हरियाणा

Nuh News: नूंह जिले की 6 फरवरी की बड़ी खबरें, पढ़िए एक क्लिक में

Nuh News: मनीष आहूजा, ब्यूरो चीफ, नूंह । हरियाणा के नूंह जिले में दो युवकों पर लड़की छेड़खानी का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने पकड़कर जमकर पीटा वहीं में सबके सामने दोनों के सिर भी मुंडवा दिए। बताया जा रहा है कि घटना बुधवार 5 जनवरी की है। जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वहीं क्षेत्र के लोगों के लिए भी यह वीडियो अब चर्चा का विषय बनी हुई है। वहीं कुछ लोगों का यह भी कहना है कि ऐसे लोगों का ग्रामीणों द्वारा ऑन द स्पॉट फैंसला करना समाज में एक अच्छा संदेश देने है।

पडोसी गांव के है दोनों युवक

जानकारी के मुताबिक नूंह जिले के तावडू थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव मंडारका में दोनों युवक काफी दिनों से लड़कियों से छेड़खानी कर रहे थे। दोनों युवक लड़कियों को पर्चियां फेंकर परेशान कर रहे थे। कई बार लड़कियों के परिजनों ने आरोपियों को समझाया लेकिन वह नहीं माने। दोनों युवक पड़ोस के ही गांव चिलावली के रहने वाले है। ग्रामीणों के मुताबिक कई बार दोनों युवकों को चेतावनी भी दी गई, लेकिन आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आए।

दोनों युवक पर्चियां लेकर गांव में आये

बुधवार को दोनों युवक गांव में फिर से आ गए, जहां ग्रामीणों ने दोनों को पकड़ लिया। पहले तो दोनों की जमकर पिटाई की गई बाद में दोनों के सिर मुंडवाकर एक अनोखी सजा दी। इस दौरान दोनों युवकों से पर्चियां भी बरामद हुई है। खुलेआम युवकों को दी गई सजा की पास में खड़े कुछ युवकों ने वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जो अब धड़ल्ले से वायरल हो रहा है। जो क्षेत्र के लोगों में अब चर्चा एक विषय बनी हुई है।

ग्रामीणों ने पुलिस को दी सूचना

इस घटना की सुचना परिजनों ने डायल  112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को दी,जिसके बाद ग्रामीणों द्वारा दोनों युवकों को पुलिस के हवाले करने की बात भी सामने आ रही है। वहीं तावडू सदर थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में आया है। शिकायत नहीं मिली है, शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

 

 

नशाखोरों के पास अभी भी है सुधरने का समय, नहीं तो पुलिस जानती है सुधारना:- एसपी विजय प्रताप ।

धुलावट में हुआ नशा मुक्ति!! जन जागरण अभियान के तहत कार्यक्रम का आयोजन।
सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद ।

नूंह में नशा मुक्ति जन जागरण अभियान के तहत कार्यक्रमों के आयोजन जारी है। इसी कड़ी में गुरुवार को तावडू उपमंडल के गांव धुलावट में मदरसा दारुस्सलाम और यूनिटी वेलफेयर सोसाइटी और ग्रामीणों के सहयोग से नशा मुक्ति जन जागरण अभियान के तहत एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें स्कूली बच्चों सहित सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए पुलिस अधीक्षक विजय प्रताप ने नशा मुक्ति जन जागरण अभियान की प्रशंसा और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा समाज को नाश करने वाला है। सभी को संकल्प लेकर इसे मिटाने के लिए पहल करनी होगी। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति जन जागरण अभियान अब एक आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। इसलिए नशाखोरों के पास अभी भी नशा त्यागने का समय है, नहीं तो पुलिस भी अच्छी तरह से नशा छुड़ाना जानती है। नशे के त्यागने के इच्छुक लोगों का जिले के दो अस्पतालों में उपचार की व्यवस्था की गई है। इसकी गिरफ्त में भटके युवा जीवन में पुनर्वास करें। एसपी ने कार्यक्रम में मौजूद लोगो को नशा त्यागने और नशा के खिलाफ अभियान में सहयोग करने की शपथ भी दिलाई। वहीं धुलावट के ग्रामीणों की ओर से अभियान के तहत नशे पर शिकंजा कसने के लिए एक 50 सदस्य का सदस्य कमेटी का गठन किया गया है। जो गांव में नशा बेचने और सेवन करने वालों की सूचना मिलने पर पहले अपने स्तर पर रोकथाम के प्रयास करेगी, यदि उल्लंघन हुआ तो फिर पुलिस की कार्रवाई करने में मदद करेगी। साथ ही गांव में अब रात दस बजे के बाद सभी प्रकार की दुकाने बंद रहेगी। गठित कमेटी की ओर से पुलिस अधीक्षक नूंह समक्ष कई मांगे भी रखी गई जिनको लेकर पुलिस अधीक्षक ने सहयोग करने का आश्वासन दिया । कार्यक्रम में मुख्य रूप से आफताब अहमद विधायक नूंह, मौलाना हकीमुद्दीन, तैय्यब हुसैन घासेडिया, समय सिंह सलम्बा,दीन मोहम्मद मामलीका,पूर्व ब्लाक वाइस चेयरमैन जावेद अहमद, साजिद हुसैन, शमीम अहमद ग्राम पंचायत धुलावट के सरपंच जिलशाद आदि उपस्थित थे।

 

 

हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो द्वारा तावडू में नशे के विरुद्ध एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

9050891508 अथवा MANAS अथवा 1933 पर दें नशे के विरुद्ध गुप्त सूचनाएं- डॉ अशोक कुमार वर्मा

तावडू/नूंह। हरियाणा राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो प्रमुख/ पुलिस महानिदेशक श्री ओपी सिंह, भापुसे साहब के दिशानिर्देशों एवं मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक श्री मोहित हांडा, भापुसे और श्रीमती पंखुडी कुमार जी के आदेशानुसार हरियाणा भर में नशे के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी/ उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा साइकिल के साधन का प्रयोग करते हुए इस अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। वे एक गाँव से दूसरे गाँव, एक शहर से दूसरे शहर और एक विद्यालय से दूसरे विद्यालय तक यह अभियान लेकर पहुँच रहे हैं। आज वे राजकीयय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तावडू में पहुंचे हुए थे। विद्यालय के प्राचार्य भारत गौतम की अध्यक्षता में कार्यक्रम में 882 विद्यार्थियों, 42 शिक्षकों और 4 अन्य कर्मचारियों ने भाग लिया। ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी उप निरीक्षक डॉ अशोक कुमार वर्मा ने विद्यार्थियों को बताया कि नशे को प्रतिबंधित और चेतावनी युक्त नशों में विभाजित किया जा सकता है।दोनों प्रकार के नशे मनुष्य के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं और भीतर तक को खोखला कर देते हैं तो भी प्रतिबंधित नशे मनुष्य के जीवन के लिए अभिशाप से कम नहीं। यदि ये नशे मनुष्य के लिए तनिक भी अच्छे होते तो सबसे पहले सरकार इनके लिए लाइसेंस जारी कर देती लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि युवाओं को विशेष रूप से विद्यार्थियों को चक्रव्यूह, रामगुरुकुल गमन, नून लौटा आदि आधुनिक तकनीकों के साथ साथ पारंपरिक जागरूकता पाठशालाओं के माध्यम से निरंतर जागरूक किया जा रहा है। हरियाणा में अब तक 2600 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम कर 16 लाख 70 हज़ार से अधिक लोगों को जागरूक किया जा चूका है। उन्होंने बताया कि 574 से अधिक युवाओं को नशे से बाहर निकाला जा चुका है। उन्होंने नारों, कविताओं और उदाहरणों से विद्यार्थियों को जागरूक किया। उन द्वारा किये गए प्रश्नों के उत्तर देकर उनकी जिज्ञासा को शांत किया। डॉ अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि कोई भी व्यक्ति हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो के हेल्पलाइन नंबर 9050891508 पर अथवा 1933 पर अथवा MANAS पर नशे के विरुद्ध गुप्त सूचनाएं दे सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में शपथ ग्रहण करवाई।

 

 

नूंह में 8 मार्च को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत : सीजेएम नेहा गुप्ता
– आपसी समझौते के आधार पर किया जाएगा केस का निपटारा
– शीघ्र व सुलभ न्याय, अंतिम रूप से निपटारा, समय की बचत जैसे मिलते हैं लाभ
नूंह, 06 फरवरी – राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार शनिवार 8 मार्च को नूंह स्थित न्यायिक परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। परिवादी राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सुलह व समझौते के आधार पर स्वयं या अपने अधिवक्ता के माध्यम से केस का निपटारा करा सकते हैं।
सीजेएम एवं सचिव जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण नेहा गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक लोन से संबंधित मामले, मोटर एक्सीडेंट, एनआई एक्ट, फौजदारी, रेवेन्यू, वैवाहिक विवाद का निपटारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि न्यायालय में लंबित मामलों को परस्पर सहयोग व सौहार्दपूर्ण माध्यम से निपटाने के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति का कोई मामला न्यायालय में लंबित है तो वह राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से उसका निस्तारण करा सकता है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में दोनों पक्षों की आपसी सहमति व राजीनामे से सौहार्दपूर्ण वातावरण में पक्षकारों की रजामंदी से विवाद निपटाया जाता है। इससे शीघ्र व सुलभ न्याय, कहीं कोई अपील नहीं, अंतिम रूप से निपटारा, समय की बचत जैसे लाभ मिलते हैं।

 

 

लोगों को न्याय से जोडऩे का एक सरल और प्रभावी माध्यम साबित हो रही हेल्पलाइन 15100 : सीजेएम नेहा गुप्ता
– जिला नूंह में प्रभावी रूप से किया जा रहा हेल्पलाइन नंबर-15100 का क्रियान्वयन
नूंह, 06 फरवरी – जिला में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर-15100 का क्रियान्वयन जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नूंह सुशील कुमार के मार्गदर्शन में प्रभावी रूप से किया जा रहा है। इस हेल्पलाइन की देखरेख मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नूंह नेहा गुप्ता द्वारा की जा रही है। सीजेएम नेहा गुप्ता ने बताया कि न्याय प्रणाली को हर नागरिक के लिए अधिक सुलभ और सुगम बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से एक हेल्पलाइन नंबर-15100 शुरू किया गया है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से देशभर के नागरिक किसी भी प्रकार की कानूनी जानकारी या सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए देश के सभी जिलों में इस हेल्पलाइन को लागू किया गया है। किसी भी कानूनी समस्या का सामना कर रहे लोग, चाहे वह किसी भी वर्ग से हों, इस नंबर पर फोन करके निशुल्क कानूनी परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। यह पहल न्याय व्यवस्था को आम जनता तक पहुंचाने और लोगों को उनकी कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए की गई है। सचिव नेहा गुप्ता ने बताया कि यह सेवा विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं या कानूनी जानकारी प्राप्त करने में असमर्थ हैं। इस हेल्पलाइन नंबर को देश के सभी जिलों में लागू कर दिया गया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में भी लोग इस सेवा का लाभ उठा सकें। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से इसे क्रियान्वित किया जा रहा है, जो स्थानीय स्तर पर लोगों को कानूनी सहायता प्रदान करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि 15100 हेल्पलाइन सेवा लोगों को न्याय से जोडऩे का एक सरल और प्रभावी माध्यम साबित हो रही है, जो बिना किसी जटिल प्रक्रिया के त्वरित कानूनी सलाह और सहायता प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती है।
फोटो कैप्शन : सीजेएम नेहा गुप्ता।

 

समाधान शिविर में आने वाली शिकायतों का प्राथमिकता के साथ करें समाधान : एडीसी प्रदीप सिंह मलिक
वीरवार को आयोजित समाधान शिविर में प्राप्त हुई पांच शिकायतें :
नूंह, 06 फरवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार तथा उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा के मार्गदर्शन में जिला स्तर पर लघु सचिवालय के साथ-साथ उप मंडल स्तर पर सुबह 10 बजे से 12 बजे तक समाधान शिविरों का आयोजन निरंतर रूप से किया जा रहा है।
वीरवार को लघु सचिवालय के काफ्रैंस हॉल में लगाए गए समाधान शिविर में कुल पांच शिकायतें आई, जिनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। लघु सचिवालय के सभागार में अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप सिंह मलिक ने लोगों की शिकायतें सुनी और विभागीय अधिकारियों को निपटान के निर्देश दिए। समाधान शिविर में परिवार पहचान पत्र, जमीन की रजिस्ट्री, शहरी निकाय विभाग से एनडीसी लेने, नक्शे की मंजूरी, पेंशन, राशन कार्ड व सार्वजनिक वितरण व्यवस्था, अपराध, बिजली-पानी संबंधी आदि शिकायतों आती हैं।
अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप सिंह मलिक ने कहा कि समाधान शिविर हरियाणा सरकार की एक अच्छी पहल है। आमजन को एक ही छत के नीचे सभी विभागों से जुड़े अधिकारी मौजूद रहते हैं, जिससे किसी समस्या का जल्द समाधान होना संभव हो जाता है। आमजन को इन शिविरों का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समाधान शिविर में स्वयं उपस्थित रहें और लोगों की समस्याओं को गंभीरता के साथ सुनें। शिकायतों का प्राथमिकता के साथ समाधान किया जाए।
फोटो कैप्शन : समाधान शिविर में लोगों की शिकायत सुनते हुए एडीसी प्रदीप सिंह मलिक।

 

महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए दिया जा रहा 3 लाख रुपये तक का ऋण :- विश्राम कुमार मीणा
हरियाणा मातृशक्ति उद्यमिता योजना के तहत जिले की 40 महिलाओं को लाभ देने का लक्ष्य
लोन लेकर लाभार्थी खरीद सकती हैं ऑटो रिक्शा, थ्री व्हीलर, ई-रिक्शा आदि
नूंह 06 फरवरी – उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि हरियाणा महिला विकास निगम द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आर्थिक व सामाजिक स्थिति में सुधार लाने के लिये मातृशक्ति उद्यमिता योजना शुरू की है। जिसके तहत बैंकों के माध्यम से 3 लाख रुपये तक के ऋण दिलवाने की व्यवस्था की गई है। हरियाणा सरकार द्वारा हरियाणा मातृशक्ति उद्यमिता योजना महिला विकास निगम के माध्यम से चलाई जा रही है। उन्होंने बताया कि हरियाणा महिला विकास निगम की इस योजना के तहत लाभार्थी ऑटो रिक्शा, छोटा सामान ढोने के वाहन, थ्री व्हीलर, ई-रिक्शा, टैक्सी, सामाजिक व व्यक्तिगत सेवा गतिविधियों के तहत सैल्यून, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, बुटिक, फोटो स्टेट की दुकान, पापड़ बनाना, आचार बनाना, हलवाई की दुकान फूड स्टॉल, आईसक्रीम बनाने की यूनिट, बिस्कुट बनाना, हैंडलूम बैग बनाना, टिफिन सर्विस, मिट्टी के बर्तन मटके इत्यादि बनाने का अपना काम शुरू कर सकती है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए परिवार का वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए और आवेदक महिला हरियाणा की स्थाई निवासी होना तथा आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी अनिवार्य है। इसके अलावा आवेदक पहले से लिए गये ऋण का डिफाल्टर नहीं होना चाहिए। योजना के तहत समय पर किस्त का भुगतान करने पर 3 वर्षों तक 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान राशि हरियाणा सरकार द्वारा महिला विकास निगम के माध्यम से दी जायेगी।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित दस्तावेज आवेदन के साथ जमा करवाने होंगे। इन दस्तावेजों में आवेदन पत्र, राशन कार्ड, परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, दो पासपोर्ट आकार फोटो, रिहायशी प्रमाण पत्र, प्रोजैक्ट रिपोर्ट, ट्रेनिंग सट्रिफिकेट, अनुभव प्रमाण पत्र शामिल है।

 

कन्या भ्रूण हत्या की सूचना देने पर मिलेगा एक लाख रुपए का इनाम, सूचना देने वाले का नाम रहेगा गुप्त – अतिरिक्त उपायुक्त
– पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट 1994 के तहत गर्भधारण पूर्व लिंग चयन और प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण संबंधी जुर्म करने पर है कैद और जुर्माने का प्रावधान
– भ्रूण हत्या व लिंग जांच की गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर अल्ट्रासाउंड सेंटर का पीएनडीटी रजिस्ट्रेशन होगा रद्द
– अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप सिंह मलिक ने आमजन से किया बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ मुहिम को आगे बढ़ाने का आह्वान

नूंह, 6 फरवरी- अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप सिंह मलिक ने बताया कि कन्या भ्रूण हत्या करने व करवाने वालों की सही सूचना देने पर सरकार द्वारा एक लाख रुपए का इनाम दिया जाता है तथा कन्या भ्रूण हत्या से संबंधित सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम भी गुप्त रखा रखा जाता है। पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट 1994 के तहत पंजीकृत सेंटर संचालक व डॉक्टर द्वारा पहली बार गर्भधारण पूर्व लिंग चयन और प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण संबंधी जुर्म करने पर 3 साल की कैद और 10 हजार रुपए जुर्माना तथा इसके उपरांत पुन: जुर्म करने पर 5 साल कैद और 50 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान है। पति/परिवार के सदस्य या लिंग चयन के लिए उकसाने वाले व्यक्ति के लिए एक्ट में पहले अपराध पर 50 हजार रुपए तक के जुर्माने के साथ 3 साल तक की कैद तथा इसके उपरांत पुन: अपराध करने पर एक लाख रुपए तक जुर्माने के साथ 5 साल तक की कैद का प्रावधान एक्ट में निर्धारित है। आरोप तय होने पर डॉक्टर का मेडिकल रजिस्ट्रेशन निलंबित कर दिया जाएगा। पहले अपराध के मामले में राज्य मेडिकल काउंसिल द्वारा डॉक्टर के मेडिकल पंजीकरण को 5 साल के लिए तथा इसके उपरांत अपराध के मामले में स्थायी रूप से मेडिकल पंजीकरण को रद्द कर दिया जाएगा।

बेटियों को आगे बढ़ने के पूरे अवसर दें
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि अब बालिका दिवस व महिला दिवस मनाने से कन्या भ्रूण हत्या समाप्त नहीं होगी। इसके लिए हम सबको मिलकर सामूहिक प्रयास करने होंगे। जिस दिन हम अपनी बेटियों को बेटों के बराबर समझने लगेंगे व बेटियों को बेटों के समान दर्जा देने लगेंगे उस दिन कन्या भ्रूण हत्या अपने आप समाप्त हो जाएगी। कन्या भ्रूण हत्या एक कानूनी अपराध होने के साथ-साथ सामाजिक अपराध भी है। बेटियों को आज घर की चारदीवारी से बाहर निकलने का पूरा मौका दिया जाना चाहिए, ताकि वह भी अपने पैरों पर खड़ी हो सकें। इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सोच बदलनी होगी।

भ्रूण हत्या व लिंग जांच की गतिविधियों में संलिप्त अल्ट्रासाउंड सेंटर का पीएनडीटी रजिस्ट्रेशन होगा रद्द
प्रदीप सिंह मलिक ने बताया कि यदि कोई अल्ट्रासाउंड सेंटर भ्रूण हत्या व लिंग जांच की गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो अल्ट्रासाउंड सेंटर का पीएनडीटी रजिस्ट्रेशन तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा और आरोपी के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई गर्भवती महिला नकली ग्राहक बनकर भ्रूण हत्या व लिंग जांच करने वालों को पकड़वाने में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करती है तो उस महिला को 50 हजार रुपए दिए जाते हैं तथा उसका नाम भी पूर्ण रूप से गुप्त रखा जाता है। उन्होंने आमजन से कन्या भ्रूण हत्या व लिंग जांच के बारे में सूचना देकर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करने की अपील की है।

कन्या भ्रूण हत्या है महापाप – अतिरिक्त उपायुक्त
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या महापाप है, जिसका कोई प्रायश्चित नहीं है। पुत्र की चाह में कई दंपत्ति भ्रूण लिंग परीक्षण कराकर कन्या भ्रूण होने पर गर्भपात जैसा जघन्य पाप कर देते हैं। बालिकाओं को जन्म लेने दें और उनका पालन पोषण अच्छे से करें। बेटियां किसी भी सूरत में बेटों से कम नहीं हैं, यह मानें। इसके लिए सभी को संकल्पित होना होगा। बेटियों को बचाना है और पढ़ाना है। लड़कियों का जन्म दर का अनुपात लगातार कम होता जा रहा है, यह चिंता का विषय है। लड़कियां देश का भविष्य है इसलिए कन्या भ्रूण हत्या करना व करवाना पाप तथा कानून अपराध है। आज बेटियों ने जीवन के हर क्षेत्र में सफलता अर्जित कर अपने परिवार, समाज व देश का नाम रोशन किया है। हमें भारत सरकार की बेटी-पढ़ाओ बेटी बचाओ जैसी मुहिम को आगे बढ़ाना होगा, तभी लिंगानुपात भी बेहतर बनेगा।

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