
Haryana News: हरियाणा की 31 जनवरी की बड़ी खबरें, पढ़िए एक क्लिक में
केजरीवाल ने किया दिल्ली के लोगों को गंदा पानी पीने के लिए मजबूर : नायब सिंह सैनी
केंद्र सरकार देश के हर वर्ग और क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध – अनिल विज
चुनाव आयोग स्वतंत्र एजेंसी, किसी पार्टी के अधीन नहीं
दिल्ली चुनाव में वोटरों को लुभाने के लिए पंजाब सरकार कर रही संसाधनों का दुरुपयोग
चंडीगढ़, 31 जनवरी: हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत प्रत्येक बजट में चहुंमुखी एवं सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दी जाती है। सरकार हर वर्ग और क्षेत्र के उत्थान के लिए प्रयासरत है और पिछड़े क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
मीडिया से बातचीत करते हुए श्री विज ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र एजेंसी है, जो किसी भी राजनीतिक दल से प्रभावित नहीं होती। आयोग निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है। जहां भी संदेह या सबूत मिलते हैं, वहां आयोग कार्रवाई करता है, चाहे वह किसी भी दल से संबंधित हो।
आम आदमी पार्टी के नेताओं पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि “आप पार्टी के लोग चीखते ज्यादा हैं और उन्हें इस तरह की ट्रेनिंग दी जाती है।” दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा हमेशा सफाई का मुद्दा उठाने पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री विज ने कहा कि उनके ही सांसद ने उनके घर के बाहर कूड़ा डालकर उनकी सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी है। उन्होंने कहा, “दिल्ली की सड़कें, नाले और नालियां गंदगी से भरी हैं, धूल और प्रदूषण बढ़ रहा है, लेकिन केजरीवाल जी सिर्फ भाषणबाजी में लगे रहते हैं।”
चुनाव आयोग के एक अधिकारी पर केजरीवाल द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर श्री विज ने कहा कि इस पर केजरीवाल के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी अधिकारी का कार्यकाल समाप्त होने में दो महीने बचे हैं, तो क्या वह काम करना बंद कर देगा? चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है और आखिरी घंटे तक उसके अधिकारी को कार्य करने का अधिकार है।
पंजाब सरकार के संसाधनों के कथित दुरुपयोग पर उन्होंने कहा कि पंजाब नंबर की गाड़ी में पैसा मिलना यह संकेत देता है कि पंजाब सरकार दिल्ली चुनाव में वोटरों को लुभाने के लिए सरकारी अमले और संसाधनों का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और आयोग इस दिशा में काम भी कर रहा है।
दीनबंधु सर छोटूराम ने जीवन पर्यंत विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए किया संघर्ष : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
मुख्यमंत्री ने रोहतक में चौ. छोटूराम के 144 वें जन्मोत्सव समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में की शिरकत
मुख्यमंत्री ने जाट शिक्षण संस्था को 31 लाख रुपए देने की घोषणा की
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से अपने बच्चों को नशे से दूर रखने का दिलाया संकल्प
चंडीगढ़, 31 जनवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार दीनबंधु सर छोटूराम के आदर्शों पर चलते हुए प्रदेश को विकास और जनकल्याण के मामले में देश का मॉडल राज्य बनाने के लिए कृतसंकल्प है। रहबर-ए-आजम चौ. छोटूराम ने जीवन पर्यंत किसानों, मजदूरों व गरीबों के कल्याण के लिए संघर्ष किया। उन्होंने किसानों, मजदूरों और छोटे दुकानदारों के हितों के लिए कार्य किये।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को रोहतक जिला में अखिल भारतीय जाट सूरमा स्मारक महाविद्यालय परिसर में रहबर-ए-आजम चौ. छोटूराम के 144 वें जन्मोत्सव में बतौर मुख्यातिथि के रूप में उपस्थितजनों को संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व उन्होंने जाट शिक्षण संस्थान परिसर में स्थित चौ. छोटूराम के स्मारक पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने भी पुष्प अर्पित चौ. छोटूराम को नमन किया। अतिथियों ने जाट कॉलेज के सभागार में हरियाणवी विरासत पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
श्री नायब सिंह सैनी ने अपने स्वैच्छिक कोष से जाट शिक्षण संस्था को 31 लाख रुपए देने की घोषणा की। इसके अलावा, शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने भी संस्था को 21 लाख रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने संस्था की मांगों के संदर्भ में कहा कि महारानी किशोरी महिला महाविद्यालय में होस्टल के लिए संस्था द्वारा नियमानुसार मैचिंग ग्रांट के रूप में पैसा जमा करवाने उपरांत सरकार की ओर से 10 करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके अलावा, संस्था द्वारा रखी गई अन्य मांगों की फिजिबिलिटी चैक करवाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चौ. छोटूराम का जीवन एक संदेश है कि अगर हम संकल्प लें और मेहनत करें, तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। चौधरी छोटूराम बहुमुखी प्रतिभा , विचारशील, विवेक एवं सिद्धांतवादी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने गरीबों, दलितों, शोषितों एवं उपेक्षित लोगों के उत्थान एवं सम्मान के लिए जीवनभर लड़ाई लड़ी। गरीबों के सच्चे हमदर्द होने के कारण ही वे दीनबंधु कहलाए।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि चौ. छोटूराम ने किसानों की आवाज को बुलंद करने के लिए जाट गजट अखबार भी शुरू किया था। चौधरी छोटूराम ने किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलवाने के लिए कृषि उत्पाद मंडी अधिनियम बनवाया था। किसानों को कर्जों से मुक्ति दिलवाई और गिरवी रखी हुई जमीनें उन्हें वापस दिलवाई। चौधरी छोटूराम ने सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर भी बल दिया। भाखड़ा बांध परियोजना भी उन्ही की देन है।
कृषि विकास और किसानों की भलाई के लिए समर्पित भाव से काम कर रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत के लिए किसान, गरीब, नारी और युवा शक्ति को चार स्तंभ माना है। चौ. छोटूराम की किसान व मजदूर हितैषी नीतियों पर चलते हुए प्रदेश सरकार कृषि के विकास और किसानों की भलाई के लिए समर्पित भाव से काम कर रही है। हाल ही में, राज्य सरकार ने किसान हित में कदम उठाते हुए पट्टेदार किसानों और भूमि मालिकों के बीच विश्वास बहाल करते हुए कृषि भूमि पट्टा एक्ट लागू करके पट्टेदारों को मालिकाना हक दिया है। सरकार फसल से लेकर बाजार तक जुड़ी सभी सुविधाएं किसानों को उपलब्ध करवा रही है। किसानों को पराली प्रबंधन के लिए विभिन्न कृषि यंत्रों पर 122 करोड़ रुपए का अनुदान प्रदान किया गया है।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार द्वारा प्रदेश में शत-प्रतिशत फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने का फैसला किया है तथा 72 घंटे में फसल का भुगतान किसान के खाते में किया जा रहा है। प्रदेश के लगभग 12 लाख किसानों के खाते में एक लाख 25 हजार करोड़ रुपए की राशि डाली गई है। खरीफ मौसम के दौरान कम बारिश की वजह से किसानों की लागत राशि को कम करने के उद्देश्य से किसानों को 2000 रुपए प्रति एकड़ सहायता राशि दी गई है। इसके तहत प्रदेश के किसानों को 1345 करोड़ रुपए की राशि दी गई है। उन्होंने कहा कि किसानों को कृषि इनपुट आदान खरीदने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 6 हजार रुपए वार्षिक उपलब्ध करवाए जा रहे है। अब तक 18 किस्तों में प्रदेश के किसानों को 342 करोड़ रुपए तथा देशभर के किसानों को 6203 करोड़ रुपए की राशि दी गई है।
उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे बागवानी फसलों को अपनाएं। सरकार द्वारा बागवानी को बढ़ावा देने के लिए करनाल जिला के उचानी में 65 एकड़ में 700 करोड़ रुपए की लागत से महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने अभिभावकों का आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को नशे की लत से बचाने के लिए संकल्प लें।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक 20 किलोमीटर के क्षेत्र में राजकीय महाविद्यालय स्थापित किया गया है। प्रदेश में एक लाख 80 हजार रुपए से कम वार्षिक आय वाले परिवारों की बेटियों को मुफ्त शिक्षा का निर्णय लिया गया है। युवाओं में सरकार के प्रति विश्वास बहाल करते हुए एक लाख 71 हजार युवाओं को मेरिट के आधार पर रोजगार दिया गया है। संकल्प पत्र के अनुसार युवाओं को बिना पर्ची-बिना खर्ची दो लाख रोजगार दिए जाएंगे।
उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जाट शिक्षण संस्था के प्रतिभावान खिलाड़ियों अर्जुन अवार्डी सरिता मोर, कॉमनवेल्थ खेलों में कांस्य पदक विजेता पूजा सिहाग, एनएसएस के राज्य स्तरीय अवार्डी जतिन मलिक, अंशु नांदल को सम्मानित किया।
प्रदेश में 2025 में नई शिक्षा नीति को करेंगे लागू, विश्वविद्यालयों में नया पाठ्यक्रम शुरू – महीपाल ढांडा
शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि चौ. छोटूराम ने समाज को शोषण मुक्त करने का संकल्प लिया तथा अन्याय के विरुद्ध हुंकार भरी थी। उन्होंने जीवन पर्यंत गरीब, पिछड़े, दलित व शोषित वर्गों के कल्याण के लिए जीवन पर्यंत संघर्ष किया।
उन्होंने कहा जनता ने मजबूत राजनीतिक सोच के नेतृत्व को देश की कमान सौंपी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व में भारत का गौरव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार में जन्में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री का सपना है कि अब कोई भी बच्चा धन के अभाव में शिक्षा ग्रहण करने से वंचित न रहे। सरकार प्रदेश की शिक्षण संस्थाओं के साथ मिलकर गरीब बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए कृतसंकल्प है। प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2025 के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति को प्रदेश में लागू किया जाएगा। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में नए पाठ्यक्रम शुरू किये गए है।
पिहोवा की पावन धरा पर महोत्सव में नजर आई राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत
प्रदेश सरकार के प्रयास से अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में राजस्थान प्रदेश बना पार्टनर राज्य,
अढ़ाई फीट के छोटे कद के कलाकार मूंगा राम बने आकर्षण का केन्द्र,
सरस मेले में राजस्थान ने लगाई प्रदर्शनी
चंडीगढ़, 31 जनवरी- अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में पहली बार प्रदेश सरकार के प्रयासों से पहली बार राजस्थान पार्टनर राज्य की भूमिका निभा रहा है। इस प्रदेश के कलाकारों ने पिहोवा की पावन धरा पर राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को अनोखें अंदाज में प्रस्तुत करने का काम किया। इस प्रदेश के कलाकारों में अढ़ाई फीट के एक छोटे से कद का कलाकार मूंगा राम महोत्सव में मुख्य आकर्षण का केन्द्र बना रहा।
हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने बातचीत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के विशेष प्रयासों से इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव के साथ एक नया अध्याय जोड़ने का काम किया है। इस वर्ष राजस्थान राज्य को महोत्सव में पार्टनर राज्य के रूप में आमंत्रित किया गया। इस निमंत्रण के बाद राजस्थान के कलाकारों ने महोत्सव में खूब रंग जमाया। इतना ही नहीं राजस्थान की तरफ से प्रदर्शनी में एक स्टॉल भी लगाया है। इस स्टाल पर राजस्थान के अधिकारियों और कर्मचारियों की तरफ से पर्यटकों और दर्शकों को राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों के बारे में विस्तार से जानकारी देने का प्रयास किया गया है। यह पर्यटन स्थल इनक्रेडिबल इंडिया की श्रेणी में शुमार है। इस स्टाल के माध्यम से लोगों को राजस्थान के प्रमुख तीर्थों का अवलोकन करने का न्यौता भी दिया जा रहा है।
बोर्ड के उपाध्यक्ष ने कहा कि राजस्थान के कलाकारों ने मुख्य मंच पर सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर सबका मन मोह लिया। इन कलाकारों के ग्रुप में छोटे कद के कलाकार मूंगा राम ने सबका ध्यान अपनी तरफ आकर्षित कर लिया। इस कलाकार ने राजस्थान की लोक नृत्य की प्रस्तुति देकर दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष राजस्थान के पार्टनर राज्य के रूप में पहल थी और आने वाले समय में अन्य राज्यों को भी सरस्वती महोत्सव में पार्टनर स्टेट के रूप में निमंत्रण दिया जाएगा। जब दूसरे राज्यों के कलाकार पिहोवा की धरा पर पहुंचेंगे तो निश्चित ही यह कलाकार अपने-अपने प्रदेश में जाकर पिहोवा सरस्वती तीर्थ का गुणगान करेंगे। इससे पिहोवा को पर्यटन स्थल के रूप में भी एक पहचान मिलेगी। इसके साथ ही यहां के लोगों को दूसरे राज्यों की लोक कलाओं और संस्कृति से रूबरू होने का अवसर भी मिलेगा।
सरस्वती महोत्सव में आज कवि सम्मेलन होगा आकर्षण का केन्द्र
बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में 1 फरवरी को साध्वी ऋद्घिका किशोरी की कथा होगी, सायं 5 बजे सरस्वती तीर्थ तट पर डा.स्वरित एवं अन्य कलाकारों द्वारा भजन संध्या की प्रस्तुति दी जाएगी, सायं 6 बजे आरती होगी तथा मुख्य मंच पर सायं 6:30 बजे कवि सम्मेलन का आयोजन होगा इस कवि सम्मेलन में दीपक सैनी, राजेश चेतन, मास्टर महेन्द्र, रजनी और अवनी प्रमुख कवि के रूप में अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्षा सुमन सैनी ने शुगर मिल की एंबुलेंस को दी हरी झंडी
चंडीगढ़,31 जनवरी- हरियाणा राज्य बाल कल्याण की उपाध्यक्षा सुमन सैनी ने कहा कि शाहबाद सहकारी चीनी मिल ने हमेशा राष्ट्रीय लेवल पर सराहनीय कार्य करने पर एक मुकाम हासिल किया है। इस मिल के प्रबंधकों ने हमेशा अधिकारियों, कर्मचारियों व किसानों के हित को प्राथमिकता देकर सराहनीय कार्य किए है। इसी कड़ी में ही शाहबाद सहकारी चीनी मिल की तरफ से अब एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।
उपाध्यक्षा सुमन सैनी शुक्रवार को देर सायं शाहबाद शुगर मिल में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रही थी। इससे पहले उपाध्यक्षा सुमन सैनी, मुख्यमंत्री के कार्यालय प्रभारी कैलाश सैनी, एमडी शुगर मिल विरेन्द्र चौधरी ने शाहबाद शुगर मिल की एंबुलेंस को हरी झंडी देकर रवाना किया। उन्होंने प्रबंधकों को एंबुलेंस की सुविधा शुरू करने पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस शुगर मिल ने किसानों, अधिकारियों व कर्मचारियों के उल्लेखनीय कार्य करने पर ही राष्ट्रीय स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल की है। इसलिए इनके हितों को जहन में रखकर प्रबंधकों को हमेशा कार्य करने चाहिए।
एमडी विरेन्द्र चौधरी ने कहा कि शाहाबाद सहकारी चीनी मिल का पिराई सत्र 2024-25 को प्रारम्भ हुआ तथा अब तक अपनी पूरी क्षमता के साथ चल रही है। इस मिल में कार्य कर रहे अधिकारियों व कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त नेहा सिंह शाहाबाद शुगर मिल की अध्यक्षता में मिल निदेशक मंडल द्वारा एंबुलेंस खरीदने का निर्णय लिया गया था।
हरियाणा सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग, चंडीगढ़ मुख्यालय में कार्यरत दो अधिकारी व एक कर्मचारी हुए सेवानिवृत
चंडीगढ़, 31 जनवरी- हरियाणा सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग, चंडीगढ़ मुख्यालय में कार्यरत दो अधिकारी व एक कर्मचारी अपने संतोषजनक सेवाएं पूरी करने उपरांत आज सेवा निवृत हो गए। विभाग की हरियाणा सिविल सचिवालय के आठवीं मंजिल पर स्थित प्रेस शाखा में व मुख्यालय की अन्य शाखाओं में सेवानिवृत होने वालों के सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन किया गया।
सेवानिवृत होने वाले अधिकारियों में अतिरिक्त निदेशक श्रीमती वंदना शर्मा, लाइजनिंग अधिकारी श्री जोगिंदर सिंह गाबा तथा सहायक श्री बाला दत्त जोशी शामिल हैं।
श्रीमती वंदना शर्मा ने विभाग में फरवरी 1997 में जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी के रूप में सोनीपत से अपनी सेवाएं आरंभ की थी। इसके बाद वे कुरुक्षेत्र में भी लंबे समय तक जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी रही। वर्ष 2018 में उप-निदेशक के पद पर पदोन्नति हुई थी। उसके बाद संयुक्त निदेशक तथा अतिरिक्त निदेशक के पद पर कार्यरत रहते हुए उन्होंने मुख्यालय पर फिल्ड, प्रकाशन, विज्ञापन, संवाद सोसाइटी, सीएम सेल तथा आर एंड आर शाखा में अपनी सेवाएं दी।
इसी प्रकार श्री जोगिंदर सिंह गाबा ने विभाग में जूनियर स्केल स्टेनोग्राफर के पद पर ज्वाइन किया था। उसके बाद विभिन्न पदों पर होते हुए आज लाइजनिंग अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए।
श्री बाला दत्त जोशी ने अगस्त 1992 में फोटोस्टेट अटेंडेंट के रूप में ज्वाइन किया था। उसके बाद विभिन्न पदों पर होते हुए आज सहायक के पद से सेवानिवृत हुए हैं। उन्होंने विभाग में 33 वर्षों की संतोषजनक सेवाएं दी है। वे प्रेस फैसिलिटी सहायक शाखा में लंबे समय तक कार्यरत रहे और मीडियाकर्मियों के लिए संतोषजनक कार्य के लिए जाने जाते थे। उनके सम्मान में आज प्रेस शाखा में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में महानिदेशक के. एम. पांडुरंग, अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) श्रीमती वर्षा खांगवाल व प्रेस शाखा प्रभारी संयुक्त निदेशक डॉ. साहिब राम गोदारा व अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों ने शिरकत की।
दिल्ली को पानी न मिलने के दावे वाली याचिका को हाईकोर्ट ने किया खारिज
कोर्ट के इस निर्णय से दिल्ली सरकार भी हुई बेनकाब,पानी की आपूर्ति संबंधी आरोप निकले झूठे
हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका पर अंतिम सुनवाई के दिए निर्देश
चंडीगढ़, 31 जनवरी- दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज एक आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि दिल्ली को न्यायालय के आदेश के अनुसार पानी नहीं मिल रहा है और यह दिल्ली के लिए पानी से संबंधित एक महत्वपूर्ण और जरूरी मुद्दा है। कोर्ट के इस निर्णय से दिल्ली सरकार को भी बड़ा झटका लगा क्योंकि वह लगातार यह दावा कर रही थी कि हरियाणा सरकार द्वारा पानी की तय आपूर्ति नहीं की जा रही है। हालांकि, हरियाणा सरकार ने न्यायालय में स्पष्ट रूप से यह प्रस्तुत किया कि वह सभी समझौतों और न्यायालय के आदेशों के अनुरूप आवश्यक मात्रा में पानी की आपूर्ति कर रही है और इस संबंध में उसकी ओर से कोई भी कमी नहीं हुई है। इस मुद्दे पर पिछले वर्ष जून में भी सर्वोच्च न्यायालय ने विचार किया था और तब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार द्वारा दायर रिट याचिका को खारिज कर दिया था।
हरियाणा सरकार की ओर से प्रस्तुत दलील में कहा गया कि मूल रिट याचिका पहले ही निपटाई जा चुकी है और अवमानना याचिका दाखिल किए जाने के समय से ही निरर्थक थी तथा आज भी निरर्थक है। यह भी बताया गया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार द्वारा दायर रिट याचिका को सर्वोच्च न्यायालय ने पहले ही निपटा दिया था, जिसका आदेश इस न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है।
हरियाणा सरकार की ओर से वरिष्ठ अतिरिक्त महाधिवक्ता श्री लोकेश सिन्हल और श्री आदित्य शर्मा ने दलील दी कि यह मामला कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है और पूरी तरह निराधार होने के कारण इसे खारिज किया जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने आग्रह किया कि मुख्य अवमानना याचिका को अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। इस पर न्यायालय ने आज के आवेदन को खारिज करते हुए निर्देश दिया कि अवमानना याचिका को अंतिम बहस के लिए सूचीबद्ध किया जाए।
हरियाणा के स्वास्थ्य संस्थानों में सुविधाओं की गुणवत्ता में हुआ सुधार : कुमारी आरती सिंह राव
– केंद्र सरकार से राज्य के 769 स्वास्थ्य संस्थानों को मिला “कायाकल्प” पुरस्कार
– पुरस्कार पाने वाले संस्थानों की पिछले वर्ष से दोगुनी हुई संख्या
– कुरुक्षेत्र के जिला अस्पताल को मिली राज्य में पहली रैंकिंग , पुरस्कार में मिले 50 लाख
चंडीगढ़ , 31 जनवरी – हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार हो रहा है , इसका सबूत यह है कि इस बार केंद्र सरकार द्वारा हरियाणा के 769 स्वास्थ्य संस्थानों को “कायाकल्प” पुरस्कार दिया गया है। गत वर्ष यह पुरस्कार 390 संस्थानों को मिला था।
कुमारी आरती सिंह राव ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा उन स्वास्थ्य संस्थानों की सूची जारी की गई है जिनको “कायाकल्प” पुरस्कार से नवाज़ा गया है। कुरुक्षेत्र जिला अस्पताल को मौजूदा वित्तीय वर्ष में राज्य स्तर पर पहली रैंकिंग के साथ कायाकल्प पुरस्कार मिला है। इनके अलावा , हरियाणा के 768 अन्य संस्थानों को कायाकल्प पुरस्कार मिला है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कायाकल्प पुरस्कार देने की पहल स्वच्छता बनाए रखने तथा संक्रमण नियंत्रण प्रथाओं को बढ़ावा देने में अनुकरणीय प्रदर्शन करने वाली स्वास्थ्य संस्थानों को प्रोत्साहित करने के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू की गई थी। हरियाणा इन प्रथाओं को अपनाने में अहम भूमिका निभा रहा है तथा प्रत्येक वर्ष इन संस्थानों की संख्या बढ़ रही है तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में इन मानकों को प्राप्त करने में लगातार सुधार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 15 मई 2015 को सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय कायाकल्प पुरस्कार देने की पहल की गई थी। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार अस्पतालों को कायाकल्प पुरस्कार के लिए तीन स्तरीय मूल्यांकन कर विभिन्न सुविधाओं के आधार पर आंका जाता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने पुरस्कार विजेता स्वास्थ्य संस्थानों एवं इनके स्टॉफ को बधाई देते हुए बताया कि इस वर्ष 769 स्वास्थ्य संस्थानों को कायाकल्प पुरस्कार दिए गए हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के आकलन में कुरुक्षेत्र का जिला अस्पताल हरियाणा का सर्वश्रेष्ठ अस्पताल बन गया है। कुरुक्षेत्र जिला अस्पताल को मौजूदा वित्तीय वर्ष में पहली रैंकिंग के साथ कायाकल्प पुरस्कार दिया गया है। प्रथम पुरस्कार विजेता इस अस्पताल को 50 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया है।
इसी प्रकार , सोनीपत जिला के गांव बड़खालसा में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को अपनी श्रेणी में पहली रैंकिंग मिली है , और इसको 15 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया।
उन्होंने बताया की पुरस्कार पाने वाले 767 स्वास्थ्य संस्थानों में से 19 जिला अस्पताल, 38 सामान्य अस्पताल, 76 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 196 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 438 स्वास्थ्य आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप-स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।
इनके अतिरिक्त, 2 पुरस्कार पर्यावरण की श्रेणी में भी मिले हैं। इनमें सर्वश्रेष्ठ पर्यावरण अनुकूल अस्पतालों की श्रेणी में गुरुग्राम के सेक्टर 10 स्थित अस्पताल को पहला स्थान मिला तथा 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया। इसी श्रेणी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के वर्ग में अंबाला जिला के मुलाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को भी पहला स्थान मिला तथा 5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया।
हरियाणा के स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के महानिदेशक डॉ मनीष बंसल ने बताया कि पिछले वर्ष इसी योजना के तहत 390 स्वास्थ्य संस्थानो को 3,53,95,000 रूपये ( लगभग 3 करोड़ 54 लाख ) के नकद पुरस्कार दिए गए थे। जबकि इस वर्ष स्वास्थ्य संस्थानो की सख्या बढ़ कर लगभग दोगुनी यानि 769 हो गई जिन्हे 5,09,05,000 रूपये ( लगभग 5 करोड़ 9 लाख) के नकद पुरस्कार दिए गए हैं। इस पुरस्कार राशि का उपयोग रोगियों की देखभाल की सेवाओं में सुधार, संस्थानो मे सफाई की व्यवस्था में सुधार तथा कार्यरत कर्मचारियों को अतिरिक्त सुविधाएं देने के लिए किया जाएगा।
पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस यमुनानगर में जनता दरबार लगाकर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने लोगों की सुनी समस्याएं
समस्याओं को सुनकर अधिकारियों को जल्द समाधान करवाने के दिए निर्देश
चंडीगढ़, 31 जनवरी- हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने यमुनानगर में पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्याएं एवं शिकायतें सुनकर उनका शीघ्र समाधान करने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को सुनकर उनका जल्द समाधान करना ही उनकी सबसे पहली प्राथमिकता है। प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करवाया जाएगा ताकि जनता उसका लाभ उठा सकें।
कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा हम पूरी निष्ठा के साथ जनता की सेवा करना चाहते हैं। हम सभी मिलकर कार्य करेंगे और रादौर तथा ऊँचा चांदना में भी इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन करते रहेंगे। हमारी प्राथमिकता लोगों को सुविधाएं प्रदान करना है, ताकि उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार जनसेवा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन इसके लिए समन्वय की आवश्यकता है, जिससे सभी लोग मिलकर जनकल्याण के लिए कार्य कर सकें।
उन्होंने जनता दरबार में लोगों से कहा कि प्रदेश सरकार ने हर तबके के लिए अनेकों जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई है और जनता को चाहिए की वे इन जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं। जनता दरबार में विधानसभा क्षेत्र रादौर के अंतर्गत आने वाले नगर निगम क्षेत्र के लोगों ने भी उनके सामने बिजली, पानी, गलियों, नालियों, पक्के मकान बनवाने, पेंशन जैसी अनेकों प्रकार की लगभग 250 मांगे व समस्याएं रखी, जिस पर कैबिनेट मंत्री महोदय ने आश्वासन देते हुए कहा कि उनकी समस्याओं का जल्द से जल्द ही समाधान किया जाएगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि बेघर, कच्चे मकान, किरायेदारों का अपना आवास हो, इसके लिए सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत आवेदन आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। योजना का लाभ उठाकर पात्र व्यक्ति अपना आवास बनाने का सपना पूरा कर सकते है। आवेदन ऑनलाइन मोड के जरिए ही होंगे। पात्रता पूरी करने वाले खुद अपने स्तर पर भी जरूरी दस्तावेज के साथ वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड कर आवेदन कर सकते हैं। वहीं सीएससी पर भी आवेदन किए जा सकते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत विभाग की वेबसाइट https://pmaymis.gov.in पर जाकर खुलने वाले फार्मेट के हिसाब से जरूरी दस्तावेजों को अटैच कर आवेदन किया जा सकता है। जो आवेदक स्वयं आवेदन नहीं कर सकते वे सीएससी के जरिए आवेदन कर सकते है। इसके अलावा जो पात्र आवेदन करने में असमर्थ है, वह निगम कार्यालय से मदद ले सकता है। पात्र किसी भी कार्य दिवस में नगर निगम कार्यालय में संबंधित दस्तावेज के साथ बिना कोई शुल्क दिए आवेदन कर सकते है।
आंतरिक मूल्यांकन अंक शिक्षा बोर्ड को भेजने हेतु लिंक हुआ लाईव
चंडीगढ़ , 31 जनवरी – हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा संचालित करवाई जाने वाली सैकेण्डरी एवं सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक) वार्षिक परीक्षा फरवरी/मार्च-2025 के लिए राजकीय व अराजकीय स्थाई/अस्थाई मान्यता प्राप्त विद्यालयों तथा गुरूकुल/विद्यापीठ के INA Marks/GLS/Co-Curricular Activity Grading अंक ऑनलाइन भरने हेतु लिंक 03 फरवरी, 2025 से लाईव होगा ।
इस बारे में जानकारी देते हुए बोर्ड प्रवक्ता ने बताया कि सैकेण्डरी एवं सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक) वार्षिक परीक्षा फरवरी/मार्च-2025 हेतु प्रायोगिक विषयों की परीक्षाओं का आयोजन 03 फरवरी से 18 फरवरी,2025 तक करवाया जा रहा है। राजकीय व अराजकीय स्थाई/अस्थाई मान्यता प्राप्त विद्यालयों तथा गुरूकुल/विद्यापीठों के INA Marks/GLS(General Awareness and Life Skills Grade)/Co-Curricular Activity Grading बोर्ड की अधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर दिये गये लिंक पर लॉगिन आई.डी./पासवर्ड से लॉगिन करते हुए 03 फरवरी से 20 फरवरी, 2025 तक ऑनलाइन भरना सुनिश्चित करें।
उन्होंने आगे बताया कि जो विद्यालय निर्धारित तिथि तक INA Marks/GLS/Co-Curricular Activity Grading ऑनलाइन नहीं भरते हैं तो ऐसे विद्यालयों को 500 रुपये प्रति परीक्षार्थी व अधिकतम 5000 रुपये जुर्माने के साथ 21 फरवरी से 23 फरवरी, 2025 तक ऑनलाइन अंक अपलोड करने होंगे।
हरियाणा में 7 आई.ए.एस. और एक आई.आर.एस. अधिकारी का तबादला
चंडीगढ़, 31 जनवरी-हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से 7 आई.ए.एस. और एक आई.आर.एस. अधिकारी के नियुक्ति व स्थानान्तरण आदेश जारी किए हैं।
मौलिक शिक्षा विभाग के महानिदेशक तथा स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव रिपुदमन सिंह ढिल्लों को आदित्य दहिया के स्थान पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, हरियाणा का मिशन निदेशक तथा स्वास्थ्य विभाग का सचिव लगाया गया है।
सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार विभाग के विशेष सचिव तथा निदेशक अजय सिंह तोमर को पार्थ गुप्ता के स्थान पर अम्बाला का उपायुक्त लगाया गया है।
यमुनानगर के उपायुक्त मनोज कुमार-1 को आई.आर.एस. अधिकारी विवेक अग्रवाल के स्थान पर हरियाणा कौशल विकास मिशन का मिशन निदेशक, कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग का निदेशक तथा विशेष सचिव लगाया गया है।
अम्बाला के उपायुक्त पार्थ गुप्ता को मनोज कुमार-1 के स्थान पर यमुनानगर का उपायुक्त लगाया गया है।
सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण एवं अंत्योदय (सेवा) विभाग के निदेशक तथा विशेष सचिव प्रशांत पंवार को मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के मिशन निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
कॉन्फेड के प्रबंध निदेशक राहुल नरवाल को अजय सिंह तोमर के स्थान पर सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार विभाग का निदेशक और विशेष सचिव तथा कॉन्फेड का प्रबंध निदेशक लगाया गया है।
हरियाणा कौशल विकास मिशन के मिशन निदेशक, कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के महानिदेशक तथा सचिव विवेक अग्रवाल को रिपुदमन सिंह ढिल्लों के स्थान पर मौलिक शिक्षा विभाग का महानिदेशक तथा स्कूल शिक्षा विभाग का सचिव लगाया गया है।
महेंद्रगढ़ के अतिरिक्त उपायुक्त-सह-जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी आनंद कुमार शर्मा को महेंद्रगढ़ के डिस्ट्रिक्ट म्युनिसिपल कमिश्नर का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
हरियाणा के पर्यटन को दुनिया के मानचित्र पर लाया जाएगा- केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत
पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने दिया 38वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले का न्योता
सूरजकुंड मेले की भव्यता बढ़ाने समेत विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा
चंडीगढ़, 31 जनवरी- केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि हरियाणा की सभ्यता व समृद्ध संस्कृति व पर्यटन को दुनिया के मानचित्र पर लाने के लिए विशेष कार्य योजना बनाई जाएगी। उन्होंने 38वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले की भव्यता को बढ़ाने व आगामी समय मे बड़े भागीदार राष्ट्रों को मेले से जोड़ने पर भी बल दिया।
हरियाणा के विरासत व पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय संस्कृति व पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात करते हुए आगामी 7 फरवरी से फरीदाबाद में शुरू होने जा रहे 38 वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले के उद्घाटन का विधिवत न्योता दिया। केंद्रीय मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत की हरियाणा के पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा भी हुई।
केंद्रीय मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले की भांति हरियाणा के पर्यटन को दुनिया के मानचित्र पर लाने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार मिलकर इसके लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करेंगे, ताकि हरियाणा की समृद्धता को पूरी दुनिया नजदीक से जाने व उसका अहसास करे।
उन्होंने कहा कि सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले की भव्यता को बढाने के लिए आगामी संस्करणों में बड़े देशों को सहयोगी राष्ट्र के तौर पर जोड़ा जाएगा, ताकि उनके साथ सांस्कृतिक, शिल्पकला, हथकरघा क्षेत्र में आपसी मेल-जोल को बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि सूरजकुण्ड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले के कार्यक्रम कैलेंडर को निर्धारित किया जाए, ताकि वैश्विक स्तर पर आने वाले प्रतिभागियों एवं कलाकारों के साथ-साथ पर्यटक इसकी निर्धारित अवधि में सूरजकुंड आकर अपनी भागीदारी कर सकें। उन्होंने ग्लोबल प्लेटफार्म पर सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले को बढ़ावा देने के लिए मुंबई, कोलकाता आदि स्थानों पर आयोजित होने वाले मेलों की तर्ज पर सूरजकुंड में थीम आधारित मेले लगाने का सुझाव दिया।
हरियाणा के पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खान-पान, सांस्कृतिक, कला क्षेत्र की विविधता में एकजुटता लाने के लिए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में गम्भीरता से काम किया जा रहा है। उन्होंने मेले को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी भी केंद्रीय पर्यटन मंत्री को दी। उन्होंने बताया कि इस बार मेले में डिजिटल प्लेटफार्म का बड़़ा इस्तेमाल किया जाएगा। ऑनलाइन टिकट की बुकिंग से लेकर कलाकारों व स्टालों के क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, ताकि पूरी पारदर्शिता के साथ निगरानी की जा सके। उन्होंने बताया कि मेला मैदान में आने वाले लाखों आगन्तुकों को थीम स्टेट मध्य-प्रदेश व उड़ीसा, बिम्सटेक देशों के साथ-साथ 50 देशों के कलाकार, बुनकर, शिल्पकार मेले में भागीदारी करेंगे, जबकि 15 राज्यों के पारंपरिक व लजीज व्यजनों का आनंद आमजन ले सकेंगे।
हरियाणा सरकार के प्रभावी प्रयासों से शिक्षा में ऐतिहासिक सुधार – ASER 2024 रिपोर्ट में शानदार प्रदर्शन
प्रदेश के छात्रों का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से रहा बेहतर: ASER 2024 रिपोर्ट
हरियाणा के बोर्ड परीक्षा परिणामों में भी हुआ अभूतपूर्व सुधार
2023 में 10वीं कक्षा का परिणाम 57.73% था, जो 2024 में बढ़कर 94% तक पहुंच गया
विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं के सुधार पर रहा सरकार का फोकस
सरकार की दूरदर्शिता और निरंतर प्रयासों से हरियाणा शिक्षा के क्षेत्र में देशभर के लिए बना प्रेरणा
चंडीगढ़, 31 जनवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के कुशल नेतृत्व में राज्य शिक्षा के क्षेत्र में एक नई ऊंचाई को छू रहा है। हाल ही में जारी ASER 2024 रिपोर्ट ने यह साबित कर दिया है कि राज्य सरकार द्वारा की गई दूरदर्शी नीतियां और अथक प्रयास रंग ला रहे हैं। कोविड-19 के बाद जब पूरे देश में शिक्षा प्रभावित हुई, तब हरियाणा सरकार ने त्वरित और प्रभावी कदम उठाते हुए विद्यालयों में सुधार की दिशा में कार्य किया। शिक्षा में सुधार की इस यात्रा में सरकार ने मजबूत नीतिगत ढांचे और सटीक रणनीतियों को अपनाया। सरकारी स्कूलों में एडमिशन के बढ़ते आंकड़े यह दर्शाते हैं कि प्रदेश में शिक्षा के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ा है। विद्यार्थियों की साक्षरता और संख्यात्मक दक्षता में सुधार ने हरियाणा को राष्ट्रीय औसत से कहीं आगे ला खड़ा किया है। यह न केवल राज्य के लिए गर्व की बात है बल्कि पूरे देश के लिए भी एक प्रेरणा है।
ASER 2024 रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा के छात्रों ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया। कक्षा 3, 5 और 8 में हरियाणा सरकार के स्कूलों में साक्षरता और संख्यात्मक दक्षता के परिणाम राष्ट्रीय औसत (सरकारी और निजी स्कूलों दोनों को मिलाकर) से बेहतर हैं।
राज्य में बोर्ड परीक्षा के परिणाम भी उल्लेखनीय रहे हैं। वर्ष 2023 में 10वीं कक्षा का परिणाम 57.73% था, जो 2024 में बढ़कर 94% तक पहुंच गया। इसी तरह, 12वीं कक्षा का परिणाम 80.66% से बढ़कर 83.35% हो गया। यह वृद्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला भी है।
शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए सरकार ने कई ठोस कदम उठाए हैं। प्रत्येक शिक्षक को 2024-25 शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 15-16 दिनों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। सभी स्कूलों की नियमित निगरानी की गई, जिससे शिक्षकों और छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन मिला। डिजिटल तकनीकों, मोबाइल ऐप और ऑनलाइन डैशबोर्ड्स का उपयोग करके शिक्षकों और छात्रों की प्रगति को ट्रैक किया गया। साथ ही, शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए सभी कक्षाओं के लिए शैक्षणिक सामग्री का वितरण समय पर, अप्रैल-मई 2024 में (शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में) सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं के सुधार पर भी सरकार का विशेष ध्यान रहा। 84% विद्यालयों में खेल के मैदान उपलब्ध हैं, जो राष्ट्रीय औसत 68% से कहीं अधिक हैं। इसी तरह, 74.6% विद्यालयों में शिक्षक-छात्र अनुपात (PTR) राष्ट्रीय औसत 63% से बेहतर है। सरकार ने 2024-25 में 65 पुस्तकालय कक्षों का निर्माण पूरा किया और 169 और निर्माणाधीन हैं, जिनके लिए कुल 30.27 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता 80% से अधिक है, जो राष्ट्रीय औसत 77% से बेहतर है। शौचालयों की उपलब्धता और उनके उपयोग के मामले में हरियाणा राष्ट्रीय औसत के बराबर है। विशेष रूप से, विद्यालयों में बालिका शौचालयों की उपलब्धता और उपयोग में पिछले वर्षों में लगातार वृद्धि देखी गई है, जो राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है।
हरियाणा सरकार की “NIPUN हरियाणा” और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत किए गए प्रयासों ने राज्य को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बना दिया है। सरकार की दूरदर्शिता और निरंतर प्रयासों से हरियाणा अब शिक्षा के क्षेत्र में देशभर के लिए एक प्रेरणा बन चुका है। यह प्रयास जारी रहेंगे ताकि प्रदेश का हर बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सके और हरियाणा शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करता रहे।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि शिक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, क्योंकि यह प्रदेश के समग्र विकास और उज्ज्वल भविष्य की नींव रखती है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है और इसके लिए सभी आवश्यक संसाधन, सुविधाएं और नीतिगत सुधार किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि हरियाणा का प्रत्येक विद्यार्थी न केवल शैक्षणिक रूप से सक्षम बने, बल्कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए भी तैयार हो।
मुख्य सचिव ने किया पंजाब एवं हरियाणा सिविल सचिवालय की सी.आई.एस.एफ. यूनिट के परेड ग्राउंड का उद्घाटन
चंडीगढ़, 31 जनवरी-हरियाणा के मुख्य सचिव डॉ. विवेक जोशी ने आज यहां पंजाब एवं हरियाणा सिविल सचिवालय की केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सी.आई.एस.एफ.) यूनिट के नवनिर्मित परेड ग्राउंड का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सी.आई.एस.एफ. की भूमिका को रेखांकित करते हुए डॉ. जोशी ने कहा कि यह बल देश के महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाता है और किसी भी सुरक्षा खतरे का सामना करने के लिए पूरी तरह सक्षम है।
मुख्य सचिव ने सी.आई.एस.एफ. कर्मियों के अटूट समर्पण और सेवा की सराहना करते हुए कहा कि नया परेड ग्राउंड उनके प्रशिक्षण और अभ्यास को और अधिक प्रभावी बनाएगा। उन्होंने कहा कि सी.आई.एस.एफ. मेट्रो स्टेशनों, हवाई अड्डों, जेलों, परमाणु संयंत्रों और यहां तक कि संसद की सुरक्षा जैसे विभिन्न स्थानों पर तैनात है। नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
गृह मंत्रालय में अपने कार्यकाल के दौरान सी.आई.एस.एफ. सहित विभिन्न सुरक्षा बलों के साथ काम करने के अपने अनुभव को साझा करते हुए डॉ. जोशी ने कहा कि सी.आई.एस.एफ. कर्मियों को चुनौतीपूर्ण माहौल में काम करना पड़ता है, क्योंकि खतरा किसी भी समय आ सकता है और उनके पास प्रतिक्रिया के लिए बहुत ही कम समय होता है। उन्होंने कहा कि शारीरिक शक्ति और मानसिक चुस्ती, दोनों ही उनकी तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्हें हर समय किसी भी खतरे या हमले से निपटने के लिए सतर्क रहना चाहिए।
मुख्य सचिव ने युवाओं में सी.आई.एस.एफ. में भर्ती होने के बढ़ते रुझान पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह बल की प्रतिष्ठा का प्रमाण है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार सी.आई.एस.एफ. को पूरा सहयोग देगी और उनके प्रशिक्षण ढांचे को उन्नत करने में हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।
इससे पहले, मुख्य सचिव ने सी.आई.एस.एफ. की टुकड़ी से गार्ड ऑफ ऑनर लिया और एक पौधा भी लगाया। उद्घाटन के बाद, बल के जवानों ने रिफ्लेक्स शूटिंग और आंखों पर पट्टी बांधकर हथियारों को अलग करने और जोड़ने का प्रदर्शन कर अपनी कुशलता का प्रदर्शन किया।
सी.आई.एस.एफ. यूनिट, पंजाब एवं हरियाणा सिविल सचिवालय के वरिष्ठ कमांडेंट योगेश प्रकाश सिंह ने इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में आने के लिए मुख्य सचिव का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि नए परेड ग्राउंड का उपयोग विभिन्न मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने के लिए किया जाएगा। उन्होंने कि सी.आई.एस.एफ. कर्मियों के लिए महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के विकास में हरियाणा सरकार के निरंतर समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जवानों की तैयारी, मनोबल और परिचालन दक्षता को बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।
इस अवसर पर हरियाणा लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ अनिल कुमार दहिया, सी.आई.एस.एफ. के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य कर्मचारी भी उपस्थित थे।

