
कायाकल्प निरीक्षण के बाद उजड़ी व्यवस्थाएं, जिला नागरिक अस्पताल में फिर पुराने हालात
पानीपत |
स्वास्थ्य विभाग की कायाकल्प टीम के निरीक्षण के दौरान जिस जिला नागरिक अस्पताल की तस्वीर बदली-बदली नजर आई थी, वही अस्पताल अगले ही दिन फिर अपनी पुरानी बदहाली में लौट आया। इमरजेंसी में जहां निरीक्षण के समय गद्दे-चादर से सजे स्ट्रेचर खड़े थे, वहीं शुक्रवार को मरीजों को खाली स्ट्रेचर तक नसीब नहीं हुए

ओपीडी में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था न होने से मरीजों को ठंडे फर्श पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। वहीं सफाई व्यवस्था भी निरीक्षण के बाद पूरी तरह ढीली पड़ती नजर आई।
निरीक्षण के दिन चमक, अगले दिन अव्यवस्था
कायाकल्प टीम ने वीरवार को अस्पताल का दौरा किया था। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में दिनभर सफाई कर्मी सक्रिय दिखे और हर वार्ड में व्यवस्थाएं दुरुस्त नजर आईं। लेकिन शुक्रवार को हालात इसके बिल्कुल उलट थे।
ओपीडी में बेंच कम, मरीज ज्यादा
ओपीडी में मरीजों की संख्या अधिक होने के बावजूद बैठने के लिए पर्याप्त बेंच उपलब्ध नहीं थीं। दवा लेने आए रमेश कुमार ने बताया कि लंबी लाइन के कारण घंटों इंतजार करना पड़ा और बेंच न मिलने से ठंडे फर्श पर बैठना पड़ा, जिससे परेशानी और बढ़ गई।
इमरजेंसी में स्ट्रेचर की कमी
शुक्रवार दोपहर इमरजेंसी वार्ड में स्ट्रेचर की भारी कमी देखने को मिली। सौदापुर गांव की एक महिला, जिसे नहर में डूबने से बचाकर लाया गया था, उसे बिना गद्दे वाले स्ट्रेचर पर भर्ती किया गया। ठंड से बचाव के लिए कंबल की जगह सिर्फ बेडशीट दी गई।
सफाई व्यवस्था पर फिरा पानी
अस्पताल के एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड वार्ड और लिफ्ट के आसपास बेंचों के नीचे कूड़ा पड़ा मिला। दोपहर के समय करीब दो घंटे तक सफाई नहीं कराई गई। इमरजेंसी में भी कचरा निस्तारण के लिए निर्धारित अलग-अलग कूड़ेदान नहीं मिले।
मरीजों ने उठाई मांग
मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि केवल निरीक्षण के समय व्यवस्थाएं सुधारने से कुछ नहीं होगा। नियमित और औचक निरीक्षण से ही अस्पताल की हालत स्थायी रूप से सुधर सकती है।

