
Bathinda में सनसनी: दस दिन में भाई-बहन की मौत का राज खुला, मां पर ही हत्या का आरोप
पंजाब के बठिंडा जिले के एक गांव में मासूम भाई-बहन की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। Phul थाना क्षेत्र के गांव फूलेवाला में दस दिन के भीतर दो बच्चों की मौत पहले तो सामान्य घटना समझी गई, लेकिन ग्रामीणों की सतर्कता ने इस मामले को एक भयावह अपराध में बदलते हुए सच सामने ला दिया।

जानकारी के अनुसार, पहले एक बच्ची की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई थी। परिवार ने इसे सामान्य बीमारी का मामला बताया और अंतिम संस्कार कर दिया गया। गांव वालों को उस समय कोई खास संदेह नहीं हुआ। लेकिन लगभग दस दिन बाद जब उसी महिला के सात वर्षीय बेटे की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, तो लोगों को शक होने लगा।
ग्रामीणों को लगा कि यह महज संयोग नहीं हो सकता। इसके बाद गांव के लोग और सरपंच एकजुट होकर पुलिस के पास पहुंचे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। लोगों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।
Punjab Police के अधिकारियों ने मामले की जांच के तहत सबसे पहले मृत बच्चे का पोस्टमार्टम करवाने का आदेश दिया। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने बच्चों की मां जस्सी कौर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। प्रारंभिक पूछताछ में ही मामला चौंकाने वाला मोड़ ले बैठा।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान महिला ने स्वीकार किया कि उसने अपने दोनों बच्चों को जहर दिया था। आरोप है कि उसने खाने में चूहे मारने की दवा मिलाकर उन्हें खिलाया, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि महिला ने यह कदम अपने कथित प्रेम संबंधों में बच्चों को बाधा मानकर उठाया।
जांच में यह भी सामने आया कि इस अपराध में महिला अकेली नहीं थी। उसने कथित तौर पर मोटो कौर और लक्खी सिंह नामक दो अन्य लोगों के साथ मिलकर योजना बनाई थी। पुलिस ने इस मामले में तीनों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज किया है। मुख्य आरोपी जस्सी कौर और मोटो कौर को हिरासत में ले लिया गया है, जबकि तीसरे आरोपी लक्खी सिंह की तलाश जारी है।
मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीणों की सतर्कता और समय पर सूचना मिलने के कारण ही इस घटना का सच सामने आ सका। यदि दूसरी मौत के बाद भी लोग चुप रहते, तो संभव है कि मामला हमेशा के लिए दब जाता।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की पहली मौत को भी अब हत्या के तौर पर देखा जा रहा है और पूरे घटनाक्रम की वैज्ञानिक जांच की जा रही है। फोरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और अन्य सबूतों के आधार पर केस को मजबूत किया जा रहा है, ताकि अदालत में दोषियों को सख्त सजा दिलाई जा सके।
इस घटना ने पूरे गांव ही नहीं, बल्कि आसपास के इलाकों को भी सदमे में डाल दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी मां द्वारा अपने ही बच्चों को नुकसान पहुंचाने की बात सुनना बेहद दर्दनाक है। लोगों ने पुलिस से मांग की है कि मामले की त्वरित सुनवाई कर आरोपियों को कठोर सजा दिलाई जाए, ताकि समाज में ऐसा अपराध दोहराया न जा सके।
पुलिस ने कहा है कि जांच अभी जारी है और आरोपी लक्खी सिंह को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस अपराध में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी।
यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि पारिवारिक तनाव, अस्थिर रिश्ते और मानसिक दबाव कई बार अपराध का कारण बन जाते हैं। ऐसे मामलों में समय रहते सामाजिक और कानूनी मदद लेना बेहद जरूरी होता है।
फिलहाल पुलिस इस मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है और गांव में शांति बनाए रखने के लिए निगरानी भी बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जांच पूरी होने के बाद इस दर्दनाक घटना का पूरा सच सामने आएगा और दोषियों को न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।



