
किसानों के विरोध प्रदर्शन पर पुलिस दमन रोकने के संबंध में संयुक्त किसान मोर्चा,हिसार ने महामहिम राष्ट्रपति ने नाम उपायुक्त महोदय,हिसार के मार्फत ज्ञापन सौंपा।
किसानों के विरोध प्रदर्शन पर पुलिस दमन रोकने के संबंध में संयुक्त किसान मोर्चा,हिसार ने महामहिम राष्ट्रपति ने नाम उपायुक्त महोदय,हिसार के मार्फत ज्ञापन सौंपा।
*संयुक्त किसान मोर्चा,हिसार*
* 28 मार्च 2025*
किसानों के विरोध प्रदर्शन पर पुलिस दमन रोकने के संबंध में संयुक्त किसान मोर्चा,हिसार ने महामहिम राष्ट्रपति ने नाम उपायुक्त महोदय,हिसार के मार्फत ज्ञापन सौंपा।
14 अप्रैल को SKM हिसार डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती मनाएंगे HAU गेट नंबर 4 पर।
राष्ट्रीय संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आज संयुक्त किसान मोर्चा,हिसार ने लघु सचिवालय हिसार गेट के सामने विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। आज के कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता शमशेर सिंह नम्बरदार,नफे सिंह नम्बरदार, डॉ.करतार सिवाच,जोगी राम, राजेश पंडित,भरत सिंह बूरा, संदीप सिवाच, मेहरसिंह बांगड़, रणधीर मिल्कपुर, धर्मपाल बडाला ने की।
संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य सरदानन्द राजली ने प्रेस बयान में बताया की ज्ञापन के द्वारा किसान मोर्चा के सदस्यों ने उपायुक्त के माध्यम से भारत सरकार के संज्ञान में लाने हेतु निम्नलिखित आवेदन किया। ज्ञापन की एक प्रति राज्यपाल पंजाब और एक प्रति राज्यपाल हरियाणा के नाम भेजी।
पंजाब के किसान संगठनों की ओर से एक साल से ज्यादा अवधि से अपनी मांगों के लिए आंदोलन कर रहे थे। दिल्ली जाते हुए उन्हें हरियाणा पुलिस ने पंजाब से लगते शंभू और खनौरी बार्डरों पर बलपूर्वक रोका हुआ था जोकि गैरकानूनी था। आंदोलन कर रहे किसान संगठनों के नेताओं से केंद्र सरकार के मंत्री वार्तालाप का नाटक भी करते थे परन्तु केंद्र ने किसानों को दिल्ली जाने के लिए हरियाणा सरकार को असंवैधानिक रूप से बार्डरों को खोलने को नहीं कहा।
गत 19 मार्च को भी चंडीगढ़ में वार्तालाप का अगला दौर खत्म होते ही पंजाब पुलिस ने सैंकड़ों आंदोलनकारी किसान कार्यकर्ताओं और नेताओं को गिरफ्तार कर लिया था। आज सुबह 3 बजे सभी गिरफ्तार किसान नेताओं की रिहा कर दिया गया है।
अमरीका के कृषि उत्पाद, फल, मीट,डेयरी, पोल्टरी आदि पर यदि आयात शुल्क घटा दिया गया तो निश्चित तौर पर भारत के किसानों की आजीविका और देश की खाद्य सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। पहले ही कुकिंग तेल के आयात से हमारी तिलहन की फसलें पिट रही हैं।
सी-2+50% के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य न मिलने से किसानों पर कर्ज का फंदा कस रहा है। उन्हें क़र्ज़ मुक्त करने की बजाय कारपोरेट सेक्टर के 16.5 लाख करोड़ रुपए के कर्जे बट्टे खाते में डाल दिए जा रहे हैं।
हिसार के किसानों को फसल खराबे के लंबित मुआवजों, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्राईवेट कंपनियों द्वारा किसानों से सैंकड़ों करोड़ रुपए के फर्जीवाड़े के बावजूद सुनवाई न हो रही हो तो संगठित होकर आवाज उठाने के अलावा लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत और क्या विकल्प है ?
उपरोक्त स्थिति में किसान और मजदूरों के सामने इस सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाना और उन नीतियों को बदलवाने के लिए आंदोलन करना उनका संवैधानिक अधिकार है जिस पर हमला किया जा रहा है।
पंजाब के तमाम गिरफ्तार किसान नेताओं को तुरंत बिना शर्त रिहा किया जाए। उन पर लगे झूठे मुकदमे खारिज किए जाएं।
ट्रैक्टर ट्राली व अन्य कीमती सामान को तोड़ने और चोरी करवाने के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
सी+2+50% के आधार पर निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीद की कानूनी गारंटी हो।
अमरीका व अन्य विदेशी कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क घटाने से मोदी सरकार बाज आए।
कृषि विपणन योजना के राष्ट्रीय प्रारुप के मसौदे को रद्द किया जाए।
हरियाणा के भिवानी व अन्य जिलों में प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना के तहत सैमा कंपनी द्वारा किए गए फर्जीवाड़े पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो और किसानों को उनके बीमा की वास्तविक राशि अदा की जाए।
किसानों की जमीनों के ऊपर से गुजरने वाली हाई टेंशन बिजली ग्रिड या नीचे से दबा कर लें जाई जा रही तेल/ गैस पाइपलाइन का उचित मुआवजा दिया जाए।
आज धरने में विकास सीसर, रणबीर मलिक,सोमबीर चौधरीवास,सतबीर धायल, कपूर बगला, दशरथ मलिक, कैलाश मलिक,गोपाल ओड़, दिनेश सिवाच,हवासिंह संघर्ष, सत्यनारायण भाटोल, राजू खरड़,सकुंतला जाखड़, कमला देवी,राजेश पनिहार,राजा मैम्बर, सुबेसिंह बूरा, समुद्र मलिक, सुंदर पनिहारी, महासिंह सिंधु,रणधीर बाल, बलराज मलिक, रामकेश नैन,नशीब सातरोड़, रमेश,ललित हिसारियां,धोला सिंघवा, मनोज सोनी,जोगेंद्र माईयड़, सुरेंद्र मान, राजेन्द्र नैन, सत्यवान नम्बरदार,राम लाडवा, नरेंद्र, रामफल,राजेश बोबुवा, मास्टर विजय, सतपाल शर्मा, मांगें राम भाकर, रोशनलाल लाडवा, मास्टर रामकुमार तंवर, राजबीर सरपंच, वजीर लाडवा आदि शामिल रहे।
*संयुक्त किसान मोर्चा, हिसार*



