनिया में कदम रख


