
विदेश से चल रहा हरियाणा में संगठित अपराध, सोशल मीडिया से युवाओं को भर्तियां करने का प्रयास: डीजीपी का बड़ा बयान
हरियाणा पुलिस ने कहा है कि राज्य में संगठित अपराध का स्वरूप अब तेजी से डिजिटल और अंतरराष्ट्रीय हो गया है। डीजीपी अजय सिंघल की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यह खुलासा हुआ कि कई कुख्यात गैंगस्टर विदेशों में सुरक्षित रहकर सोशल मीडिया और इंटरनेट कॉलिंग के माध्यम से अपराध नेटवर्क चला रहे हैं।

आईजी एसटीएफ सतीश बालन ने बताया कि गैंगस्टर वर्चुअल नंबर और फर्जी ऑनलाइन प्रोफाइल का इस्तेमाल कर अपने गिरोह के सदस्यों को निर्देश देते हैं। पहले युवाओं को लालच देकर छोटे काम कराए जाते हैं और धीरे-धीरे उन्हें गंभीर अपराधों में शामिल किया जाता है। इस प्रक्रिया में गैंग के सरगना विदेश से पूरी साजिश की योजना बनाते हैं।
बैठक में यह भी बताया गया कि हरियाणा पुलिस की सख्ती का असर दिखने लगा है। 2024 की तुलना में 2025 में फिरौती मांगने की घटनाओं में 40 फीसदी की गिरावट आई है। इसके अलावा, पुलिस ने 9 टारगेटेड मर्डर की बड़ी साजिशों को समय रहते नाकाम करने का दावा किया।
डीजीपी अजय सिंघल ने कहा, “जो लोग जनता में भय और आतंक फैलाते हैं, चाहे वे देश में हों या विदेश में, उन्हें आतंकवादियों के समान श्रेणी में रखा जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संगठित अपराध का नेटवर्क तभी टूटेगा, जब उसकी पूरी संरचना, फंडिंग और विदेशी कड़ियों पर एक साथ हमला होगा।”
उन्होंने यह भी जोर दिया कि युवाओं को अपराध के जाल से बचाने के लिए जागरूकता और काउंसलिंग कार्यक्रम बढ़ाने की जरूरत है, ताकि सोशल मीडिया के जरिए फैल रहे अपराध को जड़ से समाप्त किया जा सके।

