
भारत-चीन व्यापार में नई रफ्तार, द्विपक्षीय कारोबार 155.6 अरब डॉलर के पार
भारत वैश्विक व्यापार मंच पर तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। हाल के महीनों में हुए बड़े व्यापारिक समझौतों के बीच अब भारत और चीन के बीच आर्थिक रिश्तों को लेकर भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 155.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो संबंधों में धीरे-धीरे आ रहे सुधार को दर्शाता है।
यह जानकारी नई दिल्ली में आयोजित चीनी नववर्ष समारोह के दौरान सामने आई। कार्यक्रम में भारत में चीन के राजदूत जू फेइहोंग ने कहा कि भारत और चीन के बीच व्यापारिक सहयोग लगातार बढ़ रहा है और भविष्य में इसे और विस्तार देने की संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने दोनों देशों के उद्योगों और व्यापारिक समुदायों के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी जोर दिया।
दरअसल, भारत इस समय एक सक्रिय और बहुआयामी व्यापार नीति पर काम कर रहा है। हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से अटके व्यापार समझौते पर सहमति बनी है। इसके तहत दोनों देशों ने पारस्परिक टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत करने का फैसला लिया है। इस कदम को भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों में एक नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है, जिससे निवेश, निर्यात और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
इसके अलावा 27 जनवरी को भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते से भारतीय उत्पादों को यूरोप के बाजारों में बेहतर पहुंच मिलेगी, जबकि यूरोपीय कंपनियों के लिए भारत में व्यापार और निवेश के रास्ते आसान होंगे।
इसी पृष्ठभूमि में चीन के साथ बढ़ता व्यापार भारत की संतुलित कूटनीति को दर्शाता है। राजनीतिक और रणनीतिक मतभेदों के बावजूद, दोनों देश आर्थिक मोर्चे पर व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-चीन व्यापार में यह वृद्धि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है।
आर्थिक जानकारों के अनुसार, आने वाले समय में यदि व्यापारिक बाधाओं को और कम किया जाता है और संवाद को मजबूत किया जाता है, तो दोनों देशों के बीच कारोबार नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकता है। इससे न केवल भारत और चीन, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।
कुल मिलाकर, अमेरिका, यूरोपीय संघ और चीन जैसे बड़े आर्थिक साझेदारों के साथ मजबूत होते व्यापारिक संबंध भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में और मजबूती से स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो रहे हैं।

