
बीजेपी सरकार में किसान मक्का का बीज ब्लैक में एमआरपी से ज्यादा कीमत पर खरीदने पर मजबूर हैंः चौ अभय सिंह चौटाला
बीजेपी सरकार में किसान मक्का का बीज ब्लैक में एमआरपी से ज्यादा कीमत पर खरीदने पर मजबूर हैंः चौ अभय सिंह चौटाला
इंडियन नेशनल लोकदल
बीजेपी सरकार में किसान मक्का का बीज ब्लैक में एमआरपी से ज्यादा कीमत पर खरीदने पर मजबूर हैंः चौ अभय सिंह चौटाला
बीजेपी सरकार में किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है पहले तो बीज महंगा खरीदना पड़ता है उसके बाद जब फसल पक कर तैयार हो जाती है तो वही फसल एमएसपी नहीं बिकती और सस्ते दामों में बेचने पर मजबूर होना पड़ता है
कुरूक्षेत्र, यमुनानगर, अंबाला और करनाल जिलों में मक्का बीज की धड़ल्ले से की जा रही है कालाबाजारी
चंडीगढ़, 14 फरवरी। इनेलो के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव चौ अभय सिंह चौटाला ने कहा कि बीजेपी सरकार किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। जहां किसानों को राहत देनी चाहिए वहां किसानों को ब्लैक में महंगे बीज, खाद और दवाईयां खरीदने पड़ रहे हैं। बीजेपी सरकार बड़े उद्योगपतियों की सरकार बनके रह गई है इसके कई उदाहरण सामने हैं जहां बड़े कॉर्पोरेट घरानों के लाखों करोड़ रूपए के कर्जे माफ कर दिए गए लेकिन कर्जे में डूबे किसानों को लगातार और ज्यादा कमजोर करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
उन्होंने कहा कि अब मक्के की बुआई का समय चल रहा है और किसानों को मक्के का बीज ब्लैक में एमआरपी से ज्यादा कीमत पर खरीदना पड़ रहा है। प्रदेश की बीजेपी सरकार किसानों को धान की फसल छोड़कर मक्का बीजने पर बोनस देने और फसल को एमएसपी पर खरीदने के लिए प्रोत्साहित तो करती है लेकिन न तो किसानों को मक्का का बीज एमआरपी पर भी उपलब्ध करवा पा रही है और न ही मक्का की फसल को एमएसपी पर खरीद रही है। न ही नमी का कोई पैमाना है। कुरूक्षेत्र, यमुनानगर, अंबाला और करनाल जिलों में किसान मक्का बीज को ब्लैक में खरीदने पर मजबूर हैं। बीजेपी सरकार बीज की कालाबाजारी पर रोक लगाने के बजाय कालाबाजारी करने वालों को संरक्षण दे रही है। पी1899 मक्का बीज का एमआरपी रेट 625 रूपए कि॰ग्रा॰ है जिसे दुकानदार कालाबजारी कर 900 से 1000 रूपए कि॰ग्रा॰ में सरेआम बेच रहे हैं जो कि एमआरपी के नियमों के विरूद्ध है। बीजेपी सरकार में किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है पहले तो बीज महंगा खरीदना पड़ता है उसके बाद जब फसल पक कर तैयार हो जाती है तो वही फसल एमएसपी नहीं बिकती और सस्ते दामों में बेचने पर मजबूर होना पड़ता है। बीजेपी सरकार तुरंत कालाबजारी पर रोक लगाए ताकि किसानों को तय रेट यानि एमआरपी पर मक्का का बीज मिल सके।



