
Gold–Silver Update: तीन दिन की गिरावट के बाद बाजार में लौटी रौनक, चांदी ₹2.80 लाख के पार; सोने में भी तेज उछाल
लगातार तीन कारोबारी दिनों की भारी गिरावट के बाद सर्राफा बाजार में मंगलवार को एक बार फिर तेजी देखने को मिली। सोना और चांदी दोनों की कीमतों ने जोरदार वापसी की, जिससे बाजार में सुस्ती का माहौल टूटता नजर आया। वैश्विक संकेतों में सुधार और डॉलर की कमजोरी ने कीमती धातुओं को नई मजबूती दी।

राजधानी दिल्ली समेत देश के प्रमुख सर्राफा बाजारों में चांदी की कीमतों में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई। निवेशकों ने हालिया गिरावट को खरीदारी का अवसर माना, जिसका सीधा असर दामों पर दिखाई दिया।
चांदी में तेज रिकवरी, ₹24,000 की बढ़त
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक, मंगलवार को चांदी ₹24,000 की छलांग के साथ ₹2,84,000 प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गई। इससे एक दिन पहले चांदी ₹52,000 टूटकर ₹2,60,000 प्रति किलो पर बंद हुई थी।
बीते तीन कारोबारी सत्रों में चांदी के दामों में करीब ₹1.44 लाख यानी लगभग 36 प्रतिशत की भारी गिरावट आई थी। गौरतलब है कि 29 जनवरी को चांदी ने ₹4,04,500 प्रति किलो का अब तक का उच्चतम स्तर छुआ था, जिसके बाद मुनाफावसूली का दौर शुरू हो गया था।
सोने ने भी पकड़ी रफ्तार
सोने के दामों में भी मजबूती देखने को मिली। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना ₹5,000 बढ़कर ₹1,57,700 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। सोमवार को इसका भाव ₹1,52,700 प्रति 10 ग्राम था।
हालांकि सोना अभी भी अपने रिकॉर्ड स्तर से नीचे बना हुआ है। 29 जनवरी को सोना ₹1,83,000 प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा था। उस स्तर से अब तक इसमें करीब 17 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है।
वैश्विक बाजारों से मिला सहारा
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कीमती धातुओं ने मजबूती दिखाई। स्पॉट सिल्वर में 12 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई और यह 88.77 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया। वहीं स्पॉट गोल्ड भी करीब 6 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,935 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता नजर आया।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, हालिया गिरावट के बाद बॉटम फिशिंग और शॉर्ट कवरिंग से कीमतों को सहारा मिला है। कोटक सिक्योरिटीज की एवीपी (कमोडिटी रिसर्च) कायनात चेनवाला का कहना है कि ऊंचे स्तरों से आई तेज गिरावट के बाद यह उछाल स्वाभाविक था। हालांकि आगे भी बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।
आगे की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों की नजर अब अमेरिका के रोजगार आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के संकेतों पर रहेगी। इसके अलावा चीनी बाजारों की गतिविधियां भी सोने और चांदी की चाल तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
कुल मिलाकर, तीन दिन की गिरावट के बाद आई यह तेजी बाजार में लौटते भरोसे का संकेत दे रही है, लेकिन निवेशकों को अभी भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
