
उत्तराखंड में तीर्थ मर्यादा पर जोर: यमुनोत्री धाम में भी गैर सनातनियों की एंट्री बंद, चारधाम यात्रा से पहले सख्ती
उत्तराखंड के पवित्र चारधाम क्षेत्रों में धार्मिक अनुशासन और परंपराओं को लेकर सख्ती और तेज हो गई है। गंगोत्री धाम के बाद अब यमुनोत्री धाम में भी गैर सनातनियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है। यमुनोत्री मंदिर समिति ने स्पष्ट किया है कि अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा के साथ ही इस नियम को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। इसके तहत धाम परिसर ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी गैर सनातनियों की आवाजाही पर रोक रहेगी।

मंदिर समिति का कहना है कि हर वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यमुनोत्री पहुंचते हैं। ऐसे में धाम की पवित्रता, धार्मिक मर्यादा और परंपराओं की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, यह फैसला किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि सनातन परंपराओं की रक्षा और तीर्थ स्थल की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
प्रयागराज की घटना से बढ़ी नाराजगी
यमुनोत्री मंदिर समिति ने प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की भी कड़ी आलोचना की है। समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने कहा कि संत को स्नान से रोका जाना सनातनियों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है। उन्होंने इसे सनातन धर्म के अपमान से जोड़ते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
उनियाल का कहना है कि संत समाज की आवाज को दबाने की कोशिश स्वीकार्य नहीं है। इसी क्रम में यमुनोत्री धाम में गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक का निर्णय लिया गया है, ताकि तीर्थ स्थलों की पहचान और धार्मिक स्वरूप सुरक्षित रह सके।
चारधाम यात्रा में सख्त निगरानी
मंदिर समिति के अनुसार, इस बार चारधाम यात्रा के दौरान नियमों के पालन के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जाएंगे। प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी बढ़ाई जाएगी और किसी भी तरह के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। बड़कोट व्यापार मंडल समेत स्थानीय संगठनों ने भी समिति के इस फैसले का समर्थन किया है।
बीकेटीसी के मंदिरों में भी तैयारी
बदरीनाथ और केदारनाथ धाम पहले ही इस तरह के नियमों के दायरे में आ चुके हैं। अब बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अधीन आने वाले 45 से अधिक मंदिरों में भी गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की तैयारी की जा रही है। बीकेटीसी की आगामी बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है।
हरिद्वार में पहले से लागू सख्ती
हरिद्वार में गंगा तट की मर्यादा बनाए रखने के लिए श्रीगंगा सभा ने हरकी पैड़ी, मालवीय द्वीप और अन्य प्रमुख घाटों पर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी है। इसके लिए जगह-जगह सूचना बोर्ड और बैनर लगाए गए हैं, जिनमें नियमों के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
इसके साथ ही घाटों पर फिल्मी गीतों पर वीडियो या रील बनाने पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। श्रीगंगा सभा ने साफ किया है कि यदि सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो पाए गए तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
समर्थन और बहस दोनों
इन फैसलों को लेकर प्रदेश में चर्चा तेज है। कई श्रद्धालु और व्यापारी इसे सनातन धर्म और तीर्थों की रक्षा की दिशा में जरूरी कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ वर्गों में इसे लेकर बहस भी शुरू हो गई है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस विषय पर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थ स्थलों में लिए जा रहे ये फैसले चारधाम यात्रा से पहले धार्मिक अनुशासन को लेकर नई रूपरेखा तय करते नजर आ रहे हैं, जिनका असर आने वाले समय में व्यापक रूप से देखने को मिल सकता है।



