
हरियाणा
Nuh News: नूंह जिले की आज की बड़ी खबरें, पढ़िए एक क्लिक में
Nuh News: मनीष आहूजा, ब्यूरो चीफ, नूंहः जिले में कार्यरत 12 प्रधान शाहिद अहमद, थाना रोजकामेव में सिपाहियों की सहायक उप निरीक्षक के पद पर पदोन्नति हुई है। जिनको मंगलवार को पुलिस अधीक्षक विजय तैनात प्रधान सिपाही सुरेंद्र क, प्रधान सिपाही जगत, प्रधान सिपाही दिलबाग, प्रधान सिपाही महेश, प्रधान प्रताप ने लघु सचिवालय में स्टार लगाते सिपाही ईश्वर, प्रधान सिपाही राजीव, हुए बधाई दी और उनके उज्जवल प्रधान सिपाही कमल, प्रधान सिपाही भविष्य की कामना की। पुलिस प्रवक्ता सुबे, प्रधान सिपाही महेंद्र, सिपाही कृष्ण कुमार ने बताया कि जिला नूंह में समीम एवं सिपाही अनिल सहित 12 सहायक प्रवाचक, पुलिस अधीक्षक नूंह के पद पर तैनात प्रधान सिपाही प्रधान सिपाहियों की पदोन्नति प्रधान सिपाही के पद पर हुई है।
सीएम फ्लाइंग ने तीन डेरियों पर की छापेमारी
दो डेरी संचालक पुलिस को नहीं दिखा सके एफएसएसएआइ नंबर का पंजीकरण के दस्तावेज
फोटो एक डेरी पर कार्रवाई करने से पहले टीम के सदस्य
एफएसएसएआइ नंबर न दिखाने पर दो डेरी संचालकों को थमाए जाएंगें
मुख्यमंत्री उडन दस्ता एवं जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी की संयुक्त टीमों ने उपमंडल फिरोजपुर झिरका के गावों की तीन डेरियों पर को छापामारी की। छापेमारी के दौरान डेरियों पर अधिकारियों को काफी खामियां मिलीं। दो डेरियों पर एफएसएसएआइ नंबर का पंजीकरण नहीं मिला जबकि सफाई व्यवस्था भी सही नहीं मिली। जिला खाद्य सुरक्षा की टीम ने छापे के दौरान डेरियों से दूध, क्रीम, पनीर, गुलाब जामुन, रसगुल्लों के सैंपल लिए। सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री उडनदस्ता के निरीक्षक राजेश कुमार, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डा. रमेश चौहान एव गुप्तचर विभाग के सहायक उप निरीक्षक मोहम्मद फारुख ने रनियाला फिरोजपुर गांव की मुनफैद ट्रेडिंग कंपनी की डेरी पर छापामारी की।
रनियाली फिरोजपुर गांव में ही स्थित आलू डेरी पर टीम ने छापामारी की। अधिकारियों की टीम को यहां पर 750 किलोग्राम गुलाबजामुन एवं 1200 किलो रसगुल्ला मिला। डेरी पर यूसुफ नामक व्यक्ति मिला। अधिकारियों को एफएसएसएआइ नंबर नहीं दिखा सका। जांच के दौरान डेरी पर अधिकारियों की टीम को सफाई व्यवस्था बदहाल मिली। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डा. रमेश चौहान ने गुलाबजामुन एवं रसगुल्ला के सैंपल लिए।
टीम ने हिरवाडी गांव की मुबीन डेरी पर छापामारी की। डेरी पर अधिकारियों को 1800 लीटर दूध एवं 200 किलोग्राम क्रीम मिली। डे पर इसका संचालक मुबीन खुद मौके पर मिला। टीम मांगने पर यह एफएसएसएआई नंबर नहीं दिखा सका। डेरी से अधिकारियों की टीम ने दूध एवं क्रीम के सैंपल लिए। डेरी पर भी अधिकारियों को सफाई व्यवस्था बदहाल मिली। तीनों डेरियों से लिए गए दूध, क्रीम, पनीर, गुलाबजामुन तथा रसगुल्ला के सैंपलों को जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाएगा।
एफएसएसएआइ नंबर न दिखाने पर दो डेरी संचालकों को थमाए जाएंगें
नोटिस छापामारी के दौरान आलू डेरी रनियाला फिरोजपुर तथा मुबीन डेरी हिरवाडी के संचालकों द्वारा एफएसएसएआइ नंबर न दिखाने पर जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डा. रमेश चौहान द्वारा नोटिस थमाए जाएंगें। बिना एफएसएसएआइ नंबर के डेरी संचालक नहीं बना सकते हैं
दूध से निर्मित मिठाईयाः बताया जा रहा है कि खाद्य पदार्थों को बनाने वाली कंपनियों एवं डेरी संचालकों को पहले अपनी फर्म का पंजीकरण करवाकर एफएसएसएआइ नंबर लेना आवश्यक होता है।तीन डेरी पर छापामारी की गई है। रनियाला फिरोजपुर की डेरियों से दूध, पनीर तथा रसगुल्ला एवं गुलाब जामुन के सैंपल लिए है। जबकि हिरवाडी गांव की डेरी से दूध एवं क्रीम के सैंपल लिए हैं।
पुन्हाना नगरपालिका के जमालगढ़ रोड में अवैध तरीके से प्लाटिंग कर रहे हैं फर्जी डीलर
जिले के पुन्हाना जमालगढ़ रोड के नगरपालिका मे में बन रही अवैध कालोनिया काटी जा रही
जमीन के साथ साथ रास्तों की भी करा रहे हैं रजिस्ट्री, जमीन लेने वाले परेशान
जिले के पुन्हाना नगरपालिका के जमालगढ़ रोड में अवैध तरीके से प्लाटिंग कर रहे हैं फर्जी डीलर व नगरपालिका पटाकपुर 5 एकड़ में क़ृषि भूमि योग्य सरकार की बिना अनुमति के बन रही अवैध कालोनियों बनाई जा रही हैं।जिले में सरकार की बिना अनुमति के बन रही अवैध कालोनियों को लेकर जिला योजनाकार विभाग सख्त हो गया है। आप को बता दे की पुन्हाना मे पिछले दिनों डीटीपी विभाग ने 16 एकड़ में बन रही पुन्हाना नगरपालिका के गांव पटाकपुर मे तीन अवैध कॉलोनियों में चलाया पीला पंजा, ढहाए अवैध निर्माण डीटीपी विभाग द्वारा …
तावडू, फिरोजपुर व पुन्हाना के जंगलों में दिखे तेंदुए
कन्या महाविद्यालय के प्रांगण में घूमता हुआ तेंदुआ
: जिले की पहाड़ियों से लेकर जंगलों में इन दिनों तेंदुओं को देखा जा रहा है। जहां पिछले दिनों तावडू व उसके बाद फिरोजपुर झिरका के पथराली गांव के जंगलों में तेंदुए देखे गए थे वहीं अब पुन्हाना उपमंडल के डूडौली, गोहेता व दल्लाबास के जंगलों में एक तेंदुआ व उसके दो शावक देखे गए हैं। जिससे क्षेत्र के लोग दहशत में हैं। डूडौली गांव में लोग पूरी रात जाग कर बिता रहे हैं। वहीं बच्चों से लेकर महिलाओं को खेतों में काम करने भी नहीं जाने दे रहे हैं। लोगों द्वारा तेंदुओं की वीडियो बनाकर उसे इंटरनेट मीडिया पर भी जमकर वायरल किया गया है। जिसे देखकर कुछ लोग इन्हें जंगली बिल्ली भी बता रहे हैं। पुन्हाना-गोहेता रोड पर स्थित
कन्या महाविद्यालय के प्रोफेसर आकाश ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से कालेज प्रांगण में एक तेंदुआ व दो शावक घूम रहे हैं। जो कभी चले जाते हैं तो कभी आ जाते हैं। जिसको लेकर कालेज प्रशासन में डर बना हुआ है। वहीं डूडौली गांव के आकाश चेची ने बताया कि वह मंगलवार सुबह गांव में खेतों की तरफ जा रहा था तो वहां पर सरसों के खेत में एक तेंदुआ मिला। जब मैंने लोगों को बुलाने के लिए शोर मचाया तो तेंदुआ सरसों से गेहूं के खेतों में होकर भाग गया। वहीं इससे पहले भी गांव के जंगलों में अन्य लोगों द्वारा तेंदुए देखे गए हैं। जिससे पूरा गां व डरा हुआ है।
तेंदुए के डर के चलते लोगों ने छोड़ दी सुबह की सैर पुन्हाना शहर सहित दल्लाबास व अन्य गांवों के सैंकड़ों लोग सुबह की सैर के लिए गोहेता रोड पर बने कन्या महाविद्यालय पर जाते थे, लेकिन पिछले सप्ताह से जंगलों में तेंदुआ देखे जाने के बाद लोगों ने भय से जाना छोड़ दिया है।
अरावली में हैं 31 तेंदुए: जिले में अरावली क्षेत्र काफी बड़ा है। 2017 के सर्वे के अनुसार जिले की अरावली में 31 तेंदुए पाए गए थे। ऐसे में अब इन तेंदुओ की संख्या काफी बढ़ भी गई होगी।
पुन्हाना मामले की ली जाएगी। इसके साथ ही वन विभाग व वन्य जीव विभाग के अधिकारियों से बात कर इनको पकड़वाकर जंगलों व अरावली में छोड़ा जाएगा। लोगों से अपील है कि वो डरे नहीं बल्कि कहीं भी तेंदुआ देखे जाने पर इसकी सूचना प्रशासन को दें।
– संजय कुमार, एसडीएम पुन्हाना
नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधी केंद्र का हुआ शुभारंभ : सीएमओ डा. सर्वजीत सिंह
आम नागरिकों को बाजार से 70 से 80 फीसदी कम एमआरपी पर कराई जाएगी दवाइयां मुहैया
नूंह 05 फरवरी – नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधी केंद्र का शुभारंभ जिला नूंह के सिविल सर्जन डा. सर्वजीत द्वारा किया गया। प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधी परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए जिला नूंह के सिविल सर्जन डॉ सर्वजीत ने बताया कि इस योजना में सरकार द्वारा उच्च गुणवत्ता वाली जैनरिक दवाईयों के एमआरपी ही बाजार मूल्य से 70 से 80 प्रतिशत तक कम किए गये है। सरकार द्वारा ‘जन औषधि केंद्र’ बनाए गए हैं, जहां जेनरिक दवाईयां उपलब्ध करवाई जा रही है।
जेनरिक दवाईयां ब्रांडेड या फार्मा की दवाईयों के मुकाबले सस्ती होती है, जबकि प्रभावशाली उनके बराबर ही होती है। प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना मूलत: जनता को सस्ती एवम उच्च गुणवत्ता वाली दवाएँ मुहैया करने के लिए शुरू की गयी हैं ताकि जनता समझ सके कि ब्रांडेड मेडिसिन की तुलना में जेनेरिक मेडिसिन कम मूल्य पर उपलब्ध हैं साथ ही इसकी क्वालिटी में किसी तरह की कमी नहीं हैं। यह जेनेरिक दवायें अब नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधी केंद्र पर मौजूद हैं जिन्हें आसानी से प्राप्त किया जा सकता हैं। इस योजना में आम नागरिकों को बाजार से 70 से 80 फीसदी कम एमआरपी पर दवाइयां मुहैया कराने के उद्देश्य से सरकार द्वारा हर जिला अस्पताल में जन औषधि केंद्र खोल रही है। प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधी परियोजना के अंतर्गत लगभग 2000 से ज्यादा दवाओं और उपकरणों को शमिल किया गया है। आमजन को इस परियोजना से बहुत फ़ायदा होगा।
जिला नूंह के नोडल अधिकारी (जन औषधी परियोजना) डॉ नवीन यादव ने जनता से अपील करते हुए कहा कि आम जनता को बाजार से महंगी दवाइयां खरीदनी पडती है। अब नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधी केंद्र खुल गया है जिसमे जेनेरिक मेडिसिन उपलब्ध है जिसका एमआरपी सरकार द्वारा बाजार की दवाओं के मूल्य से 70 से 80 फीसदी कम रखा गया है। उसी सरकार द्वारा निर्धारित कम एमआरपी पर ही दवाओं को बेचा जायेगा। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि आमजन को इस परियोजना का लाभ अवश्य उठाना चाहिए।
इस मौके पर उप-सिविल सर्जन डॉ विशाल सिंगला, डॉ केएम शर्मा, डेंटल सर्जन डॉ सुशील डोकवाल, प्रवर चिकित्सा अधिकारी डॉ नसीम अहमद, आरएमओ डॉ प्रवीन राज तंवर, डॉ चाँद सिंह, डा. गजेंद्र, डा. रिची सूद, डा.सौरभ, फार्मेसी अधिकारी आस मोहम्मद सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं आमजन उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन : 3 नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा में जन औषधी केंद्र पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों तथा आमजन को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डा. सर्वजीत सिंह।
फस्र्ट एड का ज्ञान देता है जीवनदान
सडक़ दुर्घटना में घायल को इलाज हेतु मिलेगी केस लेस सुविधा : विश्राम कुमार मीणा
नंूह 05 फरवरी – उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला रैड क्रॉस सोसाइट विश्राम कुमार मीणा के कुशल मार्गदर्शन एवं सचिव महेश गुप्ता की देखरेख में जिला रैड क्रॉस सोसाइटी ने आज बुधवार को सडक़ सुरक्षा-जीवन रक्षा एवम फस्र्ट एड ज्ञान देता है जीवन दान विषयों पर पी.एम. श्री. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मालब में जागरूकता पर सेमिनार का आयोजन किया। इस सेमिनार की अध्यक्षता विद्यालय प्रिंसिपल सुरेश पांडे ने की तथा बताया कि उनका विद्यालय जिले के मुख्य मार्ग पर है। अत: उनके विद्यालय के छात्रों को फस्र्ट एड का ज्ञान अनिवार्य है।
जिला रैड क्रॉस सोसाइटी नूंह के जिला प्रशिक्षण अधिकारी महेश मलिक ने इस सेमिनार में मुख्यत: शराब पीकर या किसी भी प्रकार का मादक पदार्थ लेकर वाहन ना चलाने, नाबालिग से वाहन ना चलवाने, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करने, आपातकाल वाहन को तुरंत रास्ता देने, आपातकाल नम्बरों के बारे जागरूक किया। उन्होंने बताया कि वाहन चलाते समय चालक के साथ बैठी सवारी को भी हेलमेट, सीट बेल्ट का इस्तेमाल करना चाहिए। वाहन चलाते हुए वाहन निर्धारित लेन में लो-हाई बीम का इस्तेमाल करते हुए चलाएं तथा ओवरस्पीड, ओवरलोड वाहन बिलकुल न चलाएं। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार की दुर्घटना पीडि़त को सरकार के द्वारा अधिकतम एक लाख 50 हजार रुपए तक का कैशलेश इलाज हेतु पायलट योजना के बारे में विस्तार जागरूक किया।
किसी भी दुर्घटना के दौरान घायल को मौके पर एंबुलेंस पहुंचने या अस्पताल पहुंचने तक उपयुक्त प्राथमिक सहायता, हार्ट अटैक, सिक्का निगलना, आगजनी के दौरान धुआं होने, बिजली का करंट लगने, पानी में डूबने, शरीर से बहुत खून बहने की स्थिति में पीडि़त को ट्रांसपोर्ट करने, हार्ट के कार्य न करने तथा सांस न आने की अवस्था में जीवनदायिनी विधि सी.पी.आर. का प्रयोगात्मक तरीका समझाया। इस सेमिनार के सफल आयोजन में विजेंदर, जोगेंद्र, नरेश कुमार, नितिन कुमार का काफी योगदान रहा।
पीएम-सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना से सब्सिडी पर सोलर पैनल लगवाएं, बिजली खर्च घटाएं- उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा
-उपायुक्त की जिलावासियों से अपील, पीएम- सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाएं
-सौर ऊर्जा से घर जगमगाने का सुनहरा मौका, पीएम-सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना में सरकार दे रही विशेष सब्सिडी
नूंह, 5 फरवरी – उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि पीएम-सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना का लाभ उठाते हुए अंत्योदय परिवार अपने घर को आसानी से रोशन कर सकते हैं। अंत्योदय एवं अन्य कैटेगरी के परिवारों से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना शुरू की है। इस योजना के तहत सामान्य कैटेगरी के उपभोक्ताओं को एक किलोवाट पर 30 हजार रुपए की सब्सिडी, दो किलोवाट पर 60 हजार रुपए की सब्सिडी और तीन किलोवाट पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी दी जाती है, जोकि सीधा उपभोक्ता के बैंक खाते में भेजी जाती है। अंत्योदय उपभोक्ताओं को यह सब्सिडी के अलावा एक किलोवाट पर 25 हजार, 2 किलोवाट पर 50 हजार रुपये की केंद्र सरकार द्वारा अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान की जाती है। यदि कोई उपभोक्ता तीन किलोवाट से ऊपर सोलर पैनल लगवाते हैं तो भी केवल 78 हजार रुपए तक ही सब्सिडी दी जाएगी। यह योजना शहरी एवं ग्रामीण सभी घरेलू कनेक्शन के लिए मान्य है। सभी कैटेगरी के उपभोक्ता इस योजना का लाभ आसानी से उठा सकते हैं। इस योजना की संपूर्ण जानकारी https://pmsuryghar.gov.in पर प्राप्त की जा सकती है। उपायुक्त ने लोगों से अपील की है कि इस योजना का लाभ उठाएं। इसके लिए बैंक लोन की भी सुविधा उपलब्ध है। इस योजना का लाभ लेने के लिए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के पोर्टल https://solar connections.dhbvn.org.in पर आवेदन किया जा सकता है।
जिले में 10 हजार से अधिक कनेक्शन का है लक्ष्य
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि इस योजना को अपनाकर गरीब परिवार एक तरह से नि:शुल्क अपना घर रोशन कर सकते हैं। अंत्योदय परिवारों को केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सब्सिडी के साथ-साथ हरियाणा सरकार द्वारा दी जा रही अतिरिक्त आर्थिक मदद का भी लाभ मिलता है। अंत्योदय परिवार के तहत आवेदन के लिए फैमिली आईडी का होना आवश्यक है। अंत्योदय परिवार के तहत आवेदन के लिए फैमिली आईडी का होना आवश्यक है। जिले में करीब 10 हजार कनेक्शन योजना के तहत जारी किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इन नियम के तहत होगा आवेदन
उपायुक्त ने बताया कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के साथ ही हरियाणा सरकार ने भी अपने बिजली उपभोक्ताओं को अतिरिक्त सहायता देने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत विशेष तौर पर गरीब एवं अंत्योदय परिवारों को शामिल किया गया, जिसमें 1 लाख 80 हजार रुपए तक की आय वाले और 3 लाख रुपए तक की आय वाले उपभोक्ता शामिल हैं, इसके साथ ही इन उपभोक्ताओं के मकान का स्वीकृत लोड केवल 2 किलो वाट तक का ही होना आवश्यक है जिसमे साल भर में केवल 2400 यूनिट तक ही बिजली खपत होनी चाहिए। एक लाख अस्सी हजार रुपए तक की आमदनी वाले उपभोक्ता को प्रति किलो वाट 25 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलती है और यह केवल 2 किलोवाट तक ही मिलेगी। इसके साथ ही उपभोक्ता को भारत सरकार की सब्सिडी का भी लाभ मिलेगा। यानी सोलर कनेक्शन एक तरह से फ्री में मिलेगा। इसी प्रकार से सोलर कनेक्शन के लिए 1 लाख 80 हजार रुपए से तीन लाख रुपए तक की आमदनी वाले उपभोक्ता को 10 हजार प्रति किलो वाट सब्सिडी के रूप मिलेंगे जोकि 2 किलो वाट तक है।
बिजली खपत के अनुसार लगवाएं सोलर सिस्टम
प्रति महीना डेढ़ सौ यूनिट की खपत वाले उपभोक्ता 1 से 2 किलो वाट तक, डेढ़ सौ से 300 यूनिट खपत वाले उपभोक्ता दो से तीन किलोवाट तक और 300 यूनिट से ऊपर की खपत के उपभोक्ता 3 किलोवाट से ऊपर का सोलर सिस्टम लगवा सकते हैं।
रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन भी उठा सकते हैं इस योजना का लाभ
बिजली निगम की इस योजना के तहत आम उपभोक्ता के साथ-साथ रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को भी शामिल किया गया है, जो अपने संस्थान पर इस योजना के तहत सोलर सिस्टम लगवा सकते हैं और सब्सिडी का लाभ ले सकते हैं।
समाधान शिविर में नागरिकों की समस्याओं का हुआ त्वरित निपटारा
प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर सुनी शिकायतें, समाधान के दिए निर्देश
नूंह 05 फरवरी – नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने और प्रशासन को अधिक जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से जिले में समाधान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। बुधवार को लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस रूम में समाधान शिविर का आयोजन हुआ जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे और उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं तथा उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया गया। उन्होंने बताया कि आज आयोजित समाधान शिविर में कुल 6 शिकायतें प्राप्त हुई।
अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप सिंह मलिक ने कहा कि समाधान शिविर में नागरिक शिकायतें दर्ज करवाते हैं जिनका समाधान संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा त्वरित माध्यम से किया जाता है। उन्होंने बताया कि शिविर में अधिकतर समस्याओं का निवारण मौके पर ही किया जाता है, जबकि कुछ मामलों में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है।
समाधान शिविर का महत्व
एडीसी ने कहा कि समाधान शिविर प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण जरिया है। यह शिविर न केवल लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए कारगर साबित होता है, बल्कि प्रशासन को भी जनता की वास्तविक जरूरतों और समस्याओं को समझने का अवसर देता है। इस प्रकार की पहल से पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था को बढ़ावा मिलता है।
फस्र्ट एड का ज्ञान देता है जीवनदान
सडक़ दुर्घटना में घायल को इलाज हेतु मिलेगी केस लेस सुविधा : विश्राम कुमार मीणा
नंूह 05 फरवरी – उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला रैड क्रॉस सोसाइट विश्राम कुमार मीणा के कुशल मार्गदर्शन एवं सचिव महेश गुप्ता की देखरेख में जिला रैड क्रॉस सोसाइटी ने आज बुधवार को सडक़ सुरक्षा-जीवन रक्षा एवम फस्र्ट एड ज्ञान देता है जीवन दान विषयों पर पी.एम. श्री. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मालब में जागरूकता पर सेमिनार का आयोजन किया। इस सेमिनार की अध्यक्षता विद्यालय प्रिंसिपल सुरेश पांडे ने की तथा बताया कि उनका विद्यालय जिले के मुख्य मार्ग पर है। अत: उनके विद्यालय के छात्रों को फस्र्ट एड का ज्ञान अनिवार्य है।
जिला रैड क्रॉस सोसाइटी नूंह के जिला प्रशिक्षण अधिकारी महेश मलिक ने इस सेमिनार में मुख्यत: शराब पीकर या किसी भी प्रकार का मादक पदार्थ लेकर वाहन ना चलाने, नाबालिग से वाहन ना चलवाने, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करने, आपातकाल वाहन को तुरंत रास्ता देने, आपातकाल नम्बरों के बारे जागरूक किया। उन्होंने बताया कि वाहन चलाते समय चालक के साथ बैठी सवारी को भी हेलमेट, सीट बेल्ट का इस्तेमाल करना चाहिए। वाहन चलाते हुए वाहन निर्धारित लेन में लो-हाई बीम का इस्तेमाल करते हुए चलाएं तथा ओवरस्पीड, ओवरलोड वाहन बिलकुल न चलाएं। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार की दुर्घटना पीडि़त को सरकार के द्वारा अधिकतम एक लाख 50 हजार रुपए तक का कैशलेश इलाज हेतु पायलट योजना के बारे में विस्तार जागरूक किया।
किसी भी दुर्घटना के दौरान घायल को मौके पर एंबुलेंस पहुंचने या अस्पताल पहुंचने तक उपयुक्त प्राथमिक सहायता, हार्ट अटैक, सिक्का निगलना, आगजनी के दौरान धुआं होने, बिजली का करंट लगने, पानी में डूबने, शरीर से बहुत खून बहने की स्थिति में पीडि़त को ट्रांसपोर्ट करने, हार्ट के कार्य न करने तथा सांस न आने की अवस्था में जीवनदायिनी विधि सी.पी.आर. का प्रयोगात्मक तरीका समझाया। इस सेमिनार के सफल आयोजन में विजेंदर, जोगेंद्र, नरेश कुमार, नितिन कुमार का काफी योगदान रहा।
बागवानी खेती को बढ़ावा देने के लिए नए प्रावधान लागू, बागवानी खेती से बढ़ेगी किसानों की आय
फलों और फूूलों की खेती पर मिलेगा अनुदान
बागवानी खेती को अपनाएं, सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं
नूंह, 5 फरवरी – उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि उद्यान विभाग हरियाणा की ओर से किसानों को बागवानी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नए प्रावधान लागू किए हैं। इन प्रावधानों के तहत किसानों को फल, सब्जियों, मसालों और खुशबूदार पौधों की खेती के लिए सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना और परंपरागत खेती के साथ-साथ बागवानी को भी बढ़ावा देना है।
उपायुक्त ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसान अब अपने खेतों में फलों के नए बाग लगा सकते हैं और मसालों की खेती कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, सब्जियों की खेती को एकीकृत मॉडल के साथ प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे किसानों को अधिक उपज प्राप्त करने में मदद मिलेगी। वहीं, फूलों की खेती और सुगंधित पौधों की खेती को भी इस योजना में शामिल किया गया है, जिससे किसान अपनी खेती के माध्यम से बेहतर मुनाफा कमा सकें। बागवानी खेती को अपनाने वाले किसानों को सरकार की ओर से अनुदान सहायता भी प्रदान की जाएगी।
उन्होंने फलों और मसालों की खेती के लिए 10 एकड़ तक की भूमि को अनुदान सहायता के दायरे में रखा गया है। सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को सामान्य वर्ग में 5 एकड़ तक और अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को एक एकड़ तक की सहायता दी जाएगी। वहीं, फूलों की खेती के लिए 5 एकड़ और खुशबूदार पौधों की खेती के लिए 10 एकड़ तक अनुदान प्रदान किया जाएगा। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ‘मेरी फसल मेरा ब्यौराÓ पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। इसके अलावा, वे ‘hortnet.gov.in/haryana’ पोर्टल पर भी अपना आवेदन कर सकते हैं। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए किसान जिला उद्यान अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं या टोल-फ्र्री नंबर 1800-180-2021 पर कॉल कर सकते हैं।

