
Fatehpur Tragedy: धमकियों से परेशान परिवार ने उठाया खौफनाक कदम, युवक ने मां और चाचा के साथ की आत्महत्या; सुसाइड नोट से खुला राज
उत्तर प्रदेश के Fatehpur जिले में एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। घर के अंदर मां और बेटे के खून से लथपथ शव मिले, जबकि कुछ दूरी पर युवक का चाचा गंभीर हालत में पड़ा मिला। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

मामला शहर के Lucknow Bypass Road के पास चौफेरवा इलाके का है, जहां एक मकान के कमरे में यह दर्दनाक दृश्य सामने आया। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। जांच के दौरान एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ, जिसमें कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
परिवार में तीन लोग रहते थे साथ
जानकारी के अनुसार यह परिवार मूल रूप से Murain Tola का रहने वाला था। मृतकों की पहचान सुशीला श्रीवास्तव (55), उनके बेटे अमर श्रीवास्तव (29) और अमर के चाचा सुनील श्रीवास्तव (50) के रूप में हुई है।
करीब चार साल पहले परिवार ने अपना पैतृक मकान बेच दिया था। इसके बाद उन्होंने लखनऊ बाईपास के पास नया घर बनवाया और वहीं रहने लगे। परिवार करीब तीन साल से इसी मकान में रह रहा था।
घर के सामने ही एक छोटी किराने की दुकान भी चलाई जाती थी। इसके अलावा किराने के सामान की सप्लाई का काम भी किया जाता था। इस काम को अमर और उसके चाचा सुनील मिलकर संभालते थे।
पिता के घर लौटने पर हुआ खुलासा
घटना का पता उस समय चला जब परिवार के मुखिया सुशील श्रीवास्तव शाम को घर लौटे। वह दिन में अपनी बेटी दीपिका के घर गए हुए थे, जो शहर के पीरनपुर इलाके में रहती है।
वहां से उन्होंने दोपहर करीब दो बजे बेटे अमर को फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठा। कई बार कॉल करने के बाद भी जब जवाब नहीं मिला तो उन्हें चिंता होने लगी।
शाम करीब पांच बजे जब सुशील घर पहुंचे तो मुख्य गेट बाहर से बंद मिला। उन्होंने गेट खोलने की काफी कोशिश की, लेकिन जब दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने पड़ोसी के घर की छत के रास्ते अपने घर में प्रवेश किया।
खिड़की से दिखा खौफनाक दृश्य
घर के अंदर पहुंचकर उन्होंने कमरे की खिड़की से झांककर देखा तो अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। कमरे में चारों ओर खून फैला हुआ था और जमीन पर उनकी पत्नी और बेटे के शव पड़े हुए थे।
कमरे के पास ही उनका भाई सुनील कुर्सी के सहारे बैठा हुआ दिखाई दिया, जो गंभीर रूप से घायल था।
यह देखकर सुशील घबरा गए और तुरंत आसपास के लोगों को बुलाया। इसके बाद दरवाजे को तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया।
अस्पताल ले जाते समय हुई मौत
कमरे का दरवाजा तोड़ने के बाद लोगों ने देखा कि सुनील की सांस चल रही थी। उसे तुरंत इलाज के लिए District Hospital Fatehpur ले जाया गया।
लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मौके से मिले अहम सबूत
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और पूरे घर की जांच शुरू की। जांच के दौरान कमरे से ब्लेड और सल्फास का खाली पाउच बरामद हुआ।
मृतकों के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान भी पाए गए। मां और बेटे के हाथ और गर्दन पर कट के निशान थे, जबकि चाचा के हाथ की नस और गर्दन का हिस्सा भी कटा हुआ था।
डॉक्टरों के अनुसार तीनों के शरीर पर लगभग एक जैसे घाव मिले हैं और यह भी आशंका है कि उन्होंने जहर भी खाया था। इन परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मानकर जांच कर रही है।
सुसाइड नोट में लगाए आरोप
पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसे अमर द्वारा लिखा गया बताया जा रहा है। इस नोट में कुछ लोगों पर मानसिक प्रताड़ना और धमकाने का आरोप लगाया गया है।
नोट में लिखा गया है कि कुछ लोग लगातार उन्हें परेशान कर रहे थे और उनके खिलाफ लोगों को भड़का रहे थे। इसमें संजय सिंह, दिलीप त्रिवेदी उर्फ पप्पू, शुभम, सोनू और राहुल श्रीवास्तव जैसे नामों का जिक्र किया गया है।
अमर ने लिखा कि इन लोगों की वजह से परिवार लगातार तनाव में था और अब उनके पास कोई रास्ता नहीं बचा था।
कानून में फंसाने की धमकी
सुसाइड नोट में यह भी लिखा गया है कि उन्हें एक विशेष कानून के तहत झूठे केस में फंसाने की धमकी दी जा रही थी। इसी कारण वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गए थे।
नोट में यह भी उल्लेख है कि कुछ लोगों ने पैसे के लेनदेन को लेकर उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी।
अमर ने यह भी लिखा कि उनके जाने के बाद घर एक परिचित युवती को दे दिया जाए और उनकी बहन तथा बहनोई को कोई परेशान न करे।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
घटना के बाद पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों के नाम नोट में लिखे गए हैं, उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
इस संबंध में Pramod Shukla ने बताया कि आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
इलाके में पसरा सन्नाटा
एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से पूरे इलाके में शोक और सन्नाटा फैल गया है। पड़ोसी और परिचित इस घटना से बेहद दुखी हैं।
लोगों का कहना है कि परिवार सामान्य जीवन जी रहा था और किसी को अंदाजा नहीं था कि वे इतनी बड़ी परेशानी से गुजर रहे थे।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर किन परिस्थितियों ने परिवार को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।



